उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 5 दिसंबर 2019 को जो कुछ हुआ वह दिल दहला देने वाला रहा। यहां दो दिन पहले जमानत पर छूटे गैंगरेप के 2 आरोपियों ने गुरुवार तड़के पीड़ित युवती को जला दिया। पीड़िता एक किलोमीटर तक मदद के लिए आग की लपटों के बीच दौड़ती रही, फिर एक व्यक्ति ने उसकी मदद की तब जाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर भेजा। यहां से देर शाम एअर एंबुलेस से इलाज के लिए उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल ले जाया गया। इस घटना को लेकर एक बार फिर पूरे देश में गुस्सा दिख रहा है। पीड़ित को पांच आरोपियों ने आग लगाई। हलांकि पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें शिवम त्रिवेदी, उसके पिता रामकिशोर, शुभम त्रिवेदी, हरिशंकर और उमेश बाजपेयी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के हिंदूनगर की है। पीड़ित गैंगरेप मामले की सुनवाई के लिए रायबरेली कोर्ट जा रही थी। वह ट्रेन पकड़ने के लिए जा रही थी, तभी रास्ते में पहले से बैठे दोनों मुख्य आरोपी शुभम और शिवम त्रिवेदी और उनके तीन साथियों ने युवती को घेरा। इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़ित की हालत गंभीर है। वह 90% जल चुकी है। युवती ने बयान में आरोपियों के नाम बताए हैं। पुलिस ने बताया कि शुभम और शिवम गैंगरेप मामले में दो दिन पहले ही जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। रायबरेली कोर्ट के आदेश पर रेप का केस दर्ज किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा- पीड़ित को चिकित्सा सुविधा मिलेगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित को सरकारी खर्च पर हरसंभव चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। प्रदेश सरकार मामले की पैरवी कर शीघ्र न्याय दिलवाएगी। योगी ने इस मामले में कमिश्नर और डीआईजी से आज शाम तक पूरी रिपोर्ट मांगी है।
दिसंबर 2018 में गैंगरेप, 4 महीने बाद केस दर्ज हुआ था
मार्च में युवती ने गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई थी। युवती ने बताया था कि गांव के रहने वाले शिवम त्रिवेदी से उसका प्रेम संबंध था। शिवम ने उसका रायबरेली ले जाकर रेप किया और वीडियो बना लिया। इसके बाद लगातार रेप करता रहा। शादी का दबाव बनाया तो रायबरेली ले जाकर एक कमरे में रख दिया। यहां नजरबंद कर दिया। इसके बाद 12 दिसंबर 2018 को आरोपी शिवम अपने साथी शुभम त्रिवेदी के साथ आया। दोनों मंदिर में शादी कराने के बहाने ले गए और गैंगरेप किया। बिहार पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के आगे विपक्ष की सभी चाले ध्वस्त

सौ सोनार की,एक लोहार की कहावत चरितार्थ कर दिखाया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल...!!!
जम्मू कश्मीर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल जी, पिछले 2 घण्टों से श्रीनगर के डाऊन टाऊन इलाके की सड़कों पर घूम घूम के लोगों से मिल रहे हैं। उनका हाल सुन रहे हैं। उनसे बात कर रहे हैं। ज्ञात रहे कि श्रीनगर का डाऊन टाऊन इलाका कश्मीर के बवालियों उपद्रवियों दंगाइयों का सबसे बड़ा और मजबूत गढ़ रहा है। आज़ादी के बाद से सन 1996-97 तक राजनीतिक रूप से नेशनल कॉन्फ्रेंस की सर्वाधिक मजबूत पकड़ वाले इलाके की पहचान वाले डाऊन टाऊन में पिछले 2 दशकों से पीडीपी का ही एकछत्र राज चलता रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कश्मीर की शांति व्यवस्था का सबसे बड़ा कोढ़ डाऊन टाऊन इलाका ही रहा है। ऐसे संवेदनशील इलाके की सड़कों गलियों में "जुमे" के दिन घुसकर वहां रह रहे आम नागरिकों से सीधे संवाद करने की अजित डोवाल जी की रणनीति उनके आत्मविश्वास और उनके साहस की परिचायक है। इससे पहले आतंकवादियों के सबसे मजबूत गढ़ रहे शोपियां की सड़कों पर पूरा दिन गुजार चुके हैं,अजित डोवाल।

अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना पर पड़ा छापा एडिशनल सीएमओ ने किया मद्रासी दवाखाना को सीज

क्षार सूत्र से बवासीर के रोगियों की सर्जरी करने का दावा करता था,कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव...!!!
