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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

जिलाधिकारी प्रतापगढ़ का आदेश ठेंगे पे...

DMप्रतापगढ़ का कन्टेन्मेंट एरिया से बफर जोन में तब्दील करने वाला आदेश सिर्फ कागज के आदेश की शोभा बनकर रह गया...
कोरोना संक्रमित मरीज के घर में लगे मजदूरों ने जिला प्रशासन के मुँह पर जोरदार चाटा मारा है...
जिला का हाकिम यानि मुखिया जिलाधिकारी होता है और उसका आदेश निर्देश ही सर्वोपरि होता है,परन्तु प्रतापगढ़ जनपद में जिलाधिकारी के आदेश को भी जिलाधिकारी के अधीनस्थों द्वारा ठेंगा दिखाया जा रहा है। वो भी आपदा काल महामारी के दौर में ! कोतवाली नगर क्षेत्र के विवेकनगर मोहल्ले में स्वास्थ्य कर्मी पूनम यादव को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ तो स्वास्थ्य मकहमें ने पूनम यादव की टेस्टिंग के लिए सैम्पल लेकर टेस्ट के लिए भेजे और जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय से कन्टेन्मेंट एरिया घोषित कर हॉट स्पॉट बैरियर लगाने के लिए जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय अपनी संस्तुति आख्या रिपोर्ट प्रेषित किया। 


 कोरोना मरीज पूनम यादव के घर में लगा है जोरों से काम...
उसी क्रम में जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय से 250 मीटर परिधि वाली एरिया को कन्टेन्मेंट घोषित कर वहाँ दो मजिस्ट्रेट की तैनाती कर हॉट स्पॉट बैरियर लगाने का आदेश निर्गत कर दिया गया। सबसे मजेदार बात यह रही कि पूनम यादव के घर को केंद्र विन्दु मानकर जितने क्षेत्र में हॉट स्पॉट एरिया का निर्धारण किया गया वह 250मीटर परिधि का न होकर 1000 मीटर परिधि वाला करके हॉट स्पॉट बैरियर लगा दिया गया। इसका विरोध पल्टन बाजार की वार्ड सभासद मालती सिंह ने लिखित रूप से किया तो 1000मीटर परिधि वाला हॉट स्पॉट बैरियर हटकर 250मीटर की परिधि वाला निर्धारित किया गया। प्रतापगढ़ का जिला प्रशासन इतने गैर जिम्मेदार लोगों से कन्टेन्मेंट एरिया का निर्धारण कराता है, जिसे ब्यास और परिधि का अर्थ ही न पता हो ! उसे तो बस इतना पता था कि विवेक नगर में जितने मार्ग प्रमुख सड़क से जुड़े हों उसे हॉट स्पॉट बैरियर लगाकर सील कर दिया जाए 
जिलाधिकारी प्रतापगढ़ का आदेश सिर्फ कागज के आदेश की शोभा बनकर रह गया ...
स्वास्थ्य कर्मी पूनम यादव के कोविड-19 हॉस्पिटल शिफ्ट होने के बाद उनके विवेक नगर के घर में ताला लटकने लगा। ताला कब खुला और स्वास्थ्य कर्मी पूनम यादव कोविड-19 हॉस्पिटल से कब विवेक नगर वापस आई इसे बता पाना कठिन है। इसी बीच विवेक नगर में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी केस मिली।संयोग से दूसरी केस भी स्वास्थ्य कर्मी नेहा त्रिपाठी की रही। सड़क इस पार बलीपुर मोहल्ला जो विवेक नगर से जुड़ा हुआ है, वहाँ तीसरा कोरोना संक्रमित मरीज मिला। इस बार भी कोरोना संक्रमित मरीज स्वास्थ्य कर्मी ही रहा जो जिला अस्पताल में होमियोपैथिक अस्पताल में कार्यरत मनोज सिंह के रूप में रहा। इस तरह अब तीन कोरोना मरीज मिलने के बाद कन्टेन्मेंट एरिया को बफर जोन में जिलाधिकारी महोदय ने आदेश जारी कर तब्दील कर दिया। ये आदेश सिर्फ जिलाधिकारी प्रतापगढ़ द्वारा कागज पर ही रहा। इस आदेश को धरातल पर अम्ल में लाया ही नहीं गया। 
कोरोना मरीज पूनम यादव के संक्रमित होने के बाद मकान में लग गया था,ताला...
सबसे रोचक बात यह है कि जिस कोरोना संक्रमित मरीज पूनम यादव के कारण विवेक नगर मोहल्ला कन्टेन्मेंट एरिया बना और बाद में बफर जोन में तब्दील हुआ, वही पूनम यादव अपने विवेक नगर वाले आवास में मजदूर लगवाकर काम कराने लगी। गेट के सामने ही टाइल्स का हो जो मिस्त्री कर रहे थे उन्हें इस बात की जानकारी थी कि पूनम यादव को अभी कुछ दिन पहले कोरोना वायरस की बीमारी हुई थी, उसके बाद भी जानबूझकर मजदूर और मिस्त्री पूनम यादव के यहाँ काम कर रहे थे। जब पूनम यादव के घर पर इस बात की तस्दीक के लिए जाया गया तो बात सही निकली। यानि जिसके लिए मोहल्ले के आम लोग हैरान व परेशां हो रहे हों, वो मजे में अपना मकान में काम लगाकर सबको चिढ़ाने का काम यदि करे तो कैसा लगेगा ? पर ये हकीकत है। फिर भी जिला प्रशासन आँख में गांधारी की तरह पट्टी बाँध कर कुछ न देखने का बहाना करता रहा। 

कोरोना मरीज स्वास्थ्य कर्मी पूनम यादव का अपने मकान में काम लगाना उसके रसूखदार होने का प्रमाण है...

सबसे रोचक बात यह है कि जिस कोरोना संक्रमित मरीज पूनम यादव के कारण विवेक नगर मोहल्ला कन्टेन्मेंट एरिया  बना और बाद में बफर जोन में तब्दील हुआ, वही पूनम यादव अपने विवेक नगर वाले आवास में मजदूर लगवाकर काम कराने लगी। गेट के सामने ही टाइल्स का हो जो मिस्त्री कर रहे थे उन्हें इस बात की जानकारी थी कि पूनम यादव को अभी कुछ दिन पहले कोरोना वायरस की बीमारी हुई थी, उसके बाद भी जानबूझकर मजदूर और मिस्त्री पूनम यादव के यहाँ काम कर रहे थे। जब पूनम यादव के घर पर इस बात की तस्दीक के लिए जाया गया तो बात सही निकली। यानि जिसके लिए मोहल्ले के आम लोग हैरान व परेशां हो रहे हों, वो मजे में अपना मकान में काम लगाकर सबको चिढ़ाने का काम यदि करे तो कैसा लगेगा ? पर ये हकीकत है। फिर भी जिला प्रशासन आँख में गांधारी की तरह पट्टी बाँध कर कुछ न देखने का बहाना करता रहा। कौन कहे पूनम यादव पर कार्यवाही करने की उल्टे उसी के बचाव करता रहा जिला प्रशासन...

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