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रविवार, 7 जून 2020

जिला प्रशासन की अकर्मण्यता और स्वास्थ्य महकमें के निकम्मेपन का नतीजा भोग रही प्रतापगढ़ की असहाय जनता

कोरोना संक्रमित 80वर्षीय बृद्ध महिला की मौत और पल्टन बाजार में जनाजे के रस्म अदायगी में शामिल सैकड़ों लोगों से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमें के साथ-साथ पुलिस ब्यवस्था पर उठ रहे हैं,सवाल ! 
सदर मोड़ स्थित रुमा हॉस्पिटल जहाँ हुआ था कोरोना संक्रमित महिला का इलाज... 
प्रतापगढ़ में कोरोना से चौथी मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। मीडिया वाले भले ही अपनी सुर्ख़ियों मेंहड़कंप लिखकर अपनी TRP बढ़ा लें,परन्तु हकीकत यही है कि कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।  कोतवाली नगर के पल्टन बाजार में सब्जीमंडी के नजदीक एक 80 वर्षीय बुर्जुग महिला कीमौत जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। जिला अस्पताल से पहले सदर मोड़ स्थित रूमा हॉस्पिटल में भी कई दिन ईलाज हुआ था। उससे पहले उस महिला का इलाज प्रयागराज में भी हुआ था। 


डॉ ए के श्रीवास्तव मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ 
जिला अस्पताल के बगल भारत मेडिकल स्टोर और शिफ़ा मेडिकल के संचालकों के घर की महिला होने के कारण स्वास्थ्य महकमें में चिकित्सकों से सम्बन्ध होने के कारण मृत महिला का शव बिना कोरोना संक्रमण की जाँच आये ही दे दिए परिजनों को दे दिए। परिजन भी शव घर लाये और सुपुर्द-ए-ख़ाक होने से पहले अपने जमात में जनाजे की सूचना दी गई। देश में लॉकडाउन के नियमों के तहत किसी भी धर्म के लोगों के मृत होने पर उसके क्रिया कर्म हेतु सिर्फ बीस ब्यक्तियों को ही शामिल होने की ब्यवस्था है,परन्तु मृतक महिला के परिजनों ने उस मृत के जनाजे में 300से अधिक भीड़ कर उसे कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया। 


पंजाबी मार्किट से पल्टन बाजार सब्जी मंडी जाने वाला मार्ग की हुई बैरीकेडिंग 
सुपुर्द-ए-ख़ाक करने के तीसरे दिन जब उस मृत महिला की कोरोना संक्रमण की जाँच रिपोर्ट आई तो वह कोरोना संक्रमित पाई गई। रिपोर्ट को कुछ देर तक मीडिया से भी स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह और गैर जिम्मेवार मुखिया छिपाए रखा। पर शासन में कोरोना अपडेट की रिपोर्ट भेजनी होती है, इसलिए अपने बचाव के उपाय निकाल कर मृत महिला को कोरोना संक्रमित से मौत बताकर जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या में इजाफा करते हुए मृतकों की संख्या चार घोषित की। अब बारी आई कि किस किस एरिया को हॉट स्पॉट क्षेत्र घोषित किया जाए ? काफी माथापच्ची करने के उपरांत जिला प्रसासन और स्वास्थ्य महकमें ने ये तय किया कि जिस रूमा हॉस्पिटल में उस महिला का इलाज हुआ था उसे 24 घंटे तक बंद रखने का आदेश दिया गया और पूरे हॉस्पिटल को सेनेटाइज कराने के बाद ही पुनः खोला जाए 

 जिला हॉस्पिटल प्रतापगढ़ 
जिला हॉस्पिटल में भर्ती हुई महिला का कक्ष भी सील किया जायेगा। पूरे जिला हॉस्पिटल को सेनेटाइज किया जायेगा हॉस्पिटल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों  का भी कोरोना संक्रमण का टेस्ट होगा प्राइवेट हॉस्पिटल रूमा में महिला का कई दिनों इलाज तक हुआ थामृतक महिला के पूरे परिवार की कोरोना संक्रमण की जाँच कराई जायेगी बृद्ध महिला के जनाजे में शामिल हुए लोगों को भी चिन्हित करने के दावे किये गए थे ये सारे दावे जनता को दिखाने और राष्ट्रीय आपदा के आवंटित बजट को हजम करने के लिए किये जाते हैं। ताकि आम जनता को लगे कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा सक्रिय है। 

