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रविवार, 9 जनवरी 2022

रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के माँ बाराही धाम महोत्सव में विधायक धीरज ओझा के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय तीन पत्रकारों को कमरे में बंद कर किया उनका स्वागत

तहसील मुख्यालय रानीगंज के तीन प्रमुख समाचार पत्र के पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता के लिए सार्वजनिक रूप से विधायक धीरज ओझा ने माँगी माफी...

पत्रकारों से हुई अभद्रता के मामले में विधायक धीरज ओझा ने माँगी माफी...

रानीगंज विधायक धीरज ओझा एक बार फिर से विवादो में आ चुके हैं। विधानसभा चुनाव से पहले अपने कार्यों को जनता के सामने रखने के लिए विधायक धीरज ओझा रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के माँ बाराही धाम महोत्सव का  आयोजन था। आयोजन को सफल बनाने के लिए रंगारंग कार्यक्रम की भी ब्यवस्था थी। विधायक रानीगंज धीरज ओझा जी द्वारा आयोजित महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पाँच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई। डिजिटल इंडिया और सोशल मीडिया के इस दौर में इसकी सूचना माँ बाराही धाम में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को भी हो गई। अपने को अधिक बुद्धिमान और तार्किक मानने वाले पत्रकार विधायक का बैंड बजाने की नियत से माँ बाराही धाम में आयोजित कार्यक्रम में वितरण के लिए आये गिफ्ट आइटम की वीडियो और फोटो खींचकर उसे सोशल मिडिया पर वायरल करना चाहते थे। 


अब इन आधुनिक पत्रकारों को कौन समझाये कि पहले से आयोजित कार्यक्रम में यदि गिफ्ट आइटम बाँट भी दिया जाता तो कोई आफत न आ जाती। क्योंकि प्रेस कांफ्रेंस के जरिये जारी अधिसूचना के बाद ही आदर्श आचार संहिता लागू हुई। उसी के बाद राजनैतिक होर्डिंग्स आदि को सार्वजनिक स्थानों से हटाये जाने का कार्य शुरू हुआ। अब एक दिन में तो सारी कार्रवाई एक साथ नहीं की जा सकती थी। सो कल न हो सकी वह आज की गई और यह कार्य अनवरत चुनाव तक चलता रहेगा। पहले से सुनिश्चित आयोजन में कुछ गिफ्ट आइटम बांटने के लिए आये थे। जिसे आयोजन संपन्न होने के उपरांत बांटने थे। उस गिफ्ट आइटम की वीडियो और फोटो बनाने के लिए स्थानीय पत्रकारों की एक टीम सक्रिय हुई। स्थानीय टीम में रानीगंज तहसील मुख्यालय के तीन बड़े समाचार पत्र के बैनर वाले पत्रकार प्रमुख रूप से सक्रिय थे। इस बात की भनक जब विधायक रानीगंज धीरज ओझा के कार्यकर्ताओं को हुई तो वह इसका विरोध करने लगे। 


स्थानीय पत्रकारों से उस फोटो और वीडियो को डिलीट करने के लिए कहा गया। जब वह नहीं माने तो उन्हें एक कमरें में बन्द कर उनका बकायदा पहले सम्मान किया गया और उन तीनों बड़े बैनर के पत्रकारों से उनके मोबाइल छीनकर उससे वीडियो और फोटो डिलीट कर दी गई। शाम होते-होते यह बात जग जाहिर हो गई। मामला टूल पकड़ता देख विधायक रानीगंज धीरज ओझा ने पत्रकारों से माफी भी मांग ली। फिर भी बात नहीं बनी तो आज तहसील मुख्यालय पर सीओ दफ्तर में विधायक रानीगंज धीरज ओझा और पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल से बातचीत हुई और उस बातचीत के दौरान विधायक धीरज ओझा ने अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा पत्रकारों के साथ किये गए दुर्ब्यवहार के लिए खेद जताते हुए माफी भी माँगी। फिलहाल पत्रकारों और विधायक के बीच में सुलह समझौता हो गया है। चूँकि नेताओं और पत्रकारों का सम्बन्ध चोली दामन का होता है।   


इस महा पंचायत में जिला मुख्यालय से कुछ दिग्गज पंचायत के विशेषज्ञ पत्रकार भी शामिल हुए थे। विधायक धीरज ओझा ने सार्वजानिक रूप से कहा कि वह सदैव पत्रकारों का सम्मान किया है। जिले में ऐसा कोई जनप्रतिनिधि नहीं जो उनसे अधिक पत्रकारों का सम्मान कर सके। फिलहाल यह कोई पहला मामला नहीं जब पत्रकारों से विधायक धीरज ओझा का विवाद हुआ हो ! दो दशक तक धीरज ओझा भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे और शहर मुख्यालय पर रहने के कारण जिला मुख्यालय के पत्रकारों से अच्छे सम्बन्ध रहे। पर विधायक बनने के बाद पत्रकारों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा होने के बाद कभी-कभी न चाहते हुए भी विवाद हो ही जाता है। माँ बाराही धाम में भी जो कुछ हुआ वह उसी का हिस्सा रहा। फिर भी विधायक रानीगंज धीरज ओझा चुनावी नफा नुकसान का आंकलन करके पत्रकारों से माफी मांग ली है।   


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