Breaking News

Post Top Ad

Your Ad Spot

रविवार, 16 जनवरी 2022

विधानसभा चुनाव-2022 का विगुल बजते ही भाजपा में शामिल हुए कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण

आईपीएस अधिकारी असीम अरुण से पहले भी कई आईएएस अधिकारी और कई आईपीएस अधिकारी भाजपा में शामिल होकर कैबिनेट मंत्री जैसे जिम्मेदार पदों पर आसीन होकर कर रहे हैं, देश की सेवा...


भाजपा में शामिल हुए कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण...

भारतीय जनता पार्टी में सदस्यता लेने वाले ऐसे लोग भी हैं जो पुलिस विभाग में शीर्ष पदों पर हैं और वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) लेकर भाजपा में अपनी आस्था जता रहे हैं। कई टॉप क्लास की नौकरशाही तो सेवाकाल पूर्ण कर भाजपा में शामिल हुए और मोदी कैबिनेट में विदेश मंत्री से लेकर उर्जा मंत्री जैसे जिम्मेदार पदों पर आसीन होकर देश में अपनी सेवा दे रहे हैं उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग की नौकरशाही में चर्चित नाम आईपीएस अधिकारी असीम अरुण अपनी सेवा से हाल ही में वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) लेकर नौकरी छोड़ दी थी अब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव-2022 के विगुल बजते ही आईपीएस पद से नौकरी छोड़ने वाले कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने आज आधिकारिक तौर पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली हैं। 


आज पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण ने BJP प्रदेश कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, भाजपा के यूपी प्रभारी अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण कर ली। रविवार को राजधानी स्थित भारतीय जनता पार्टी के राज्य मुख्यालय पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पूर्व आईपीएस अफसर असीम अरुण को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि पूर्व आईपीएस अफसर असीम अरुण के पिता ने दलित एवं वंचितों के लिए बहुत सारा काम किया है। पुलिस में रहते हुए असीम अरुण के पिता ने लोगों को गुंडों से बचाया। जब मेरी बात असीम अरुण से हुई तो उन्होंने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी को सबसे अच्छी पार्टी मानता हूं। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेई और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को देखते हुए पूर्व आईपीएस असीम अरुण ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने का फैसला लिया है। 


भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने कहा है कि पहले नेता लोग गुंडों को छोड़ने के लिए फोन करते थे, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहली बार इस सरकार में ऐसा नहीं हुआ है कि नेता लोग पुलिस को गुंडों एवं अपराधियों छोड़ने के लिए फोन कर सिफारिश नहीं कर पाते थे। इससे पहले पूर्व आईपीएस अफसर असीम अरुण ने शनिवार को अपने फेसबुक पोस्ट पर तीसरा पत्र जारी करते हुए लिखा है कि उन्होंने मखमली जिंदगी छोड़कर अब दलित एवं वंचित की सेवा करने का संकल्प लिया है। इस नई राह पर उनके साथ उनकी पत्नी ज्योत्सना और दोनों बच्चों के साथ कन्नौज के खैर नगर की भी जनता है। कन्नौज के खैर नगर की जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए उनके प्रस्ताव पर पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति के क्षेत्र में उतर कर दलित एवं वंचित की सेवा करने का संकल्प लिया है। आईपीएस अधिकारी असीम अरुण का मानना है कि राजनीति का क्षेत्र बहुत ब्यापक है और ब्यक्ति में समाजसेवा करने की भावना और ललक हो तो बड़े पैमाने पर समाज सेवा की जा सकती है।  


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें