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शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

सीडीओ प्रतापगढ़ रहे डॉ अमित पाल शर्मा के तवादले से ब्यथित होकर परियोजना निदेशक डॉ आर सी शर्मा ने लिखा सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट

एक भी आवास पूरा नहीं हुआ। यह हमारी विफलता है। हमें अपनी भावनाओं पर काबू रख कर कर्तव्य का पालन करना ही चाहिए-डॉ आरसी शर्मा (पीडी)
समस्त आंकिक/खण्ड विकास अधिकारी को डॉ आरसी शर्मा (पीडी) ने मुख्य विकास अधिकारी डा. अमित पाल शर्मा के कार्यकाल और ब्यक्तित्व के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा भावनात्मक पोस्ट...
 मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा...
जनपद के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा जी ने सात माह से भी कम समय में विकास विभाग में अपने सत्यनिष्ठ,  समर्पित,  ऊर्जावान, संवेदनशील, मानवीय और चुम्बकीय व्यक्तित्व से जनपद को विकास की एक नई ऊंचाई प्रदान की। हमने इस जनपद में अनेक मुख्य विकास अधिकारी देखे किन्तु वह मेरी सेवा के अब तक के सबसे अधिक आकर्षक व्यक्तित्व के अधिकारी रहे। फकीर की सी सादगी, त्याग और तपस्या की मूर्ति।इस जनपद में उनका अंतिम दिन और भी हैरान करने वाला था। 29/7/2020 की रात में 11-45 पर स्थानांतरण आदेश मिलते ही सामान की पैकिंग चालू कर दिये। रात में एक बजे डीएम सर को फोन कर रिलीविंग चाहते थे किन्तु फोन नहीं उठा। 

किसी तरह से रात ब्यतीत करने के उपरांत सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने 30/7/2020 की प्रातः 9-30 पर डीएम सर से भेंट की और सायं सात बजे अपने सारे सामान के साथ जनपद से प्रस्थान कर गए ! स्थानांतरण के 18 घंटे से भी कम समय में उसका पूरी तरह से अनुपालन ! अपनी पूरी सेवा काल मुझे ऐसा कोई उदाहरण ज्ञात नहीं है। तीन माह से कम समय में भी जनपद में 230000 आधार सीडिंग करते हुए 100% आधार सीडिंग की गयी। जनपद के कुल 62743 प्रधानमंत्री आवासों में मात्र 404 आवास अपूर्ण हैं। परियोजना निदेशक के दायित्व से संबंधित समस्त कार्य बिना एक क्षण के विलम्ब के अभूतपूर्व तेजी से पूरा हुए। कोई भी पत्रावली एक सेकेण्ड के बिलम्ब के बिना निस्तारित की गयी। अभूतपूर्व तेजी। 

सीडीओ के रूप में केवल ग्राम्य विकास ही नहीं, पंचायतीराज विभाग ने भी अभूतपूर्व तेजी से काम किया, विशेष कर अरबों रूपये जनपद और ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि-6 खाते से बाहर कर गरीबों के खाते में पहुंचे, जो वर्षों से इन खातों में डंप पड़े थे। शुरुवाती दिनों में सीडीओ के पदभार ग्रहण करने के बाद जिस तेजी से डॉ. अमित पाल शर्मा कार्य करना शुरू किये, परन्तु जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की दखल से उसमें कमी आई। फिर भी अन्य सीडीओ से बेहतर परफार्मेंस रहा। शिक्षा विभाग भी आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं से लैश हुआ। उनके व्यक्तित्व का चुम्बकीय आकर्षण सब में काम करने की प्रेरणा भरता था, सदैव प्रसन्न और हंसमुख चेहरा, उत्साह से लबरेज़ !
    
डॉ. अमित शर्मा इस जनपद के सीडीओ के एक अच्छे कार्यकाल के लिए दीर्घकाल तक जनपद वासियों की स्मृति में बने रहेंगे। उनका अंतिम दिन तो हतभ्रभ करने वाला था। मैं लगभग दिन भर चक्कर लगाता रहा। वह एक मिनट भी रूकने को तैयार नहीं थे, जैसे शेर पिंजड़े में बेचैन हो घूमता है, कुछ वैसे ही लग रहे थे। उनकी गो-सेवा बेमिसाल थी। एक गाय, बछिया और एक पिल्ला- यही फकीर की कुल संपत्ति थी, जिनमें उनकी जान बसती थी और उन तीनों की सीडीओ साहब में। जाने की चिंता में सर्वाधिक बेचैनी उनकी इसी संपत्ति को साथ लेकर जाने को दिखी और यह सब भी अंततः साथ ही रवाना भी हुए।
    
अब यह अध्याय इन स्मृतियों के साथ समाप्त हुआ। सेवा का धर्म भी यही है। इसी आदर्श को लेकर हमें पुनः आगे बढ़ना है। जब तक ईश्वर ने हमें सेवा का सुअवसर दिया है, तब तक समर्पित सेवा करें और अगला आदेश मिलते ही तत्काल कूच करें ! पद की रिक्तता थोड़े समय में समाप्त हो जाती है और व्यवस्था फिर अपनी लय में चलने लगती है। कल का दिन सीडीओ सर के जाने की भेंट चढ़ गया। एक भी आवास पूरा नहीं हुआ। यह हमारी विफलता है। हमें अपनी भावनाओं पर काबू रख कर कर्तव्य का पालन करना ही चाहिए। 

एक दो दिनों में नये मुखिया आ जाएंगे, लेकिन इस बात की प्रतीक्षा किये बिना अपना कार्य जारी रखें। एक सप्ताह में समस्त अधूरे आवासों को पूरा कराना है। जून माह तक यह कार्य पूरा कराने का संकल्प था, किन्तु जुलाई बीतने पर भी यह पूरा न हो सका। 15 दिन में PWL तैयार करें और समस्त प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास पूरा करायें। इस मिशन को पूरा करना है, इसमें कोई भी शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। नये नेतृत्व की प्रतीक्षा किये बिना इस संकल्प को पूरा करें। अपना नेतृत्व स्वयं करें, ब्लाक का मुखिया ही कल का जनपद का मुखिया है- आत्म दीपो भव !

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