समाजसेवी एवं अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा ने अपने बड़े भाई सीएम ओझा की मौत का जिम्मेवार मानते हुए मद्रासी दवाखाने और उसके स्वामी पी.एम.राव के विरुद्ध शीत युद्ध की शुरुवात करके आज ये साबित कर दिया कि आज भी हक की लड़ाई लड़ने वाले के खिलाफ भ्रष्ट व्यवस्था भी घुटने टेक देती है...!!!
अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा द्वारा कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध की चलाई गई मुहिम रंग लाई और स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को मजबूर होकर कठित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए होना पड़ा विवश...!!!
कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव ने समाजसेवी आनन्द मोहन ओझा पर भी तमाम तरह का लगया था,आरोप। ब्लैकमेलिंग तक के लगाए थे,आरोप। लिखाया था,कोतवाली नगर में मुकदमा। परंतु दृढ़ इच्छाशक्ति के धनी व्यक्ति आनन्द मोहन ओझा बिना किसी संकोच के अपना विरोध और कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध अपना अभियान रखा,जारी...!!!
पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अफसरों ने मद्रासी दवाखाना को किया था,सीज। परंतु चाँदी वाला जूता मारकर कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम राव ने खोल लिया,मद्रासी दवाखाना। देखने लायक बात होगी कि भ्रष्ट स्वास्थ्य महकमा इस बार कितने दिनों बाद तथाकथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव को पुनः मद्रासी दवाखाना खोलने की छूट देता है...!!!
प्रतापगढ़। राजापाल टंकी के नाम से प्रसिद्द चौराहा के बगल भदरी हाउस के पास लम्बे अर्से से अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना पर एडिशनल सीएमओ ने छापा डालकर उसे सीज कर दिया। अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने का फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहा था। सीएमओ के निर्देश पर एडिशनल सीएमओ डॉ.सी पी शर्मा और स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी डॉ.आर.पी.सिंह ने मंगलवार दिनांक:- 13अगस्त 2019 को मद्रासी दवाखाना पर छापा मारकर उसके विरुद्ध कार्यवाही किया। एडिशनल सीएमओ ने वहां इलाज करा रहे मरीजों को जिला चिकित्सालय में शिफ्ट कराया। लम्बे अर्से से बगैर डिग्री-डिप्लोमा के अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना का फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव बवासीर और भगंदर जैसी गंभीर बीमारियों का शर्तिया इलाज करने का दावा कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा था। क्लीनिक के प्रचार-प्रसार के लिए वह समय-समय पर ग्रामीण इलाकों में पम्पलेट बंटवाकर लोगों को गुमराह करने का काम करवा रहा था। उसके इलाज से अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने आरटीआई एक्ट के तहत आनन्द मोहन ओझा को उक्त अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने के सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध कराया है कि उक्त अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने के फर्जी चिकित्सक पीएम राव के पास कोई डिग्री नहीं है,परन्तु वह अपने नाम से पूर्व डॉक्टर लिखता है। सीएमओ ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि उक्त फर्जी डॉक्टर स्वयं को उक्त दवाखाना का अधिकृत चिकित्सक बताता है। उक्त दवाखाना पूर्व में डॉ.अफ्फान अली के नाम से पंजीकृत किया गया था तथा पीएम राव को पैरा मेडिकल स्टाफ के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया था,परन्तु उक्त दवाखाने पर डॉ.अफ्फान अली कभी नहीं आते थे। कथित फर्जी चिकित्सक पीएम राव द्वारा उक्त दवाखाने पर मरीज देखने और ऑपरेशन किए जाने की शिकायत के पुष्ट होने पर उक्त दवाखाने का लाइसेन्स वर्ष-2011 में निरस्त कर दिया गया था। फर्जी चिकित्सक पी एम राव के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करा दी गयी थी,फिर भी उक्त दवाखाना भ्रष्ट स्वास्थ्य महकमें की कृपा पर अवैध ढंग से लगातार संचालित होता रहा।
उक्त मद्रासी दवाखाने पर मरीज देखे जाने व ऑपरेशन किए जाने की सूचना लगातार मिलने पर औचक निरीक्षण में उक्त दवाखाने का कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव मौके पर नहीं मिल रहा था। ऐसा सीएमओ कार्यालय के छापामारी के लिए नियुक्त जिम्मेदार लोगों का कहना था,मद्रासी दवाखाना जैसे सैकड़ों हजारों झोलाछाप चिकित्सकों की जनपद में भरमार है। जितने चिकित्सक व उनकी दवाखाने का सीएमओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन किया गया है,उससे तीन गुना फर्जी चिकित्सक और उनके दवाखाने संचालित हैं। दवाखाने ही नहीं बल्कि सीएमओ कार्यालय की कृपा पर बड़ी-बड़ी अस्पताल और नर्सिंग होम तक संचालित हैं। सबसे सीएमओ कार्यालय ने महीना बाँध रखा है। सीएमओ कार्यालय की ही कृपा पर मद्रासी दवाखाना संचालित था और भविष्य में मोटी रकम लेकर पुनः संचालित किया जायेगा। हलांकि मद्रासी दवाखाना के प्रकरण में सीएमओ डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मद्रासी दवाखाना और उसके संचालक सहित डॉ.पी.एम. राव विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही विभागीय विधिक कार्यवाही भी की जाएगी। लम्बे अर्से से अवैध ढंग से मद्रासी दवाखाना चलाकर व्यवस्था को मुंह चिढा रहे फर्जी चिकित्सक डॉ.पी एम राव को कानून के दायरे में लाकर स्वयं व्यवस्था को पुष्ट करते हुए उसके अपराधों के अनुपात में दण्डित कराए जाने हेतु प्रदर्शित की गयी उत्कृष्ट संवेदनशीलता के लिए अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा जी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रतापगढ़ एवं उनकी टीम के प्रति कृतज्ञता सहित आभार व्यक्त किया तथा प्रकरण को पर्याप्त कवरेज देने के लिए मीडिया को भी साधुवाद दिया है।

पेट्रोलियम कम्पनियों की मिलीभगत से रिटेल आउटलेट पेट्रोल पंप डीलरों द्वारा किये जाते हैं,बड़े-बड़े खेल

मेसर्स प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर,बाबागंज के डीलर और बीपीसीएल के अधिकारियों ने जानबूझकर तथ्यों को छिपाते हुए संचालित कर रखा है,रिटेल आउटलेट पेट्रोल पंप का धंधा ...!!!
डीलर की सह पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरशन लिमिटेड के कुछ भ्रष्ट अधिकारी डीलर के इस खेल में शामिल थे,बाद में तत्कालीन भ्रष्ट जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार के 6माह में बदल गए थे,बोल...!!!
रिश्वत लेकर 6माह में संशोधित सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र पत्रांक संख्या:-273/जे.ए./1999 दिनांक:- 02दिसंबर,1999 कर दिया,जारी...!!!
संशोधित सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र पत्रांक संख्या:-273/जे.ए./1999 दिनांक:-02दिसंबर,1999 के तहत पेट्रोलियम नियम-1976 के नियम-153 की उड़ाई गई धज्जियाँ,पहले कमी निकालो और जब चढ़ावा चढ़ जाए तो रिश्वतखोर अधिकारी बीच का रास्ता निकाल लेते हैं और मोटी रकम वसूल करने की होती है,इनकी हैबिट...!!!
