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सोमवार, 27 दिसंबर 2021

पांच साल पहले भुपियामऊ ओवरब्रिज का लोकार्पण होने के बाद से अब तक नहीं बन सकी सर्विस रोड, एक ही ओर बनी सर्विस रोड पर दोनों ओर वाहनों का दबाव हादसों का बन चुका है,सबब

विधानसभा चुनाव-2017 सन्निकट आते ही क्षेत्र में लोकार्पण, भूमि पूजन और शिलान्यास के कार्य मंत्रियों, विधायकों को आने लगे याद...

पांच साल बाद भी अधूरा रह गया भुपियामऊ ओवरब्रिज का सर्विस रोड... 

प्रतापगढ़। वाराणसी-लखनऊ NHI वाया प्रतापगढ़ को प्रयागराज-अयोध्या NH के ऊपर से पार कराने के लिए भुपियामऊ में बने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण केंद्रीय भूतल एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ष-2017 में विधानसभा चुनाव से पूर्व किया था। प्रयागराज-अयोध्या NH फोरलेन का बनाने के बाद टोल प्लाजा भी चलने लगा। वाराणसी-अयोध्या NH का ओवरब्रिज भुपियामऊ में यातायात की व्यस्तता को देखते हुए बनाया गया। भुपियामऊ में बिना सर्विस रोड बनाए ओवरब्रिज शुरू कर दिया गया। वाराणसी-से लखनऊ वाया जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली होकर लखनऊ जाने के लिए संप्रग की मनमोहन सरकार ने यह सड़क NHI से बनवाया था।परन्तु उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव-2017 से पहले इसका लोकार्पण मोदी सरकार में भूतल परिवहन राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। आधे अधूरे कार्य पर ही गडकरी ने सिर्फ चुनावी फायदे के लिए भुपियामऊ ओवरब्रिज का लोकार्पण कर दिया था। उन्हें इतना भी एहसास नहीं कि सर्विस रोड के आभाव में सड़क दुर्घटना होगी तो इसका जिम्मेवार कौन होगा ?

भुपियामऊ ओवरब्रिज का लोकार्पण होने के बाद से अब तक नहीं बन सकी सर्विस रोड...

भुपियामऊ में रायबरेली की तरफ से आने वाले वाहनों को प्रयागराज अथवा अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग जाने के लिए सर्विस रोड का अभाव है। उससे बड़ी मुसीबत रानीगंज तरफ से भुपियामऊ की तरफ आने वाले वाहनों को प्रयागराज की तरफ जाने के लिए इन पांच वर्षों में सर्विस रोड ही नहीं बन सका शहर की ओर बनी सर्विस रोड पर दोनों ओर के वाहनों का संचालन होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना होते हैं। रानीगंज की ओर से आने और रायबरेली की तरफ से प्रयागराज जाने वालों को सर्विस रोड पर जाने के लिए विपरीत दिशा में उतरना होता है। उधर से आने वालों के लिए उनकी साइड में सर्विस रोड नहीं है। सर्विस रोड के संदर्भ में सवाल पूँछने पर सांसद संगम लाल गुप्ता और रानीगंज के विधायक धीरज ओझा चुप हो जाते हैं। जबकि सदर विधानसभा, रानीगंज और विश्वनाथगंज विधानसभा सहित लालगंज विधानसभा के स्थानीय लोगों का विशेष आना जाना रहता है। परन्तु प्रतापगढ़ के जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास पर ध्यान न देकर सिर्फ सिर्फ अपने विकास में विश्वास रखते हैं।   


भुपियामऊ ओवरब्रिज से सांसद संगम लाल के यहाँ कटरा की तरफ भी नहीं बना सर्विस रोड़... 

विधानसभा चुनाव-2017 के पहले भुपियामऊ और रामापुर बाजार में बने ओवरब्रिज का लोकार्पण करने आये  भूतल एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दोनों ओवरब्रिजों का लोकार्पण तो कर दिया, परन्तु भुपियामऊ चौराहे पर बने ओवरब्रिज का सर्विस रोड़ आज तक न बन सका। जबकि भुपियामऊ चौराहे से प्रयागराज जाने के लिए चौराहे के आगे से फोरलेन सड़क बन गई और मऊआइमा के पास बकायदा टोल प्लाजा भी बनाकर वसूली भी शुरू कर दी गई। रायबरेली से जौनपुर की सड़क जो एमडीआर सड़क थी और कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने इस रोड़ को NHI में परिवर्तित करके सड़क निर्माण कार्य कराया और प्रतापगढ़ में दो स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया। परन्तु उसका चुनावी लाभ कांग्रेस न ले सकी। उसका लाभ वर्ष-2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की चार विधानसभा में शानदार जीत दर्ज कर भाजपा ने लिया। भाजपा के नेताओं के पता है कि किसी काम का कब और किस तरह लाभ लेना चाहिए। कांग्रेस इस मामले में फिसड्डी साबित हुई। 

