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शुक्रवार, 19 नवंबर 2021

तिलका और अलका पेट्रोल पम्प पर हाइड्रोकार्बन केमिकल अपमिश्रण पट्रोलियम पदार्थ बिक्रय करने वाले अभियुक्त घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ की अग्रिम जमानत अर्जी हुई खारिज

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी पेट्रोल पम्प के डीलर शिव शंकर सिंह उर्फ भोले सिंह और मनोज सिंह पर मेहरबान हुई कोतवाली नगर की पुलिस, नामजद आरोपी होने के बाद भी विवेचनाधिकारी और पुलिस के आलाधिकारी मोटी रकम लेकर नाम निकालने की कर चुके हैं,तैयारी


कटरा रोड़ स्थित अलका ऑटोमोबाइल और प्रयागराज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तिलका ऑटोमोबाइल जो सील है,फिर भी इज्जत बचाने के लिए पेट्रोल पम्प पर लगी मशीन को ढ़क कर उसके ऊपर लिखा गया है,मशीन खराब

अपनी फरियाद लेकर कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के दरबार में घनश्याम उर्फ बड़कऊ सिंह...

इंसान जब धन कमाने के लिए मान-सम्मान, पद- प्रतिष्ठा, इज्जत और मर्यादा को ताक पर रखकर गलत कार्य करता है। उस वक्त उसे धन के सिवा कुछ नहीं दिखाई देता। परन्तु कानूनी शिकंजे में फंसने के बाद सबसे पहले उसे समाज में अपनी मान मर्यादा और सामाजिक प्रतिष्ठा की चिंता सताने लगती है और वह उसकी दुहाई देने से भी बाज़ नहीं आता। ऐसे ही शहर के मानिंद परिवार के लोग हैं जो धन पिपासु बनने के चक्कर में अपनी सामाजिकता तक को भूल गए और धन कमाने के लिए गलत कार्य करने लगे और जब रंगे हाथ पुलिस द्वारा पकड़े गए तो अब उन्हें अपनी सामाजिकता धूल धूसरित होने की चिंता सताने लगी। 20 अगस्त, 2021 की रात्रि में UPSTF की प्रयागराज टीम और कोतवाली नगर की फोर्स ने तिलका और अलका पेट्रोल पम्प पर हाइड्रोकार्बन केमिकल अपमिश्रण पट्रोलियम पदार्थ बिक्रय करने वाले 5 अभियुक्तों को पेट्रोल पम्प पर टैंकर से टैंक में खाली करते केमिकल अपमिश्रण पट्रोलियम पदार्थ के साथ दबोच लिया था और अंधेरे का लाभ उठाकर दो अभियुक्त भाग निकले थे। जिसके सम्बन्ध में थाना-कोतवाली नगर, जनपद-प्रतापगढ़ में मु०अ०सं०-695/2021 धारा- 285, 407, 409, 419, 420, 467, 468, 471 भा०द०सं० व 3/7 ई.सी. एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा दर्ज किया गया है।  


इज्जत बचाने के लिए घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह घटना के बाद से लगातार सारे हथकंडे अपनाये। उसी कड़ी में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के दरबार में भी घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह पहुँचे थे। कैबिनेट मंत्री से सिफारिश कराकर पुलिस से बचने के लिए घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह परेशान दिखे। उनकी पहली कोशिश थी कि उनके भाई शिव शंकर सिंह उर्फ भोले, मनोज सिंह और बेटा आयुष सिंह का नाम पुलिस किसी भी कीमत पर विवेचना के दौरान केस डायरी से बाहर कर दे और बदले में वह सारी सेवा करने के लिए तैयार हैं। दोनों सगे भाईयों शिव शंकर सिंह उर्फ भोले, मनोज सिंह के नाम निकालने की बात तो बन गई, परन्तु  घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह और बेटे आयुष सिंह पर विवेचनाधिकारी नाम निकालने के लिए तैयार नहीं हुए। जिसके बाद हैरान व परेशान होकर घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह प्रतापगढ़ की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की और अपने बचाव में बहुत सी दलीलें भी दी, परन्तु अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के उपरांत अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।  


