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गुरुवार, 25 जून 2020

मोहताजखाना का अध्यक्ष जिलाधिकारी रहे, फिर भी अफसरों ने बेंच डाला मोहताजखाना और कर दी नियम कानून को ताक पर रखकर दाखिल खारिज

मोहताजखाना के कब्जेदारों के कृत्यों ने जे छिनरा वो डोली संग वाली कहावत को चरितार्थ कर दिखाया...

प्रयागराज-फैजाबाद NHपर स्थित बेशकीमती मोहताजखाना...
योगीराज में जिला प्रशासन, प्रतापगढ़ के गैरजिम्मेदाराना रवैये से सरकारी और ट्रस्ट की जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किया जा रहा है। मोहताजखाना को नगरपालिका परिषद बेला प्रतापगढ़ के अभिलेख डिमांड रजिस्टर से गायब कर दिया गया है। दाखिल खारिज का सीधा सा मतलब होता है कि खातेदार यानि विक्रेता का नाम खारिज करके क्रेता का नाम दर्ज करना। परंतु नगरपालिका में दाखिल खारिज में घोर अनियमितता बरती जाती है। सिस्टम में बैठे आकाओं ने सदर प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक सदर संगम लाल गुप्ता की शिकायत भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। फिर भी विधायक से सांसद बने संगम लाल गुप्ता हार नहीं माने और सिस्टम को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रतापगढ़ के सांसद संगमलाल गुप्ता ने सूबे के मुख्यमंत्री से मोहताजखाने की बेशकीमती जमीन हड़पने वालों के विरुद्ध शिकायत की थी। प्रतापगढ़ के सदर क्षेत्र के नगर में जिस मोहताजखाने का अध्यक्ष स्वयं जिलाधिकारी हो और जब वही सुरक्षित न हो तो बाकी की बात करना ही बेकार है   


 आईजीआईआरएस पर दर्ज शिकायत का नहीं होता कोई असर...
इस पूरे खेल में पूर्व विधायक और नगरपालिका के चेयरमैन रहे हरि प्रताप सिंह का विशेष रोल है क्योंकि हरि प्रताप सिंह नगरपालिका परिषद् बेला-प्रतापगढ़ के चेयरमैन रहे और परदे के पीछे से सारा खेल मोहताजखाने के सचिव डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव के कंधे पर रखकर खेला गया जब सारा पचड़ा खत्म हो जायेगा तो हरि एण्ड ब्रदर्स उसे खरीद लेंगे जो उनके लिए बड़ी काम की भूमि साबित होगी इस पूरे मामले में राजस्व विभाग की भूमिका संदिग्ध रही है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रतापगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के पड़ाववार्ड में मोहताजखाने को कब्जाने वाले मोहताजखाने के सचिव डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उ प्र शासन, प्रमुख सचिव-राजस्व, राजस्व परिषद, उ प्र शासन, लखनऊ, मंडलायुक्त, प्रयागराज मंडल, प्रयागराज एवं जिलाधिकारी, प्रतापगढ़ से ईमेल के जरिए आर टी आई कार्यकर्ता रमेश तिवारी "राज़दार" ने शिकायत किया था मुख्यमंत्री के आई जी आर एस पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज हुई थी। परन्तु स्थिति वही ढांक के तीन पात वाली ही रही... "
प्रतापगढ़ में भूमाफियाओं द्वारा प्रयागराज-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित  मोहताजखाना की करोड़ों रुपये बेशकीमती जमीन को कब्जाने की तैयारी जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन से मिलकर मोहताजखाने का सचिव ही कर डाला है। फिर भी प्रतापगढ़ का निकम्मा जिला प्रशासन मौन है क्योंकि जिले में एक ऐसा भूमाफियाओं का गैंग सक्रिय है जो सिस्टम को भलीभांति जानता व समझता है   उस गैंग का नाम है, हरि एण्ड ब्रदर्स। हरि एण्ड ब्रदर्स पहले ATLस्कूल कब्जाया, अब मोहताजखाने की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर उनकी निगाहें टिक गई हैं एक योजना के तहत मोहताजखाना के सचिव जो एक सरकारी चिकित्सक है और अध्यक्ष, स्वयं जिलाधिकारी हैं। फिर भी सचिव डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने मोहताजखाना की ऑफिस वाली बिल्डिंग व जमीन खुद खरीद कर उसका नामान्तरण अपने पक्ष में नियमों को ताक पर रखकर नगरपालिका की भ्रष्टतम ब्यवस्था के तहत करा लिया। 

हिंदुस्तान अख़बार में मोहताजखाना के सम्बन्ध में प्रकाशित खबर...
प्रतापगढ़ में तहसील सदर के नगरपालिका क्षेत्र के पड़ाव वार्ड में स्थित मोहताज़खाना को भूमाफियाओं द्वारा कब्ज़ा किया जा रहा है। शिकायत कर्ता का आरोप है कि उक्त मोहताजखाने का सचिव डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव एवं अध्यक्ष स्वयं जिलाधिकारी हैं। मोहताजखाने का सचिव डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी के नाम और स्वयं के नाम मोहताजखाने की बिल्डिंग का बैनामा ले लिया। उक्त मोहताजखाना प्रयागराज-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। मोहताजखाने के नाम राजस्व अभिलेख में एक बीघा की सम्पत्ति रजिस्टर्ड है। परंतु मोहताजखाने का सचिव डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव भूमाफियाओं से मिलकर उस पर कब्ज़ा कराना चाहते हैं। सदर एस डी एम और तहसील सदर के तहसीलदार की बेरुखी और निष्क्रियता से एक बीघा ट्रस्ट की वेशकीमती जमीन को भूमाफियाओं द्वारा कब्ज़ा करने के बावजूद जिला प्रशासन की ढुलमुल रवैया समझ के परे है

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