चाँदी वाला जूता पाते ही बदल जाते हैं,अधिकारियों के बोल। सही को गलत और गलत को सही साबित करने में लगा देते हैं,सारी शक्ति। सारे कायदे कानून को धता बताकर कर देते हैं,कार्य। एक पेट्रोल पंप के लाईसेंस के लिये बनाई गई है,नियमावली। दर्जनों विभागों से NOC लेने के बाद ही दिया जाता है,पेट्रोल/डीजल बिक्री करने हेतु रिटेल आउटलेट पंप को संचालित करने का लाईसेंस। इतने नियम कानून के बाद भी रिटेल आउटलेट का लाईसेंस प्राप्त करने वाला ब्यक्ति खेल कर लेता है। यानि प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर बाबागंज के डीलर द्वारा एक ही लाईसेंस पर दो स्थानों पर रिटेल आउटलेट पेट्रोल/डीजल पंप का संचालन करना नियम विरुद्ध है,परंतु भ्रष्ट अधिकारियों की कृपा कर नियम विरुद्ध पंप का संचालन खुलेआम किया जा रहा है...!!!
तत्कालीन जिलाधिकारी प्रतापगढ़ जितेंद्र कुमार ने माह जुलाई,1999 में बीपीसीएल के अधिकारी को पत्र लिखकर पेट्रोल पंप के कारण असुरक्षा की भयावह स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा, यातायात की सुविधा तथा जनहित में मेसर्स प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर, बाबागंज की पेट्रोल पंप संपूर्ण रिटेल आउटलेट को वर्तमान स्थल यानि बाबागंज से नवीन प्लाट पर शीघ्र स्थानांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं कृत कार्यवाही से स्वयं को अवगत कराने के लिए आदेश जारी किए थे,वही जिलाधिकारी महोदय महज 6 माह में संशोधित अनापत्ति प्रमाण पत्र पत्रांक संख्या:-273/जे.ए./1999 दिनांक:- 02दिसंबर,1999 जारी कर दिया। लीज डीड की समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि भू स्वामी अपनी उक्त भूमि की लीज की डीड का समय बढ़ाकर डीलर के पक्ष में नहीं किया जाता तो जबरन उक्त भूमि पर अनापत्ति प्रमाण पत्र नियमत: नहीं जारी किया जा सकता। प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर बाबागंज की भूमि की लीज डीड का भूस्वामी ने नहीं किया रिन्यूअल। अर्थात नियम कानून को ताक पर रखकर चाँदी वाला जूता भेंट कर नियम विरुद्ध अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर संचालित है,प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर बाबागंज की पेट्रोल पंप...!!!
जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने रीजनल मैनेजर, बीपीसीएल लखनऊ को लिखे पत्र संख्या:- 1992/शिविर-99 दिनांक:- 17 जुलाई,1999 में स्पष्ट किया है कि प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर बाबागंज की पेट्रोल पंप प्रतापगढ़ नगर के अत्यंत व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है, इससे मिला हुआ एक बड़ा होटल व अगल-बगल हलवाई की स्थाई दुकाने एवं सब्जी की दुकाने हैं। उक्त स्थल पर सड़क की चौड़ाई व पंप स्थल का क्षेत्रफल काफी कम है। यहाँ पर भीड़-भाड़ अधिक रहती है,जिससे पेट्रोल आदि भराने आए वाहनों, स्कूटरों आदि से ट्राफिक जाम होकर दुर्घटना घटित होने की संभावना बनी रहती है। इस पेट्रोल-डीजल पंप से उत्पन्न समस्याओं और असुरक्षा की भयावह स्थिति का उल्लेख करते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने जनहित में इसे अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए बीपीसीएल को पत्र लिखा था। जनपद के माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी उक्त पंप को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने पर बराबर पत्र व्यवहार किया जा रहा है। इसका क्षेत्रफल भी मानक के अनुरूप नहीं है। बीपीसीएल द्वारा उक्त पेट्रोल पंप के स्थानांतरण हेतु नगर के अंदर ही इसी स्टेट हाई-वे पर वर्तमान पंप स्थल से आधा किमी की दूरी पर मोहल्ला सहोदरपुर में अनुकूल व सुरक्षित क्षेत्र में वर्तमान प्लाट से तीन गुना बड़ा एक प्लाट लंबी लीज अवधि पर लिया जाना बताया गया है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उक्त पेट्रोल पंप को अन्यत्र स्थानान्तरण करना अति आवश्यक है। उक्त पत्र को जारी हुए बीस बरस बीत गए,परंतु भ्रष्ट व्यवस्था के अर्थवादी युग में उक्त पेट्रोल पंप का स्थानांतरण आज तक नहीं हो सका...!!!
