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रविवार, 31 अक्तूबर 2021

प्रतापगढ़ के सबसे संवेदनशील बेगम वार्ड मोहल्ले में पकड़ा गया लाखों रूपये का अवैध पटाखे

 बारूद की ढेर पर परिवार संग कई रात्रि सोते हैं,पटाखा कारोबारी 

छापेमारी के दौरान लाखों रुपये कीमत का पटाखा पुलिस ने किया बरामद...

प्रतापगढ़। शहर का सबसे घनी आबादी वाला मोहल्ला बेगम वार्ड में त्यौहार के मद्देनजर कोतवाली नगर की पुलिस ने छापेमारी कर लाखों रुपये कीमत का पटाखा पुलिस ने बरामद किया है शहर का सबसे संवेदनशील मोहल्ला माना जाता है। बेगम वार्ड में 99फीसदी मुस्लिम बस्ती है। यहाँ आतिशबाजी के समान बनाये जाते हैं।दीपावली में तो बाथरूम और बेडरूम तक पटाखे और विस्फोटक सामग्री भर कर रखी जाती है। कई बार दीपावली का त्यौहार फिस्फोट हो जाने से खराब हो गया। कई बार कई जाने भी लोगों ने गंवाई है, फिर भी लोग अपने आदत में सुधार नहीं ला सके। कोतवाली नगर के कटरा मेदनीगंज में भी पटाखे का हब है। पहले सबसे बड़ा हब प्रयागराज का मऊआईमा हुआ करता था, जहाँ से पटाखे बेंचने वाले थोक भाव में खरीददारी करके दीपावली में अच्छा मुनाफा कमाया करते थे। चूँकि पटाखे के ब्यवसाय में 75 फीसदी बचत होती है।         

दीपावली आने के पहले ही अवैध रूप से पटाखों का भण्डारण शुरु हो जाता है। इसी अवैध पटाखों के भण्डारण के कारण दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल की दीपावली में भी अवैध पटाखों का भण्डारण करना शुरू हो गया है। किसी तरह की कोई घटना न हो, इसलिये पुलिस द्वारा कार्यवाही भी शुरू हो गयी है। रिहाईसी इलाके बेगमवार्ड जिसमें पहले भी अवैध पटाखे रखने के कारण घर में रखे पटाखों के कारण विस्फोट हो जाने से बड़ी दुर्घटना हो चुकी है। इसी बेगमवार्ड मे कई घरों से अवैध रूप से रखे पटाखों का भण्डारण किया गया था। पुलिस को अवैध रूप से रखे पटाखों की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा छापामारी की गयी। जिसमें कई घरों में अवैध रूप से रखे अवैध पटाखों को भारी मात्रा में बरामद किया गया है। 

छापेमारी के दौरान पटाखे से जुड़े कारोबारी और पुलिस में तू तू मैं मैं भी हुई। रिहायसी इलाके में पटाखे के निर्माण पर प्रतिबन्ध रहता है और पटाखे की दुकान से लेकर निर्माण तक के लिए जिला प्रशासन से लाईसेंस लेना पड़ता है। फिर भी लाइसेंस लेने के बावजूद उसका अनुपालन न करके नियम विरुद्ध तरीके से घर में पटाखे की फैक्ट्री संचालित की जाती है। घर की बात जाने दीजिये, हालात तो इतने बद्तर हैं घर के बाथरूम और बेडरूम तक पटाखे और विस्फोटक सामग्री से भरे पड़े हैं। एक तरह से कह सकते हैं कि पटाखे के कारोबारी बारूद के ढेर पर अपने पूरे परिवार को सुलाते हैं और पूरे मोहल्ले कि जान जोखिम में डालकर पटाखे का निर्माण करते हैं। पटाखा कारोबारी को देश के नियम कानून से कोई वास्ता व सरोकार नहीं रहता। जब दुर्घटना हो जाती है तब इनकी चीख पुकार और चीत्कार सुनने और देखने लायक होती है।       

शहर के बेगम वार्ड में पुलिस ने छापेमारी करके पटाखा बरामद किया रिहायसी मकान में भी पटाखे का निर्माण किया जा रहा था बेगम वार्ड में कई बार घटनाएं घटित हुई हैं और कईयों ने अपनी जान भी गंवाई हैपटाखा फैक्ट्री में आग लगने एक बार एक ब्यक्ति की मौत भी हुई है। कई घायल हुए हैं। फिर भी बेगम वार्ड में पटाखे का कारोबार और पटाखे की फैक्ट्री बंद नहीं हो सकी। एक बार टैम्पू में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखकर ले जा रहे थे और चलती टेम्पों में विस्फोट हो गया था और कई लोग घायल हुए थे। कोतवाली नगर क्षेत्र के कटरा मेदनीगंज में भी कई बार फटाखे की गोदाम में विस्फोट हुआ और लोगों ने अपनी जान गंवाई और कई ब्यक्ति घायल भी हुए थे। धन कमाने की इच्छा इतनी प्रबल होती है कि पटाखा कारोबारी दुर्घटना घटित होने से पहले कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते। पुरानी घटनाएं सब भूल जाते हैं।      

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