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सोमवार, 27 जुलाई 2020

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ पी पी पाण्डेय भी हुए कोरोना पॉजिटिव

पुलिस और स्वास्थ्य महकमे में भी शुरू हुआ कोरोना का कहर...
ग्रीन जोन, ऑरेंज जोन और रेड जोन की बात अब हो चली हवा हवाई...
इंस्पेक्टर लालगंज कोतवाली राकेश भारती भो हुए कोरोना संक्रमित...
 CMO प्रतापगढ़ के दफ्तर से जारी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट...
देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह होती जा रही है। अभी तक देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र और राजधानी दिल्ली के हालात ही बद से बद्तर थी,परन्तु अब तो देश का ऐसा कोई जिला और कस्बा नहीं जहाँ कोरोना वायरस अपना पाँव न जमा लिया हो ! पहले तो देश में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लॉक डाउन लागू करके इसकी चेन तोड़ने की बात किये और 4 माह बाद देश वासियों को आत्मनिर्भर का मन्त्र बताकर अब शांत हो गए हैं। अब कोरोना वायरस स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा विभाग यानि पुलिस महकमा सहित जिला प्रशासन जुड़े अफसरों को टारगेट किया है। 

आज प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल में तैनात मुख्य चिकित्साधीक्षक प्रतापगढ़ डॉ पी पी पाण्डेय भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। यही नहीं लालगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर राकेश भारती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है आसपुर थाने में तैनात सिपाही की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव मिली है। प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ पी पी पाण्डेय की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आते ही अस्पताल में हड़कंप मच गयासीएमएस डॉ पी पी पाण्डेय की तबियत खराब होने पर कोरोना की जाँच हुई थी। इसके पहले लालगंज नगर पंचायत का एक कर्मचारी भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। फतनपुर थाने के 6 सिपाहियों की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। दूसरे दिन कंधई थाना के सब इंस्पेक्टर राधेश्याम की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। पर रिपोर्ट आने से पहले वो अपने घर मिर्जापुर जा चुके थे, जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग ने मिर्जापुर के सीएमओ को इसकी सूचना भेजी थी। 

प्रशासनिक अमले में सबसे पहले आपदा प्रबन्धन के नोडल अफसर और जिले के ADM शत्रोहन वैश्य कोरोना संक्रमित होकर कोरोना वायरस से जंग जीत लिए और अभी आराम कर रहे हैं। जिलाधिकारी महोदय डॉ रुपेश कुमार स्वयं एक चिकित्सक है और एक चिकित्सक के नाते वो स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़ी सी बड़ी गलतियों को हजम कर सीएमओ डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव के कुकृत्यों पर पर्दा डालने का कार्य कर रहे हैं। सीएमओ की रिपोर्ट पर नगरपालिका की सीमा में दूसरी बार लॉक डाउन कर कोरोना के संक्रमण से बचने का नाटक जिस तरह जिला प्रशासन कर रहा है, वो आपदा काल में किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। परन्तु आज लोकतंत्र में जिस तरह नेता और अफसर आपदा को अवसर में बदल कर अपनी जेब भरने में यकीन रख रहे हैं वो मानवीय संवेदनाओं की हत्या करने जैसा है। 

प्रतापगढ़ में आज कोरोना वायरस संक्रमण के 18 मरीज मिलने से हड़कम्प मच गया। लालगंज कोतवाली को हॉटस्पॉट करने की तैयारी करने की अभी तैयारी चल ही रही थी कि प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ पी पी पाण्डेय के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से सीएमएस कार्यालय को सील करने पर विचार किया जा रहा है सीएमएस दफ्तर और लालगंज के इंस्पेक्टर के संपर्क में आये अफसर भी क्वारंटीन होंगे। कई पुलिस कर्मियों की जांच जारी है। जनपद प्रतापगढ़ में कोरोना संक्रमण की अभी तक कुल 267 केस मिले हैं। रिकवर 154, एक्टिव 102, मौत 11 हुई है। फिर भी जिले में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जा रहा है और न ही लॉक डाउन का ही अनुपालन कराया जा रहा है। कन्टेन्मेंट जोन और बफर जोन का आदेश सिर्फ जिलाधिकारी प्रतापगढ़ कागज पर ही कराकर अपने दायित्वों से इतिश्री कर ले रहे हैं। 

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