विस्फोटक विभाग, आगरा स्थित कार्यालय संयुक्त मुख्य-विस्फोटक नियंत्रक ने पत्र लिखकर जताई थी,नाराजगी और उठाया था,आपत्तिजनक सवाल। विस्फोटक विभाग,आगरा स्थित कार्यालय संयुक्त मुख्य-विस्फोटक नियंत्रक के पत्रांक संख्या-यू पी-5461 दिनांक:-25/05/2000 के पत्र से डीलर और बी पी सी कम्पनी के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के खेल का हुआ था,पर्दाफाश। टेररिटरी मैनेजर BPCL को लिखे पत्र में विस्फोटक विभाग ने सवाल खड़े किये हैं कि दिनांक:-16-12 -1998 से दिनांक:- 03-02-2000 के द्वारा एक नए रिटेल आउटलेट के सम्बन्ध में अनुमोदन हेतु प्रपत्र दिए गए थे,उसके उपरांत दिनांक:- 02-03-2000 को पुनः कुछ परिवर्तन करके संशोधित अनुमोदन हेतु पत्र प्रेषित किया गया एवं दिनांक:- 16-03-1999 के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र के साथ अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए पत्राचार किये गए,परन्तु किसी भी पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि यह रिसाइटमेंट का केस है। जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय से शिविर-जे.ए./2000 दिनांक:- 11-05-2000 के पत्र से स्पष्ट हुआ कि कार्यालय- जिलाधिकारी,प्रतापगढ़ द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र संख्या-487 /जे.ए./99 दिनांक:- 31-03-99 को निरस्त कर निष्प्रभावी करते हुए संशोधित अनापत्ति प्रमाण पत्र संख्या- 273/जे.ए./99 दिनांक:- 02-12-99 जारी किया गया अर्थात अनापत्ति प्रमाण पत्र संख्या- 487/जे.ए./99 दिनांक:- 31-03-99 जिसके आधार पर अनुज्ञप्ति संख्या यूपी- 5461जारी की गई थी, उसे निरस्त कर दिया गया है...!!!
प्रतापगढ़ ऑटो स्टोर (गफ्फार पेट्रोल पम्प) बाबागंज, प्रतापगढ़ के डीलर द्वारा पेट्रोलियम मंत्रालय से लेकर BPC कंपनी एवं जिला प्रशासन सहित विस्फोटक विभाग बाबागंज की लीज जमीन का एग्रीमेंट समाप्त होने के बाद पंप डीलर ने रिसाइटमेंट की केस के तथ्यों को जानबूझकर छिपाकर नए पेट्रोल पंप की तरह अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज के सामने तालाबी आराजी की भूमि पर विस्फोटक विभाग से नई अनुज्ञप्ति चाहते थे। जबकि डीलर और BPCL के अधिकारीगण अपनी पुरानी पेट्रोल/डीजल रिटेल आउटलेट को जनहित में बाबागंज से स्थानांतरित करके सहोदरपुर पश्चिमी में सिफ्ट करने के लिए आवेदन किये थे। विस्फोटक विभाग ने BPCL के टेररिटरी मैनेजर को लिखे पत्र में ये भी हवाला दिया है कि दिनांक:-12-10-1999 को जिस पत्र के माध्यम से अनुज्ञप्ति संख्या-2304 जारी की गई है,उसका समय-समय पर उप मुख्य विस्फोटक नियत्रंक,इलाहाबाद के द्वारा निरीक्षण किया गया तथा उनके समसंख्यक पत्र दिनांक:- 25-01-1999, 30-07-1999, 08-10-1999 एवं 15-11-1999 के द्वारा निरीक्षण के समय पायी गई गंभीर त्रुटियाँ सूचित की गई थी जिसके सन्दर्भ में  BPCL के अधिकारियों ने दिनांक:- 25-01-1999 को पत्र लिखकर विस्फोटक विभाग को बताया था कि सम्बन्धित अधिकारी का तवादाला हो गया है,लिहाजा 50 दिनों का समय सुधार हेतु चाहिए। विस्फोटक विभाग के अधिकारियों ने BPCLके अधिकारियों के ऊपर यहाँ और लगाये हैं कि विस्फोटक विभाग के द्वारा जारी पत्रों का जवाब BPCL के अधिकारियों द्वारा नहीं दिया जाता और न ही प्रकरण के सम्बन्ध में जारी किये गए पत्रों को ही गंभीरता से लिया जाता। यानि मनमानीपूर्ण रवैया की खुली छूट पेट्रोलियम मंत्रालय ने भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड को दे रखा है...!!!

लद्दाख से चुनकर आये 34 वर्षीय नौजवान सांसद जमया सेरिंग नामग्याल ने सदन में विपक्षियों की बोलती कर दी,बंद

नौजवान सांसद जमया सेरिंग नामग्याल के तीखे तथ्यों ज्वलंत सवालों और अकाट्य तर्कों की बौछार से पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के सांसदों को कराया,अग्निस्नान...!!!
होनहार बिरवान के होत चीकने पात की कहावत को चरितार्थ करने वालों की आज भी कमी नहीं है क्षेत्र कोई भी हो पर काबिल लोंगो की कमी नहीं रहती राजनीतिक क्षेत्र में भी अनेक प्रतिभाएं देखने को मिल जाती हैं। देश के कोने-कोने से लोकसभा के सदस्य चुनकर आते हैं। कुछ में ऐसी प्रतिभा रहती है कि वो देश के प्रति कुछ कर गुजरने की दृढ़ इच्छाशक्ति कूट-कूट कर समाहित रहती है ऐसे प्रतिभाएं आने वाले कल के भारत के भविष्य होंगीआज लोकसभा में धारा 370 पर हो रही बहस में लद्दाख से चुनकर आये 34 वर्षीय नौजवान सांसद जमया सेरिंग नामग्याल ने आज मंत्रमुग्ध कर देने वाले अपने सम्बोधन में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस द्वारा कश्मीर में किये गए कुकर्मों का कच्चा चिट्ठा जिसतरह संसद में खोला उसे सुनकर मन हर्ष से सराबोर हो गया। नौजवान जमया सेरिंग नामग्याल के पूरे सम्बोधन के दौरान गृहमंत्री अमितशाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत पूरा भाजपाई खेमा हंसते मुस्कुराते हुए लगातार मेजें थपथपा कर उनका अभिवादन कर रहा था और इसके ठीक विपरीत नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी सांसदों समेत पूरे कांग्रेसी खेमे को सांप सूंघ गया था। सबके चेहरे बुरी तरह लटके हुए थे, हवाइयां उड़ रहीं थीं। नौजवान सांसद जमया सेरिंग नामग्याल के तीखे तथ्यों ज्वलंत सवालों और अकाट्य तर्कों की बौछार पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के सांसदों को अग्निस्नान करा रही थी। ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि कश्मीर की धरती का एक नौजवान सपूत जमीनी सच्चाईयों का आईना तथ्यों के साथ उनको दिखा रहा था। नौजवान जमया सेरिंग नामग्याल सरीखे सांसद ही आनेवाले कल के भारत के भविष्य हैंउम्मीद है कि इस 34 वर्षीय नौजवान सांसद जमया सेरिंग नामग्याल से सबसे पुरानी पार्टी का 50 बरस का तथाकथित नौजवान नेता कुछ सीखेगा...!!!

सिक्स लेन पुल के लिए दो सौ एकड़ जमीन चिह्नित

पवित्र पावन नगरी प्रयागराज की धरती पर हिंदुओ की आराध्य नगरी अयोध्या और चित्रकूट को जोड़ने के लिए माँ गंगा पर फाफामऊ और रसूलाबाद अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद की अंत्येष्टि स्थली के पश्चिमी सिरे पर सिक्स लेन पुल बन जाने से लोगों को मिलेगी बड़ी राहत...!!!
सिंगल लेन फाफामऊ ब्रिज पर लगने वाले जाम से भी लोगों को मिल जाएगी,निजात...!!!
एक्स्ट्रा डोज ब्रिज का निर्माण इसी साल शुरू कराने की कवायद शुरू...!!!
प्रयागराज। गंगा पर मंजूर फाफामऊ सिक्स लेन पुल के लिए लगभग दो सौ एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही इसका अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए सदर तथा सोरांव तहसील के नौ गांवों की जमीन अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। केंद्र और प्रदेश की महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल इस एक्स्ट्रा डोज ब्रिज का निर्माण इसी साल शुरू कराने के लिए कोशिश तेज कर दी गई हैं। तीन वर्ष में इसे बनाए जाने का लक्ष्य है। इसलिए सरकार की मंशा है कि विधानसभा चुनाव 2022 के पहले इस पुल से आवागमन शुरू करा दिया जाए। 
पुल के लिए यहां की जाएगी जमीन अधिग्रहीत...!!!
सदर तहसील के मेंहदौरी कछार, म्योराबाद, असदुल्ला पुर नकौली कछा, बेली कछार व बेली उपरहार तथा सोरांव तहसील के मोरहू कछार, मोरहू उपरहार, मलाक हरहर उपरहार, बेला कछार फाफामऊ की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। काश्तकारों को नोटिस भेजकर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना दिया जाएगा। 
शहर के करीब सात सौ मकान आएंगे जद में फाफामऊ के पास मलाक हरहर से शहर के स्टेनली रोड तक प्रस्तावित सिक्स लेन पुल के निर्माण को लेकर शहर में स्थित विभिन्न मोहल्लों के लगभग सात सौ मकान भी जद में आएंगे, जिन्हें ध्वस्त कराया जाएगा। इन मकानों के मालिकों को नोटिस भेज दिया गया है। पुल के बन जाने से शहर तथा गंगापार की बड़ी आबादी को आवागमन में सुविधा होगी। लगभग 10 किमी लंबे इस सिक्स लेन पुल के लिए सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दे दी है। 
खास बातें...
- यह एक्स्ट्रा डोज पुल प्रदेश का एकमात्र होगा, जो केबल व बाक्स पर बनेगा...!!!
- 10 किमी लंबा होगा फाफामऊ में एक्स्ट्रा डोज ब्रिज...!!!
- 02 हजार करोड़ रुपये के बजट को मिल चुकी है,मंजूरी...!!! 
- 04 सौ से ज्यादा किसानों की जमीन की जाएगी अधिग्रहीत...!!!
- 02 तहसीलों के नौ गांवों की जमीन पुल के लिए ली जाएगी...!!!

इसका कारण क्या है

आज़म ख़ान ने रमादेवी के ख़िलाफ़ अश्लील भद्दी अपमानजनक बयानबाजी पहली बार नहीं की। उसने सबसे पहले भारत माता को गाली दी थी। फिर उमाभारती, जयाप्रदा मायावती तक अनेक ऐसे प्रकरण हैं जो यह बताते हैं कि आज़म खान का मुंह लम्बे समय से महिलाओं के ख़िलाफ़ किसी गटर की तरह गंदगी उगलता रहा है। अमरसिंह की पत्नी और उनकी नाबालिग किशोर दोनों बेटियों को तेज़ाब से नहला कर जिंदा जला डालने का एलान खुलेआम करता रहा है।लेकिन क्या कारण है कि पिछले 25-30 वर्षों से आज़म ख़ान ने जिन महिलाओं के ख़िलाफ़ ज़हर भरी गंदगी उगली है उन महिलाओं में एक भी नाम किसी मुसलमान महिला का नहीं है। यहां तक कि रामपुर की बेगम नूरबानो, जो इस आज़म खान की सबसे बड़ी राजनीतिक विरोधी रही हैं। लेकिन आज़म खान ने उनके ख़िलाफ़ भी कभी कोई अश्लील अभद्र टिप्पणी नहीं की। जबकि भारत माता से लेकर सांसद रमाबाई तक, उन महिलाओं के नाम की सूची बहुत लम्बी है जो हिन्दू हैं और जिनके खिलाफ आज़म ख़ान अपने मुंह से गटर की तरह गंदगी उंडेलता चला आया है। सेक्युलरिज्म का सीवर टैंक अपनी खोपड़ी पर लादे घूम रहे वैचारिक लफंगे, विशेषकर वो उनचासिया (49) लफंगे जिन्होंने कल प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। वो सभी वैचारिक लफंगे आज़म खान के दिमाग में किसी सीवर की गंदगी की तरह बह रही इस भयंकर बदबूदार कम्युनल गंदगी के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री को चिट्ठी कब लिखेंगे।