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गुरुवार, 13 जनवरी 2022

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती सदर विधानसभा के प्रत्यासी आशुतोष त्रिपाठी का बदल सकती हैं, टिकट

प्रतापगढ़ में इस बार बसपा सुप्रीम मायावती तीन ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिया है, फिर भी इस बार ब्राह्मण बसपा सुप्रीमों के किसी झांसे में आने के लिए नहीं हो रहा,तैयार...


बसपा सुप्रीमों मायावती अपने खास उम्मीदवार रहे पंडित अशोक त्रिपाठी से टिकट के लिए तैयार से संपर्क में हैं, परन्तु इस बार पंडित अशोक त्रिपाठी भी एक कुशल मझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह चाल चल रहे हैं, विधानसभा- 2022 के चुनाव में समाजवादी और भाजपा के उम्मीदवार भी इस बार पंडित अशोक त्रिपाठी से स्वयं को मान रहे हैं,खतरा...

वर्ष-2017 का विधानसभा और वर्ष-2019 में लोकसभा के उम्मीदवार रहे हैं,अशोक त्रिपाठी

जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव- 2022 का चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर तेजी से बदलाव भी होते दिख रहे हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अभी बसपा सुप्रीमों मायावती अपने कई विधानसभाओं के टिकट को बदलकर दूसरे उम्मीदवार को देने का कार्य कर सकती हैं। प्रतापगढ़ की बात करें तो सबसे प्रबल संभावना सदर विधानसभा सीट की है जहाँ पर घोषित उम्मीदवार आशुतोष त्रिपाठी को बदल कर दूसरे उम्मीदवार पर बसपा सुप्रीमों मायावती दाँव लगा सकती हैं। उसकी सबसे बड़ी वजह जानकर बता रहे हैं कि जब से सदर का आशुतोष त्रिपाठी को प्रभारी घोषित किया गया है, तब से वह अपने स्वजातीय मतदाताओं को भी अपनी तरफ रिझाने में फेल नजर आ रहे हैं। 


सदर विधानसभा के 70 प्रतिशत ब्राह्मण मतदाता कांग्रेस प्रत्यासी डॉ नीरज त्रिपाठी के साथ हो लिए हैं। चूँकि कांग्रेस ने सदर विधानसभा के उप चुनाव में अपना उम्मीदवार डॉ नीरज त्रिपाठी को बनाया था। उसी समय से ब्राह्मण मतदाता और अन्य जाति के यूथ मतदाता कांग्रेस उम्मीदवार डॉ नीरज त्रिपाठी के साथ हो लिये थे। इस बार भी कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट में प्रतापगढ़ सदर विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस बार भी कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ नीरज त्रिपाठी के साथ ब्राह्मण मतदाता जा सकते हैं। सदर विधानसभा के 30 प्रतिशत मतदाता भाजपा को वोट दे सकते हैं। फिलहाल ब्राह्मण को रिझाने के लिए कांग्रेस, बसपा, सपा और भाजपा सभी दल आतुर दिख रहे हैं।


बहुजन समाज पार्टी जिसे अपना उम्मीदवार बनाती है उसे ही विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बना देती है। एक तरह से वह उस विधानसभा का टीम कैप्टन हो जाता है। ऐसे में सदर विधानसभा क्षेत्र से सदर प्रभारी एवं उम्मीदवार बने आशुतोष त्रिपाठी अभी तक अपने स्वजातीय कैडर वाले मतदाताओं को भी रिझा पाने में असफल दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बसपा अपने पूर्व घोषित उम्मीदवार आशुतोष त्रिपाठी की जगह किसी दूसरे प्रत्याशी को उतारने का मन बना रही है। बसपा के उच्च स्तरीय सूत्र बताते हैं कि आशुतोष त्रिपाठी पार्टी की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। एक सप्ताह में वह कोई करिश्मा न कर पाए तो पार्टी सुप्रीमों मायावती सदर विधानसभा के प्रत्यासी को बदलने के लिए विचार कर सकती हैं। 


विश्वनाथगंज विधानसभा में मुसलमान उम्मीदवार तो रानीगंज से पिछड़ी जाति से अजय यादव और रामपुर खास से पटेल उम्मीदवार खड़ा कर बहुजन हिताय और सर्वजन सुखाय के नारे को फिर से बुलंद करने की दिशा में काम बसपा कार्य करेगी। उत्तर विधानसभा चुनाव- 2022 के चुनाव में सूत्रों की माने तो बसपा सुप्रीमो ने विश्वनाथगंज विधानसभा से मांधाता ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं वाहन वेलफेयर एसोशिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशफाक अहमद को हरी झंडी दे दी है। इसी क्रम में विश्वनाथगंज विधानसभा में काफी दिनों से मेहनत कर रहे आर एल चतुर्वेदी और सदर के पूर्व विधायक संजय तिवारी में से किसी एक को सदर से हरी झंडी मिल सकती है। इस बात को लेकर बेल्हा में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बसपा भी ब्राह्मण के अलावा मुसलमानों को तरजीह देकर मुस्लिम मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। 


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