पेट्रोल पम्प संचालक घनश्याम सिंह पुत्र समर बहादुर सिंह निवासी- 31 भदरी हाउस, कचेहरी मार्ग, थाना- कोतवाली नगर, जिला प्रतापगढ़ के प्रकरण में अग्रिम जमानत हेतु इस आधार पर प्रस्तुत किया गया था कि आवेदक को स्थानीय पुलिस गिरफ्तार करने के लिए तलाश रही है आवेदक को विश्वास है कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। थाने पर रोककर शारीरिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित कर नाजायज वसूलना चाहती हैउसकी सामाजिक छवि कलंकित करना चाहती है। आवेदक अग्रिम जमानत पर छूटने पर विवेचना में पूरा सहयोग करेगा विवेचक द्वारा बुलाये जाने पर उपस्थित होगा किसी गवाह को धमकी नहीं देगा बगैर न्यायालय की अनुमधित के बाहर नहीं जायेगा। यह भी कहा गया है कि आवेदक ने अन्य कोई जमानत आवेदनपत्र माननीय उच्च न्यायालय में न तो दिया है न विचाराधीन है और न निरस्त हुआ है। आवेदक ने कोई अपराध कारित नहीं किया है। कथित घटना स्थल का पेट्रोल पम्प दो वर्ष से बन्द था। आवेदक की पत्नी कैंसर रोग से पीड़ित थी जिनके ईलाज में आवेदक व पुत्र आयुष व्यस्त रहता था, जिनकी मृत्यु दिनांक- 11-06-2021 को हो गयी। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी पेट्रोल पम्प संचालक घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह की सभी दलीलें खारिज कर दिया।    


पेट्रोल पम्प पर हाइड्रोकार्बन केमिकल अपमिश्रण पट्रोलियम पदार्थ बिक्रय करने आरोपी घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ सिंह का कहना है कि उन्हें सह अभियुक्तों के बयान पर आरोपी बनाया गया है। क्योंकि वह पत्नी की मृत्यु के बाद उसके वियोग में ऐसी स्थिति में नहीं था कि वह ऐसा कोई कार्य कर सके। आवेदक इस घटना में नहीं था। आवेदक के विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। आवेदक के पास से कोई बरामदगी नहीं है। आवेदक कथित पेट्रोल पम्प पर कभी नहीं जाता था, न ही कोई लेनदेन किया, उक्त पेट्रोल पम्प पर हीरो मोटरसाईकिल का वर्तमान समय में गोदाम है। आवेदक को झूंठा फंसाया गया है। अग्रिम जमानत आवेदन-पत्र का विरोध करते हुए विद्वान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) की ओर से यह तर्क किया गया है कि आवेदक/अभियुक्त सह अभियुक्तों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत भौतक लाभ हेतु ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आपराधिक न्यासभंग किया तथा इनवाइस/विल का निर्माण मिक्चर के टैंकर को रास्ते में परिवहन के समय विभाग से बचने के लिए अनुचत लाभ के लिए तैयार कराया। आवेदक/अभियुक्त उक्त घटना में सह अभियुक्तों के साथ शामिल था।  


प्रतापगढ़ में प्रयागराज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित तिलका ऑटोमोबाइल और अलका ऑटोमोबाइल पेट्रोल पंप पर शहर के कथित प्रतिष्ठित परिवार शिव शंकर उर्फ भोले सिंह, उनके बड़े भाई घनश्याम सिंह उर्फ बड़कऊ, छोटे भाई मनोज सिंह जो हीरो बाइक की एजेंसी जनता ट्रेडिंग के नाम से संचालित करते हैं। भतीजा आयुष प्रताप सिंह यानि बड़कऊ का पुत्र भी तिलका ऑटोमोबाइल के साल्वेंट केमिकल बेंचने के आरोपियों में से हैं। जो मौके पर मुंशी मैनेजर पकड़े गए। सभी जेल में निरुद्ध अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सबके इरादों पर पानी फिर गया है। महीनों से घर परिवार छोड़कर सभी लोग भगोड़े की तरह जीवन काट रहे हैं। उन्हें लगता था कि जेल में निरुद्ध आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार हो जाने के बाद बिना जेल गए बाहर-बाहर रहते हुए अपनी भी जमानत वो लोग करा लेंगे। अब घनश्याम सिंह उर्फ़ बड़कऊ की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी हैप्रस्तुत प्रकरण में आवेदक/अभियुक्त प्रथम सूचना रिरपोट में नामित है। प्रकरण में अपराध की प्रकृति व मामले की परिस्थितियों अग्रिम जमानत के आधार पर्याप्त नहीं हैं। अग्रिम जमानत आवेदन-पत्र निरस्त किये जाने योग्य है। सत्र न्यायाधीश, प्रतापगढ़ द्वारा अभियुक्त घनश्याम सिंह द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन-पत्र निरस्त कर दिया गया।


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