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मंगलवार, 23 जून 2020

तुगलकी फरमान को तीसरे दिन जिला प्रशासन ने लिया वापस, मुक्त किये गए पल्टन बाजार के दो हॉट स्पॉट बैरियर

कहते हैं कि सुबह का भूला शाम तक घर वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते...


पल्टन बाजार मोड़ पर मानक के बिपरीत लगाए गए हॉट स्पॉट बैरियर को विरोध के बाद आज तीसरे दिन उप जिला मजिस्ट्रेट सदर मोहन लाल गुप्ता के आदेश पर खोल दिया गया...
जिला प्रशासन प्रतापगढ़ पर महामारी अधिनियम की आड़ में आम जनता को जबरन हॉट स्पॉट क्षेत्र में रहने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ऐसा आरोप पल्टन बाजार की सभासद और कोरोना संक्रमण निगरानी समिति की अध्यक्ष मालती सिंह ने जिला प्रशासन पर लगाया था कहने और सुनने के लिए सभासदों को कोरोना संक्रमण निगरानी समिति का वार्ड अध्यक्ष बनाया गया है। परन्तु सभासद को पता ही नहीं जिला प्रशासन उनके वार्ड में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कब और कहाँ माप करता है और मनमानी तरीके से हॉट स्पॉट क्षेत्र घोषित कर देता है। ये तानाशाही तो क्या है ? इसका भी लोग इस कथित लोकतंत्र में अच्छे से एहसास कर लिया है। चूँकि शासन प्रशासन के विरुद्ध किसी की मजाल नहीं कि दो शब्द बोल सके। नगरपालिका पल्टन बाजार वार्ड की सभासद मालती सिंह ने 250 मीटर के स्थान पर 800 मीटर दूर बनाये गए मानक के विपरीत हॉट स्पॉट पर कड़ा विरोध जताया था।  जिला प्रशासन को अन्ततोगत्वा मालती सिंह की शिकायत को मानना पड़ा। 

मानव स्वभाव में गलतियाँ सबसे होती हैं इसीलिए ब्यवसाय में पर्चे के नीचे भूल चूक लेनी देनी जैसे शब्दों का उल्लेख रहता है। ठीक उसी तरह से प्रशासनिक गलतियों को एक आदेश के साथ सुधार लेने की ब्यवस्था प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में होती है। उसी अधिकार का प्रयोग ये प्रशासनिक अधिकारी अपने निर्णय के क्रम में करते हैं और अपने पूर्व में लिए गए निर्णय को एक झटके में बदल देते हैं। अब देखने वाली बात ये होती है कि प्रशासनिक अधिकारी द्वारा लिया गया निर्णय कहीं दुराग्रह से तो नहीं लिया गया है। यदि निर्णय लेने में कोई चूक और भूल हुई रहती है तो उसमें सुधार हो जाता है और यदि निर्णय दुर्भावना और दुराग्रह से लिया गया होता है तो प्रशासनिक निर्णय को भी न्यायालय में घसीटा जाता है और वहाँ गुण दोष के आधार पर निर्णय होता है। 

इतिहास में तुगलक की शासन नीति पढ़ी थी,परन्तु योगी राज में प्रतापगढ़ जिला प्रशासन उस तुगलक नीति का एहसास कोरोना संक्रमण काल में करा दिया। कोरोना संक्रमण काल में जिला प्रशासन की गुंडई की मुहल्ले में कल तक चर्चा हो रही थी और आज चर्चा बदल गई क्योंकि जिला प्रशासन अपनी गलतियों का एहसास किया और मानक के बिपरीत बने हॉट स्पॉट बैरियर को तीसरे दिन हटवा लिया। परन्तु ये कहना बिलकुल गलत न होगा कि इस लोकतंत्र में यदि सच में कोई गुंडा है तो शासन व प्रशासन ही है। कोरोना संक्रमण काल में नगरपालिका पल्टन बाजार में जिला प्रशासन द्वारा जबरन पल्टन बाजार वार्ड में पंचमुखी मंदिर के सामने हॉट स्पॉट बैरियर लगाया गया, जबकि नगरपालिका के विवेक नगर मोहल्ले में जिस हेल्थ वर्कर महिला पूनम यादव को कोरोना संक्रमण का वायरस मिला उसके बाद जिला प्रशासन ने 13जून, 2020 के शासनादेश के क्रम में 250 वर्ग मीटर परिधि की एरिया का स्थलीय निरीक्षण कर कन्टेनमेंट जोन घोषित करते हुए विवेक नगर वार्ड की सीमा सील करना था। 

सबसे चकित करने वाली बात ये हुई कि जिला प्रशासन ने जिसे स्थलीय निरीक्षण करने का दायित्व सौंपा वो बिना भौतिक सत्यापन किये ही विवेक नगर जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग को अवरुद्ध करते हुए उसे हॉट स्पॉट क्षेत्र मानकर वहाँ बैरियर बंधवाकर पुलिस का पहरा लगा दिया। उक्त बात की जानकारी जब पल्टन बाजार वार्ड की सभासद एवं कोरोना संक्रमण निगरानी समिति की अध्यक्ष मालती सिंह को हुई तो उन्होंने शासन व प्रशासन से लिखित शिकायत किया मालती सिंह ने 250 मीटर के स्थान पर 800 मीटर दूर बनाये गए मानक के विपरीत हॉट स्पॉट पर कड़ा विरोध जताया था। जिसे जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया और विवेक नगर के कन्टेनमेंट जोन के मजिस्ट्रेट धनेश तिवारी एवं सहायक मजिस्ट्रेट सुहेल खान को पुनः स्थलीय निरीक्षण के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट सदर मोहन लाल गुप्ता ने निर्देशित किया

उक्त आदेश के क्रम में कन्टेनमेंट जोन के मजिस्ट्रेट धनेश तिवारी एवं सहायक मजिस्ट्रेट सुहेल खान कोरोना संक्रमित मरीज पूनम यादव के घर से चौतरफा भौतिक सत्यापन किया तो पता चला कि पल्टन बाजार में पंचमुखी मंदिर और चारू नर्सिंग होम से पहले सुमित्रापुरी वाले मोड़ पर जो हॉट स्पॉट का बैरियर बनाया गया वो मानक के बिपरीत रहा। 250मीटर के स्थान पर 1000 मीटर से भी अधिक दूर बैरियर लगाकर हॉट स्पॉट बना देने से जनहित का कार्य प्रभावित हो रहा था। लिहाजा बिना देर किये दोनों मजिस्ट्रेटों ने अपनी जाँच रिपोर्ट उप जिला मजिस्ट्रेट सदर मोहन लाल गुप्ता को दी। जाँच रिपोर्ट से संतुष्ट होकर उप जिला मजिस्ट्रेट सदर मोहन लाल गुप्ता ने उक्त दोनों हॉट स्पॉट बैरियर को मुक्त करने का आदेश दे दिया। आदेश का अनुपालन मजिस्ट्रेट धनेश तिवारी ने कराकर जनहित का मान रखा। उनके इस कार्य से आम जनता उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया    

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