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शनिवार, 29 अप्रैल 2023

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में मुख्तार अंसारी पर 16 साल बाद आज आया फैसला, मुख्तार को 10 साल और 5 लाख जुर्फमाने की सजा हुई तो सांसद भाई अफजाल को मिली 4 वर्ष की सजा

पूर्वांचल का माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी की सांसद सदस्यता भी होगी खत्म...

अंसारी बंधुओं को मिली सजा, सांसद की सदस्यता होगी खत्म, शुरू हो गए बुरे दिन...

गाजीपुर। देश का बहुचर्चित भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड और व्यापारी नंद किशोर रूंगटा अपहरण में दर्ज गैंगस्टर मामले में आज गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट जरायम की दुनिया के बेताज बादशाह माफिया मुख्तार अंसारी और बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ फैसला सुनाया है। मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में पहले 15 अप्रैल को फैसला आना था, लेकिन बाद में तारीख को बढ़ाकर 29 अप्रैल कर दिया गया था।


गाजीपुर में 29 नवंबर, 2005 को मोहम्मदाबाद से तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी विधायक कृष्णानंद राय सहित कुल 7 लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। चुनावी रंजिश के कारण इस हत्या को अंजाम दिया गया था। मुख़्तार अंसारी की प्रभाव वाली मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर 2002 में अफजाल अंसारी को हराकर कृष्णानंद राय ने जीत हासिल की थी। हत्याकांड में 2007 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत माफिया मुख्तार अंसारी उनके भाई अफजाल अंसारी और बहनोई एजाजुल हक पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। एजाजुल हक की मौत हो चुकी है। 


विधायक कृष्णानंद राय की हत्या उस समय की गई, जब वह भांवरकोल ब्लॉक के सियाड़ी गांव में आयोजित एक स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि बुलाए गए थे। जब कृष्णानंद राय मैच का उद्घाटन कर वापस आ रहे थे, तभी बसनिया चट्टी के पास घात लगाए हमलावरों ने कृष्णानंद राय के काफिले पर एके-47 से 500 राउंड फायर झोंक दिए थे। कृष्णानंद राय हत्याकांड में साल 2012 में गाजीपुर की एमपी- एमएलए कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। 1 अप्रैल को अंतिम बहस पूरी हुई थी। इसके बाद जज ने फैसले के लिए 15 अप्रैल की तारीख निर्धारित की थी। गैंग चार्ट में अफजाल अंसारी पर कृष्णानन्द राय हत्याकांड का केस दर्ज है। 


मुख्तार अंसारी के खिलाफ इसके अलावा एक अन्य मामला रूंगटा अपहरण और हत्याकांड का केस है।जनवरी, 1997 में कोयला व्यापारी और VHP कोषाध्यक्ष नंदकिशोर रूंगटा का उसके घर से अपहरण कर लिया गया फिर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक रूंगटा के परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांगी गई थी। परिवार ने 1.5 करोड़ भी दे दिए थे, लेकिन बाद में रूंगटा की हत्या कर दी गई थी।इस मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप लगा था। इस मामले में मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था। बता दें कि गैंगेस्टर मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। अफजाल अंसारी ने पहले भी कहा था कि इस मामले में वह बरी हो चुके हैं। 


अफजाल अंसारी इसी मामले में हाइकोर्ट भी गए थे, लेकिन हाईकोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली थी। मुख्तार अंसारी के मामले में 10 गवाहों की और अफजाल अंसारी के मामले में 7 गवाहों की गवाही इस मामले में ट्रायल के दौरान हुई थी।  पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक अहमद भाई अशरफ अहमद की हत्या के बाद अब माफिया मुख्तार अंसारी को पेशी के दौरान अपनी हत्या होने का खौफ सता रहा है। नियमानुसार मुख्तार अंसारी को फैसला सुनाए जाते समय कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। ऐसे में पेशी पर बांदा जेल से गाजीपुर कोर्ट पहुंचने में मुख्तार अंसारी को डर लग रहा है। अब अंसारी बंधुओं को सजा का ऐलान हो चुका है। इस तरह अब सांसद अफजाल की सदस्यता भी खत्म हो जायेगी और उन्हें मिलने वाले राजनीतिक संरक्षण भी खत्म हो जायेगा।   


हालांकि पिछले दिनों डीजी जेल एसएन साबत ने बताया था कि जेल के अंदर कैदी की सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है, जिसके लिए मुख्तार अंसारी को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उसकी बैरक को सीसीटीवी के जरिए निगरानी में रखा गया है। रोपड़ के व्यापारी के द्वारा रंगदारी मांगने के मामले में पंजाब जेल में बंद मुख्तार अंसारी यूपी नहीं आना चाहता था। साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्तार अंसारी को रोपड़ से बांदा जेल लगाया गया था। अब मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। पिछले दिनों मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी ने बयान भी दिया था कि चर्चा हो रही है कि अतीक अहमद के बाद मुख्तार का नंबर है, लेकिन मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।


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