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सोमवार, 20 दिसंबर 2021

धोखाधड़ी के आरोप में फंसे कथित भाजपा नेता सुनील कुमार गोयल के रसूख के आगे प्रतापगढ़ पुलिस दिख रही है, असहज

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के पद पर मुकुल गोयल की जब तैनाती हुई थी तो उनके साथ अपनी फोटो लगाकर पूरे शहर में होर्डिंग्स लगवाने का मिल रहा है,धोखाधड़ी के आरोपी सुनील कुमार गोयल को लाभ 


योगीराज में धोखाधड़ी के आरोपी भाजपा नेता की कायम है दादागीरी, विवेचनाधिकारी की विवेचना में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सत्ताधारी दल के रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस अधिकारियों से पुनः विवेचना का कराया आदेश 

कोतवाली नगर प्रतापगढ़ में मुकदमा अपराध संख्या- 0196/2021

प्रतापगढ़। कोतवाली नगर प्रतापगढ़ में मुकदमा अपराध संख्या- 0196/2021 धारा- 419, 420, 147, 323,504, 506 एवं 406 आईपीसी के तहत दिनांक- 05/03/2021 को दर्ज मुकदमें के सम्बन्ध में विवेचनाधिकारी दीप नारायण यादव द्वारा उपरोक्त अपराध में विवेचना को पूर्ण करके आरोप पत्र क्षेत्राधिकारी नगर के यहाँ दाखिल किया जा चुका है, फिर भी आरोपी सुनील कुमार गोयल अपने रसूख के बल पर उपरोक्त मुकदमें की विवेचना पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपने किसी परिचित सब-इंस्पेक्टर से पुनः कराकर उसमें अपने पक्ष में रिपोर्ट लगवाना चाहता है चूंकि उक्त मुकदमें की विवेचना कर रहे सब-इंस्पेक्टर दीप नारायण यादव ने आरोपी सुनील कुमार गोयल की एक न सूनी और जो अभिलेखीय साक्ष्य था, उसका संज्ञान लेकर कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमें की विवेचना पूर्ण करके उसमें आरोप पत्र दाखिल करके सीओ सिटी के कार्यालय में प्रेषित कर दिया। ऐसा नहीं है कि कथित भाजपा नेता सुनील कुमार गोयल के खिलाफ ये धोखाधड़ी का पहला मुकदमा कोतवाली नगर में दर्ज हुआ हो, इसके पहले हत्या और हत्या के प्रयास सहित धोखाधड़ी के और भी मामले कोतवाली नगर में दर्ज हैं। कई मामले में कथित भाजपा नेता सुनील कुमार गोयल के खिलाफ पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है, जिसका न्यायालय में ट्रायल भी चल रहा है।  


धोखाधड़ी के आरोप में फंसे कथित भाजपा नेता सुनील कुमार गोयल...

पीड़ित अनिल कुमार ने दावा किया है कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि आरोप पत्र दाखिल करने से नाराज आरोपी सुनील कुमार गोयल उक्त मुकदमें की विवेचना बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया और आरोपी के प्रार्थना पत्र पर उक्त मुकदमें की विवेचना बदल कर पुनः कराई जा रही है क्योंकि प्रार्थी अपने मुकदमें को दर्ज कराने में पहले पुलिस के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया था, जब मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो मजबूर होकर प्रार्थी अपनी फरियाद माननीय सीजेएम न्यायालय प्रतापगढ़ के यहाँ वाद दाखिल कर मुकदमा लिखे जाने का आदेश कराया, तब कहीं जाकर उक्त मुकदमा लिखा जा सका अब आरोपी इतना रसूख वाला है कि उक्त दर्ज मुकदमें में निष्पक्ष विवेचना भी नहीं होने देना चाहता है। जब आरोपी इतना पहुँच और पकड़ वाला होगा कि उसके प्रभाव से मुकदमा न लिखा जाए और न्यायालय के हस्तक्षेप से मुकदमा लिख भी लिया जाए तो निष्पक्ष विवेचना में अब खलल डाल रहा है, जो माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है और देश के संविधान का अपमान है एक आरोपी इतना सशक्त नहीं होना चाहिए कि न्याय का वह गला ही घोंट दे। पीड़ित अनिल कुमार का यह भी कहना है कि आरोपी सुनील कुमार गोयल जब पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के पद पर मुकुल गोयल की तैनाती हुई थी तो उनके साथ अपनी फोटो लगाकर पूरे शहर में होर्डिंग्स लगवाई थी, ताकि जिले में तैनात पुलिस अधिकारी उनके रसूख को अधिक तवज्जों दें।  

सीजेएम कोर्ट का आदेश...

कोतवाली नगर में दर्ज उक्त मुकदमें में एक बार जब आरोप पत्र दाखिल हो गया तो आरोपी के हस्तक्षेप से पुलिस के अधिकारियों को उक्त मुकदमें में पुनः विवेचना का आदेश नहीं देना चाहिए। पीड़ित का आरोप है कि उसके द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत अपने मुकदमें में विवेचना की प्रगति की सूचना माँगी गई है, परन्तु पुलिस के अधिकारी आरोपी सुनील कुमार गोयल के रसूख के आगे उसे सूचना भी नहीं दे रहे हैं। पीड़ित अनिल कुमार का कहना है कि वह भी एक ब्यापारी है और अखिल भारतीय उद्योग ब्यापार मंडल प्रतापगढ़ का वह जिला महामंत्री है। फिर भाजपा जो स्वयं को ब्यापारियों की पार्टी कहती है और सबका साथ, सबका विकास की बात करती है, उसका दावा सुनील कुमार गोयल जैसे अपराधी प्रवित्ति के लोग ब्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के पद पर काबिज होकर उस दावा का गला घोंट रहा हैं पीड़ित ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल के जरिये पुलिस गृह (गोपन) विभाग के यहाँ शिकायत करके अपने उक्त दर्ज मुकदमें में निवेदन किया है कि कृपया प्रकरण को संज्ञान में लेकर प्रथम विवेचनाधिकारी के द्वारा दाखिल आरोप पत्र को न्यायालय में दाखिल कराने की कृपा करें। 

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