पल्टन बाजार में हॉट स्पॉट तय करता जिला प्रशासन...
अब बारी आई पुलिस प्रशासन की। पुलिस प्रशासन भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमें के पीछे-पीछे हॉट स्पॉट एरिया निर्धारित कर वहाँ बाँस बल्ली लगाकर उसको सील कर कुछ पुलिस के जवानों को तैनात कर उस क्षेत्र में आवाजाही रोकने की रही। अब हॉट स्पॉट की बारी आई तो उसमें भी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया गया। मृतक बृद्धा के घर से 250 मीटर उत्तर की जगह 500 मीटर तक पूरी सब्जी मंडी सील किया गया। सब्जीमंडी से कचेहरी के तरफ आने वाले मार्ग को 250 मीटर की बजाय 400 मीटर सुमित्रापुरी तक सील किया गया। शिव मंदिर से सिनेमा रोड़ पर हॉट स्पॉट के एरिया को तय करने में जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ा। 

 हॉट स्पॉट एरिया का मध्य क्षेत्र जहाँ से अलग होते हैं अलग-अलग रास्ते...
नगरपालिका वार्ड टक्करगंज की सभासद छाया श्रीवास्तव का घर भी सिनेमा रोड़ पर पड़ता है। उनका कार्य देखने वाले उनके देवर अज्जू श्रीवास्तव पहले अपने घर के पहले तक हॉट स्पॉट बनवाने के लिए हाथ पाँव मार रहे थे,परन्तु बात न बनी। उन्हें छुटभैय्या नेता मानकर जिला और पुलिस प्रशासन उनकी एक न सुनी। सिनेमा रोड़ पर धर्मराज मंदिर की तरफ जाने वाले मार्ग से सटकर हॉट स्पॉट की बैरीकेडिंग प्रशासन ने कराई। इस बैरीकेडिंग से अज्जू श्रीवास्तव को बड़ा आघात लगा। अज्जू श्रीवास्तव जब अपना घर न बचा सके तो वो मुनीश्वर दत्त कालोनी जाने वाले गेट तक हॉट स्पॉट बनाने की वकालत करने लगे। परन्तु अज्जू की वो भी हसरत धरी की धरी रह गई और सिनेमा रोड़ पर धर्मराज मंदिर की तरफ जाने वाले मार्ग से सटकर हॉट स्पॉट तय कर जिला प्रशासन ने बैरीकेडिंग कराकर पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी। 


पल्टन बाजार का शिव मंदिर पर हॉट स्पॉट से पहले स्थानीय लोगों की लगी भीड़...
अब बड़ा सवाल यह है कि कोरोना संक्रमित पल्टन बाजार प्रतापगढ़ की जिस 80 वर्षीय बृद्धा की मौत जिला अस्पताल में हुई। वह 3 दिन सदर मोड़ स्थित रूमा हॉस्पिटल में अपना ईलाज कराई थी। मृत होने के बाद स्वास्थ्य महकमा बिना किसी परवाह किये बॉडी भी परिजन को दे दिया। जनाजे में 300 से अधिक लोग शामिल भी हुए। तब तक जिला प्रशासन, स्वास्थ्य महकमा और पुलिस सब मूक बने रहे। अब कार्रवाई की बारी आई तो कोरोना संक्रमित महिला का प्रयागराज से लेकर प्रतापगढ़ के रूमा हॉस्पिटल तक जहाँ ईलाज हुआ वह स्थल तो जिला प्रशासन की नजर में सुरक्षित मान लिया गया। जिला अस्पताल में जहाँ मृत हुई वो भी क्षेत्र सुरक्षित मान लिया गया। जनाजे में सैकड़ों की भीड़ हुई जितने लोग उस जनाजे में शामिल रहे वो सब सुरक्षित मान लिए गए। 


 हॉट स्पॉट के बाद सुनी हुई पल्टन बाजार की सब्जी मंडी...
जिला प्रशासन की नजर में सारा दोष सिर्फ उस 250 वर्गमीटर एरिया में है, जिसे हॉटस्पॉट बनाया गया। सब्जी मंडी पूरी तरह सील। जब से सब्जीमंडी सील हुआ तब से  सब्जियों के दाम डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। जिला प्रशासन जिम्मेदार बनने के बजाय मूक दर्शक बना हुआ है। अपनी गलतियों को लगातार स्वास्थ्य महकमा और जिला प्रशासन बचा रहा है आखिर क्यों...? कौन है, इसका जिम्मेवार...? जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य महकमा, प्रतापगढ़ जिम्मेदार या उस मृत बृद्ध महिला के परिजन जो प्रतिबंध के बाद भी 300 से अधिक लोगों के साथ जनाजे में भीड़ किये। अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए ट्वीटर लिंक को ओपेन कर अपना वोट जरूर दें। ताकि जिला प्रशासन को एहसास हो सके कि उसकी नीतियां तुगलकी है। स्वास्थ्य महकमें के निकम्मेपन का ये परिणाम है। गलती एक करे सजा पूरे क्षेत्र के लोगों को मिले। ये कहाँ का न्याय है...???

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