   

पहला ओवरब्रिज भुपियामऊ चौराहा पर तो दूसरा ओवरब्रिज रामापुर बाजार में बनाया गया। रामापुर बाजार में तो सर्विस रोड़ बनाया गया, परन्तु भुपियामऊ चौराहा जो अति ब्यस्त चौराहा है, वहाँ सर्विस रोड नहीं बनाया गया और ओवरब्रिज को संचालित कर दिया गया। नतीजा रानीगंज की तरफ से आने वाले वाहन जिसे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के लिए मुड़ना होता है वह दाहिनी तरफ से आकर ही मुड़ता है, क्योंकि बाई तरफ सर्विस रोड का निर्माण नहीं हो सका और ओवरब्रिज का संचालन पूरे पांच वर्ष बीत गए। इन पांच सालों में ओवरब्रिज से रानीगंज की तरफ उतरते ही लगभग दो दर्जन से अधिक दुर्घटना हो चुकी हैं और एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि ओवरब्रिज का संचालन नियमतः तभी किया जा सकता है, जब दोनों तरफ का सर्विस रोड बनकर तैयार हों। परन्तु प्रतापगढ़ में नियम कानून सब ताक पर रखकर कार्य किया जाता है। अधिकारियों का एक काकस है जो जनप्रतिनिधियों को गोल गोल घुमाते हैं और उनका पांच वर्ष का कार्यकाल वह अपने दफ्तर चक्कर लगवाकर ब्यतीत कर देते हैं। प्रतापगढ़ का बाईपास परियोजना इसका जीता जागता उदाहरण है  


सच्चाई यह है कि यहाँ के अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों नकारे हैं। प्रतापगढ़ सांसद संगम लाल गुप्ता का आवास इस ओवरब्रिज से महज एक किमी की दूरी पर है और रानीगंज के युवा विधायक धीरज ओझा का रानीगंज विधानसभा में आना जाना शहर बाबागंज के आवास से होता है। फिर भी यह समस्या दोनों जनप्रतिनधियों को आजतक नहीं दिखी। दांदूपुर रेलवे स्टेशन का नाम माँ बाराही देवी धाम कराने का श्रेय दोनों जनप्रतिनिधि ऐसा ले रहे थे, मानों रानीगंज में विकास की गंगा बहा दी हो। जनहित की बात तो सभी जनप्रतिनिधि करते हैं, परन्तु असल में जनता का हित किसमें है ? यह बात भी आधुनिक जनप्रतिनिधियों को नहीं पता। शनिवार को पांच वर्ष बाद विधानसभा चुनाव-2022 के मद्देनजर एक बार पुनः सुखपालनगर प्रतापगढ़ में भूतल एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आगमन हुआ। शहर के बाईपास का शिलान्यास व सुल्तानपुर से प्रतापगढ़ राजमार्ग के चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य का लोकार्पण उनके द्वारा किया गया। इस दौरान गडकरी ने कहा कि धन का पिटारा लेकर प्रतापगढ़ आया हूँ, कहिये कितना बजट प्रतापगढ़ के विकास के लिए दे दूं। 


अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि योगी और केशव मौर्य के नेतृत्व में डबल इंजन लगा दो, अगले पांच साल में पांच लाख करोड़ रुपये दूंगा। उत्तर प्रदेश की सड़कें अमेरिका की बराबरी करेंगी। उदाहरण देकर समझाते हुए गडकरी ने प्रतापगढ़ की जनता को समझाया कि पहले दिल्ली से मेरठ जाने में चार घंटे लगते थे, अब सिर्फ 40 मिनट लगते हैं। दिल्ली से लखनऊ के बीच हम नया एक्सप्रेस-वे बनाने जा रहे हैं। इससे दिल्ली से लखनऊ तक का सफर साढ़े तीन घंटे में पूरा होगा। अब गडकरी जी से कौन पूंछे कि पांच वर्ष में एक अदद भुपियामऊ चौराहा वाले ओवरब्रिज के बगल सर्विस रोड़ तो बना न सके और बातें करते हैं, बड़ी-बड़ी। गडकरी जी बतायेंगे कि सर्विस रोड़ के आभाव में जिन परिवार के लोग दुर्घटना में अपनी जान गंवाये हैं, उनके लिए वो क्या देंगे और उसका जिम्मेदार कौन है ? साथ ही जो जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कौन सी कार्यवाही की जायेगी ? विधानसभा चुनाव- 2022 के लिए एक बार फिर से लोकार्पण, भूमि पूजन और शिलान्यास महज एक चुनावी झुनझुना है। इससे अधिक और कुछ भी नहीं।  

 

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