Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

रविवार, 12 दिसंबर 2021

गोरखपुर के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर तिवारी, विनय शंकर तिवारी और उनके भांजे गणेश पांडेय ने रविवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में हो गए,शामिल

बाप के नाम पर राजनीति करने वाले हरि शंकर तिवारी के बेटों की अपनी नहीं कोई बिसात, दल-बदल में रखते हैं विश्वास, कभी बसपा में हाथी की सवारी करते हैं तो कभी सपा की साइकिल की सवारी कर अपनी नैय्या पार लगाने की करते हैं,जुगत 

लखनऊ। विधानसभा चुनाव-2022 की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे दल बदलू नेताओं के रंग बदलने का क्रम जारी है। गोरखपुर में कभी हरि शंकर तिवारी का डंका बजा करता था। हरिशंकर तिवारी गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा से 22 साल तक विधायक रहे हैं, जबकि उनके बड़े बेटे संत कबीरनगर से विधायक रहे चुके हैं। आज पूर्वांचल के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर तिवारी, विनय शंकर तिवारी और उनके भांजे गणेश पांडेय ने रविवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हो गए। 


इस दौरान भीष्म शंकर तिवारी ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अब सीएम बनने से कोई नहीं रोक सकता। भीष्म शंकर तिवारी ने कहा कि राजनीति में सबको जोड़ने का काम किया जाता है, लेकिन योगी जी लोगों को डिवाइड करने में लगे हैं। अखिलेश जी जो काम देंगे, वो पूरा करुंगा। इस मौके पर हरिशंकर तिवारी के छोटे बेटे विनय शंकर तिवारी ने कहा कि योगी सरकार में ब्राह्मणों पर अत्याचार किया जा रहा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि तिवारी परिवार काफी प्रतिष्ठित है और सीएम के क्षेत्र में अब सपा की लड़ाई किसी से नहीं है।


बीजेपी की सरकार में सभी लोग परेशान हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार सवाल से बच रही है। बाबा की सरकार यूपी में रोज खबर छपवाती है कि लैपटॉप और टैबलेट बांटेगी, लेकिन सरकार का अब कार्यकाल खत्म होने के समय बांटने का ऐलान कर रही है। अखिलेश यादव ने कांग्रेस और बसपा के चुनावी फाइट में होने के सवाल पर कहा कि लड़ाई अब एकतरफा है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता ने मन बना लिया है कि भाजपा की सरकार उसे उखाड़ फेंकनी है सूबे में सपा की सरकार बननी अभी से तय है। आपको बता दें कि हरिशंकर तिवारी के परिवार का दबदबा पूर्वांचल के लगभग 15 सीटों पर है। 


चिल्लूपार विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां वर्ष- 2017 में बहुजन समाज पार्टी ने जीत दर्ज की थी। इस बार चिल्लूपार विधानसभा सीट के परिणाम किस पार्टी के पक्ष में होंगे, यह जनता को तय करना है। चिल्लूपार विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में आती है। वर्ष- 2017 में चिल्लूपार में कुल 35.48 प्रतिशत वोट पड़े। 2017 में बहुजन समाज पार्टी से विनय शंकर तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के राजेश त्रिपाठी को 3359 वोटों के मार्जिन से हराया था। चिल्लूपार विधानसभा सीट बांसगांव के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र से कमलेश पासवान सांसद हैं, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के सदल प्रसाद को 153468 से हराया था।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें