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रविवार, 17 अक्तूबर 2021

प्रतापगढ़ के लालगंज में पुलिस की कथित मुठभेड़ में युवक की मौत से कठघरे में खड़ी हुई उत्तर प्रदेश की पुलिस

यूपी पुलिस योगी सरकार की नाक कटवाने में पीछे नहीं है, गोरखपुर के बाद अब प्रतापगढ़ में पुलिस की कारस्तानी के चर्चे होंगे, तेज 


मुठभेड़ की सूचना पर राजकीय मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ पहुँचे, SP सतपाल अंतिल... 

दबिश देने पहुंची लालगंज इलाके में पुलिस और एटीएम चोर के बीच कथित मुठभेड़ में दो सिपाही घायल होने की पुलिस ने स्क्रिप्ट लिखकर मामले को संभालने में जुट गई थी। पुलिस के अनुसार पुलिस की संयुक्त टीम एटीएम चोर को पकड़ने गई थी जवाबी कार्रवाई में एटीएम चोर को भी गोली लगी थी मामले में शाम को नया मोड़ उस समय आ गया जब एटीएम चोर की इलाज के दौरान मौत हो गई तौफीक उर्फ बब्बू की मौत के बाद परिजनो में कोहराम मच गया तौफीक उर्फ बब्बू की पत्नी ने पुलिस पर जानबूझकर हत्या करने का आरोप लगाया है तौफीक उर्फ बब्बू की मौत के बाद पुलिस महकमा हर बार की तरह लीपापोती में जुट गई है।

 

एक बार फिर यूपी पुलिस का कलंकित चेहरा उजागर हुआ। एसओजी की स्वाट टीम व लालगंज कोतवाली की संयुक्त पुलिस टीम एटीएम चोरी के आरोपी को गिरफ्तार करने गई थी। आरोपी युवक ने भागने की कोशिश किया तो पुलिस ने पीछे से एक गोली पीठ पर मार दिया जो पीठ को पार करते हुए पेट से निकल गई। पुलिस खुद को शिकंजे में फंसती देख रच दिया फायरिंग करने की झूठी पटकथा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बाबूतारा गांव निवासी मो तौफीक उर्फ बब्बू (30) पुत्र स्व० मुस्तकीम जिनके ऊपर एटीएम चोरी व धोखाधड़ी करने के आरोप थे। बीती रात में अर्धरात्रि के बाद आरोपी के घर दविश देने गई स्वाट टीम व लालगंज कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के दौरान आरोपी युवक ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश किया तो पुलिस द्वारा पीछे से पीठ पर गोली मार दिया गया। जिससे आरोपी युवक तौफीक उर्फ बब्बू घर से कुछ दूर खेत के कुएं में गिर गया। 


आरोपी युवक को गोली लगने और कुंए में गिर जाने के बाद पुलिस टीम के होश फाख्ता हो गए और बैरंग वापस चली गई। परिजनों ने गांव वालों की मदद से युवक को निकालकर गम्भीर हालत में आनन-फानन में अस्पताल लेकर चले गए। सुबह छह बजे तक मेडिकल रजिस्टर में सिर्फ एक सिपाही का नाम दर्ज था। लालगंज थाना अन्तर्गत बाबूतारा पुलिस मुठभेड़ मामले में राजकीय मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के रजिस्टर में सिर्फ एक सख्स का नाम दर्ज है। मेडिकल कालेज के इमरजेंसी मे सुबह चार बजकर चालीस मिनट पर सत्यम यादव नाम दर्ज है उसके बाद पांच बजकर पचपन मिनट पर किसी निर्मला नाम‌ की औरत का नाम रजिस्टर में दर्ज है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मेडिकल कालेज के इमरजेंसी में सिर्फ स्वाट टीम के सिपाही का ही नाम दर्ज है। फिर दूसरा सिपाही कब और कैसे घयल हुआ ? कहानी चाहे जिस तरह लिखी जाये,परन्तु हकीकत को कोई झुठला नहीं सकता  


तीन घण्टे बाद लगभग साढ़े तीन बजे दोबारा पुलिस और फायर ब्रिगेड सहित अन्य कई थानों की फोर्स के साथ आरोपी को कुंए से निकालने गई और उसे न पाने पर कई राउंड फायरिंग किया फिर परिजनों को धमकाते हुए वापस चली गई। फिर शुरू हुआ पुलिस खेल और रची गई मुठभेड़ की पटकथा। परिजनों के अनुसार तौफीक को गोली मारने के बाद कुंए में गिर जाने के बावजूद पुलिस मौका-ए-वारदात भाग जाती है दोबारा आने के बाद लगातार फायरिंग शुरू कर देती है सबसे मजेदार पहलू यह कि पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा भी लालगंज कोतवाली में पंजीकृत कर लिया जाता है और मुठभेड़ में दो सिपाहियों के घायल होने की खबर वायरल कर दी जाती है। बता दें कि विगत वर्ष भी इसी परिवार के मो मकबूल की भी पुलिस की निर्मम पिटाई से मौत हो गई थी। जिसके दंश से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि आज उसी परिवार के साथ यह दूसरी घटना पुलिस द्वारा कर दी गई पुलिस कहानी तो गढ़ती है,परन्तु अपने ही बुने जाल में फंस जाती है यहाँ भी फंसती नजर आ रही है  


पुलिस टीम के इस अमानवीय कृत्य से मानवता कलंकित हो रही है वहीं पुलिस की कार्यशैली से आम जनमानस का विश्वास पुलिस से उठता नजर आ रहा है। पुलिस की इस कार्यशैली से जहाँ पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है तो वहीं शासन-प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश भी पनप रहा है। फिलहाल प्रकरण चाहे जो भी रहा हो, खाकी की साख पूरे क्षेत्र में धूल धूसरित होती नजर आ रही है। पुलिस के इस अमानवीय कृत्य की चर्चा एवं निंदा पूरे क्षेत्र में व्याप्त है। वहीं लालगंज कोतवाली पुलिस द्वारा बताया गया कि दविश देने गई पुलिस की टीम पर फायरिंग में एक बदमाश व दो पुलिस को भी गोली लगी, जिनका इलाज चल रहा है। जबकि तौफीक की हालत खराब होने की दशा में उसे इलाज के लिए परिजन लखनऊ ले जाया जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। तौफीक उर्फ बब्बू की मौत की खबर से पुलिस प्रशासन के हाथ-पाँव फूल आये हैं यूपी पुलिस योगी सरकार की नाक कटवाने में पीछे नहीं है गोरखपुर के बाद अब प्रतापगढ़ में पुलिस की कारस्तानी के चर्चे तेज होंगे  


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