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गुरुवार, 28 अक्तूबर 2021

प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता की हत्या में 9 साल बाद आया फैसला, 2 अभियुक्तों को फांसी और 5 को आजीवन कारावास की अदालत ने सुनाई सजा

फांसी की सजा सुनते ही शिक्षक नेता के दोनों हत्यारे के चेहरे से उड़ने लगी थी,हवाइयां 

न्यायपालिका पर आम जनता के विश्वास में आई प्रगाढ़ता...

प्रतापगढ़ के बहुचर्चित प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शोभनाथ मिश्र हत्याकांड में न्यायालय ने सजा सुनाई है। दो अभियुक्तों को मृत्युदंड और पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फिलहाल फैसला आने में आठ साल का वक्त लग गया। शोभनाथ मिश्र की हत्या 14 जुलाई, 2012 को की गई थी। न्यायालय ने अरुण कुमार, अनुज दुबे, प्रमोद तिवारी लोटा, अशोक मिश्र, प्रदीप सिंह को आजीवन कारावास और नौशाद उर्फ डीएम और राजेश कुमार को फांसी की सजा सुनाया है। साथ ही न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शिक्षक नेता शोभनाथ मिश्र की हत्या के प्रकरण में सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी थी कि हाई-प्रोफाइल मामले में सजा होती है कि साक्ष्य के अभाव में अभियुक्तों को बरी कर दिया जाता है। अभियुक्तों की तरफ से बड़े-बड़े दावे किये जा रहे थे,परन्तु अदालत के आदेश के बाद सारे दावे फुस्स हो गए। सबकी बोलती बंद हो गई। शाम को पूरे जिले में अदालत के फैसले की ही चर्चा होती रही।     


अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने राजेश सिंह पुत्र राधेश्याम निवासी सेतापुर थाना- अंतू व नौशाद उर्फ डीएम पुत्र शमशेर अली निवासी- कला भदारी, थाना- लालगंज को हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए मृत्यु दंड व अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अन्य अभियुक्त प्रदीप सिंह पुत्र सूर्य नारायण सिंह निवासी- अजीत नगर, थाना- कोतवाली नगर, प्रमोद कुमार उर्फ लोटा तिवारी निवासी- बिहारगंज भोजपुर, अशोक मिश्र निवासी- पड़ाव वार्ड, कोतवाली नगर, अरुण कुमार सिंह निवासी- बिहारगंज, बरिया समुद्र, थाना- कोतवाली नगर व अनुज दूबे निवासी- लालागंज को भी हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है।अभियुक्त राजेश सिंह, लोटा तिवारी, अरुण सिंह, अनुज दूबे को दो लाख अस्सी हजार रुपये अर्थदंड तथा अभियुक्त नौशाद, अशोक मिश्र व प्रदीप सिंह को दो लाख सत्तर हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड की संपूर्ण राशि मृतक के उत्तराधिकारियों को देय होगी। मुकदमा वादिनी विद्या देवी निवासनी- अजीत नगर, थाना- कोतवाली नगर, प्रतापगढ़ ने लिखाया था और वादिनी मुकदमा के अनुसार उनके पति शोभनाथ शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे। जिनकी हत्या उनके आवास में घुसकर गोली मारकर की गई थी 


मुख्य अभियुक्त राजेश सिंह शिक्षक था। वादिनी मुकदमा के अनुसार सेतापुर ग्राम के राजेश सिंह मेरी लड़की पूजा से जबरन शादी करना चाहते थे, जिसका विरोध मेरे पति व लड़की पूजा करती थी। इसी बात को लेकर कई बार राजेश सिंह ने मेरे पति की घेराबंदी भी की थी। घटना 14 जुलाई, 2012 समय रात नौ बजे मेरे पति, मैं व मेरी लड़की पूजा एवं प्रिया घर के चैनल पर बरामदे में तख्ता व कुर्सी पर बैठ कर बातें कर रहे थे। उसी समय राजेश सिंह, प्रदीप सिंह, अशोक मिश्र व एक अन्य व्यक्ति जिसे मैं पहचान सकती हूं अपने-अपने हाथ में तमंचा लेकर मेरे घर में घुस गए। मेरे पति से राजेश सिंह ने कहा आज साले तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे और राजेश सिंह ने मेरे पति की गर्दन से सटाकर गोली मार दिया। अन्य लोगों ने तमंचे से फायर किया, जिसकी चोटें मेरे पति व बाहर से आ रहे हकीम अंसारी को लगी। अभियुक्तगण पल्सर से गाली देते अन्य लोगों को जान से मार देने की धमकी देते हुए भाग निकले थे। मेरे पति की हालत नाजुक थी, वे गोली लगने के बाद वहीं गिर गए थे। कृष्ण कुमार तिवारी उन्हें लेकर अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल मिश्र व वादिनी की ओर से पैरवी अश्विनी कुमार पांडेय ने की।


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