पंडित जवाहर लाल नेहरु ने वी के कृष्णा मेनन को भारत का रक्षामंत्री क्यों बनाया ?

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रूस के जासूस एक ड्रग एडिक्ट, सेक्स एडिक्ट, बिजली के झटकों से अपने पागलपन का इलाज कराने वाले पागल को नेहरू ने देश का रक्षा मंत्री क्यों बनाया था...???

  देश के पूर्व रक्षामंत्री वी के कृष्णा मेनन और  देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु...
वर्ष-2010 में ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI 5 ने अपनी खुफिया रिपोर्टों के पुराने दस्तावेज सार्वजनिक किये थेउन दस्तावेजों में से एक पूरा अध्याय वी के कृष्णा मेनन से सम्बन्धित था वर्ष-1930 से 1947 में ब्रिटेन में वी के कृष्णा मेनन की भारतीय उच्चायुक्त के रूप में नियुक्ति तक तथा वर्ष-1947 से 1952, तक भारतीय उच्चायुक्त के रूप में वीके कृष्णा मेनन की करतूतों से सम्बन्धित MI-5 की तत्कालीन रिपोर्टों का आकार बहुत बड़ा है। लेकिन उन सभी रिपोर्टों का स्वर और सार एक ही है कि वर्ष-1930 से 1952 तक लन्दन में वीके कृष्णा मेनन रूस के लिए जासूसी का काम कर रहा था अपने रूसी चीनी कम्युनिस्ट आकाओं के साथ वफादारी और अपने देश से गद्दारी की कम्युनिस्ट नीति के अनुरूप ही तत्कालीन ब्रिटेन की "कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन" भी ब्रिटेन में रूस के लिए काम कर रही थी और उसके साथ मिलकर वीके कृष्णा मेनन भी रूसी वफादारी के उसी गटर में भर-भर गोते जमकर लगा रहा था

" अब यह समझिए कि कांग्रेसी फौज 1962 के भारत-चीन युद्ध, का जिक्र होते ही क्यों चीखने चिल्लाने लगती है कि पुराने गड़े मुर्दे उखाड़ने से क्या लाभ ? दरअसल वह इस सवाल का जवाब देने से डरती/बचती है कि रूस के जासूस एक ड्रग एडिक्ट, सेक्स एडिक्ट, बिजली के झटकों से अपने पागलपन का इलाज कराने वाले पागल को नेहरू ने देश का रक्षा मंत्री क्यों बनाया था...???"
 देश के रक्षामंत्री वी के कृष्णा मेनन से प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के थे गहरे रिश्ते...
हद तो यह है कि नेहरु की कृपा से ब्रिटेन में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद भी वो ब्रिटेन में रूस के लिए जासूसी करने में जुटा हुआ था जबकि ऐसा करने के बजाय उसका दायित्व ब्रिटेन में भारत के हितों के लिए कार्य करने का था। ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली उसकी इस करतूतों से बुरी तरह क्रोधित हो गए थे, शिकायत नेहरू तक पहुंचाई गई थी, तब वी के कृष्णा मेनन को ब्रिटेन से वापस बुलाना पड़ा था। ध्यान रहे कि वर्ष-1962 के युद्ध में रूस ने भारत की मदद करने से साफ मना कर दिया था जबकि ब्रिटेन में दशकों तक उसका बहुत विश्वसनीय और बहुत पुराना जासूस रहा, उसका महत्वपूर्ण एजेंट वी के कृष्णा मेनन ही भारत का रक्षामंत्री था। नेहरू का करीबी होने के कारण वी के कृष्णा मेनन वर्ष-1947 के बाद रूस का ही माल खरीदने के फैसले भारत की सरकार से करवाता था

MI 5 की रिपोर्ट का लिंक कमेंट में दे रहा हूं लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती वी के कृष्णा मेनन ड्रग एडिक्ट था, सेक्स एडिक्ट था, बिजली के झटकों से अपने पागलपन का इलाज कराने वाला पागल भी था यह सारी बातें किसी संघी या भाजपाई ने नहीं लिखी हैं बल्कि दो दशकों तक नेहरु के निजी सचिव रहे ए ओ मथाई, नेहरू के अंधभक्त इतिहासकार रामचन्द्र गुहा, सेक्युलर गैंग के मीडियाई पैगंबर कुलदीप नैयर और खुशवंत सिंह तथा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के करीबी जयराम रमेश द्वारा अलग-अलग समयों पर लिखी गयी किताबों में वीके कृष्णा मेनन की उपरोक्त करतूतों का उल्लेख है जिसका बहुत रोचक वर्णन अपने आधे घण्टे के वीडियो में पत्रकार प्रखर श्रीवास्तव ने ठोस तथ्यों के साथ अत्यन्त स्पष्ट रूप से किया है इस वीडियो का लिंक भी कमेंट में दे रहा हूं

प्रस्तुति :- सतीश मिश्र 

rameshrajdar

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