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सोमवार, 15 नवंबर 2021

कार्तिक सुदी एकादशी के शुभावसर पर प्रतापगढ़ के किशोरी सदन में श्री श्याम जन्मोत्सव पर भजन कीर्तन का आज शाम 8 बजे श्याम प्रेमी भक्तजनों की उपस्थिति में होगा आयोजन

प्रभु के नाम को भजने से ही जीवन को मिल सकती है,मुक्ति...

भायँ कुभायँ अनख आलस हूँ। नाम जपत मंगल दिसि दसहूँ॥

प्रतापगढ़ के किशोरी सदन में श्री श्याम जन्मोत्सव का आज शाम 8 बजे होगा आयोजन...

गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरित मानस में वर्णन किया है कि बड़े भाग्य मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ सदग्रंथहि गावा। जिसका अर्थ है कि भाग्य से यह मनुष्य का जन्म मिलता है जो कि देवताओं को भी दुर्लभ है। इस मनुष्य जीवन को सार्थक कर सकें, यही इस जीवन का उद्देश्य है। इस शरीर में ये आत्मा जो ईश्वर का अंश है, अपने निज घर परमात्मा से बिछड़ कर जन्मों-जन्मों से भटक रही है, परमात्मा की प्राप्ती करके जीवन मरण के चौरासी के चक्कर से मुक्त हो सकें और मोक्ष को प्राप्त कर सकें। ये उपलब्धि केवल मनुष्य को ही प्राप्त हो सकती है, अन्य किसी भी योनि में यह संभव नहीं। चौरासी लाख जन्मों के बाद ये जो मानव जीवन मिला है, इसी जीवन में अपने उद्देश्य को पूरा कर लें। 


आया है,जन्म दिन श्याम मेरे सरकार का,दर्शन पायेंगे कलयुग के अवतार का...

यही अवसर है, इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह समय हाथ से छुट गया तो जीवन की बाजी जीत कर नहीं, हार कर चला जाएगा। मनुष्य देह में ही यह आत्मा का परमात्मा से मिलाप सम्भव है। परमात्मा से नाता जोड़कर यह आत्मा आवागमन के बंधन से निजात पा सकती है। बार-बार ये आत्मा जन्म लेगी, एवं बार-बार मृत्यु को प्राप्त होगी। ये बड़ी लम्बी सजा है। चौरासी लाख योनियों के बाद मानव जन्म मिला है, अगर कुदरत की रचना करने वाले कादर को नहीं जाना तो फिर वही चौरासी के चक्कर में जाना पढ़ेगा। गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी ने अध्याय 7 के 19वें श्लोक में कहा है किः-

बहुनाम् जन्माम् अन्ते ज्ञानवान् माम् प्रपद्यते।

इसलिए सभी मानस धर्म प्रिय भगवत प्रेमी जन, मेरा सभी को जय श्री श्याम। मित्रों, समस्त विश्व जिस महामारी के दौर से निकला भी नहीं कदाचित् अभी भी कहीं न कहीं वह भय समस्त मानव जाति में व्याप्त है। परन्तु हम मानव जाति पुन: उसी भाग-दौड़ में पूर्व के भाँति लग गये। परन्तु वह कौन सी अदृश्य शक्ति रही, जो चिकित्सक अथवा वैध रूप में हमारी रक्षा की तथा आने वाले समय में हम सभी उस सत्ता का शुक्रगुजार रहें। उस परम शक्ति को सदा धन्यवाद करें इसी क्रम में मैं अपने परम आराध्य बाबा श्याम को संकीर्तन माध्यम से धन्यवाद देता हूँ व समस्त विश्व कल्याण कि मंगल कामना करते हुये आप सभी को संकीर्तन कार्यक्रम में सपरिवार आमंत्रित करता हूँ। 


मानव तन मिला है तो कुछ पल अपने-अपने आराध्य का सुमिरन कर लें। श्रीप्रभु जी के भजन और कीर्तन से ही जीवन का उद्धार होगा। श्रीखाटू श्याम भक्त मण्डली ने “बाबा श्याम जयंती" का आज दिनांक- 15 नवंबर 2021, दिन- सोमवार, समय- सायं 8 बजे से किशोरी सदन, कपूर चौराहा, प्रतापगढ़ में आयोजन रखा है। इसे आप अपनी उपस्थिति से और सुन्दर बनायें, ऐसी हमारी अंतरात्मा की पुकार है। किसी अन्य जानकारी के लिए दिए गए उक्त मोबाइल नम्बर-9792283777 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इन्हीं मंगल कामनाओं सहित आपका श्याम लाल खण्डेलवाल "श्याम बाबू"।   


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