प्रतापगढ़ में सपा जिला उपाध्यक्ष पप्पू यादव के द्वारा युवा नेता अजय यादव को जान से मारने की दी,धमकी
लहबरिया सुग्गे की तरह नाक रखने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के तोतले अंदाज में अहंकार की भाषा ये बता रही है कि अखिलेश यादव अगले विधानसभा चुनाव- 2022 में अपने को सूबे का मुख्यमंत्री मान बैठे हैं। आप भी देखिये अखिलेश यादव के बड़बोलापन की एक झलक...!!!
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| साइकिल पर सवार होने वाले सपाई नेता बिना सत्ता के ही करते हैं,गुंडई पार्टी... |
अभी चंद दिनों पहले सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव प्रतापगढ़ में पट्टी की धरती पर आकर सत्ताधारी दल भाजपा और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को आईना दिखाने का काम किया और योगी सरकार की जमकर आलोचना की थी। सूबे की योगी सरकार में अराजकता और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाये और मुख्यमंत्री योगी जी को मार्च में जनता पैदल कर देगी,ऐसा बयान देकर पट्टी में एक निजी कार्यक्रम में मौजूद सपाईयों के बीच तालियां तो बजवाया, परन्तु अपनी समाजवादी पार्टी के अन्दर एक दूसरे के साथ की जा रही गुंडई पर तनिक भी ध्यान न दिया। समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग ही एक दूसरे के जान के भूखे हैं। मंच पर मारपीट होना, फोन से एक दूसरे से गाली गलौज करना समाजवादी पार्टी के नेताओं की आदत बन चुकी है।
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा के दौरान पूर्व मंत्री प्रो शिवाकांत ओझा और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व विधायक श्याद अली एवं उनके समर्थकों के बीच मारपीट की घटना समाजवादी पार्टी के चरित्र का दर्शन कराती है। भाजपा की पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पप्पू यादव रामकोला के द्वारा सपा के युवा नेता अजय यादव को जान से मारने की धमकी देने का ऑडियो वायरल हुआ है। जिला उपाध्यक्ष पूरे ग्रामसभा बानपुरवा को खुली चुनौती देते हुए सुनाई दे रहे हैं। उनके द्वारा कहा जा रहा है कि पूरे गांव के लोग मिलकर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, अगर कहीं दिखाई दिए तो जान से मार दूंगा। अजय यादव सपा युवा नेता अपनी जान बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। पट्टी के विधायक और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को योगी आदित्यनाथ जी पर आरोप लगाने से पहले स्वयं के गिरेबां में झांककर देखना चाहिए। उनकी पार्टी में 90 फीसदी लोग आपराधिक प्रवित्ति के हैं। सच तो यह है कि समाजवादी पार्टी गुंडों और माफियाओं की जन्मदाता है।
अभी पट्टी के रामकोला में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पप्पू यादव के यहाँ एक निजी कार्यक्रम में पधारे थे और मीडिया जब उनसे सवाल किया कि उनके और राजा भईया के बीच दुश्मनी और आपसी तनातनी के बीच की वजह क्या है ? अखिलेश यादव ने तपाक से कहा कि ये किसका नाम है ? ये कौन है ? ये किसका नाम ले रहे हो ? अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे तो उन्हीं की कैबिनेट में राजा भईया कैबिनेट मंत्री रहे और आज वैचारिक मतभेद बढ़ने की वजह से अखिलेश यादव राजा भईया को पहचानने से मना कर दिए। अखिलेश यादव जी, आप राजा भईया को पहचानों या न पहचानों ! परन्तु अपने आपको पहचानो और समाजवादी पार्टी में चल रही आपसी कलह पर भी ध्यान दीजिये, अन्यथा योगी जी को पैदल करने के चक्कर में कहीं खुद ही पैदल न हो जाना पड़ा। यही हाल रहा तो वर्ष-2027 में पार्टी का झंडा और बैनर उठाने के लिए कार्यकर्ताओं भी नहीं मिलेंगे।

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