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मंगलवार, 12 अक्तूबर 2021

भ्रष्टाचारियों द्वारा सूचना अधिकार अधिनयम-2005 को भी कमजोर करने की हो रही है,लगातार कोशिश

आरटीआई एक्ट-2005से पीड़ितों को मिला बल,परन्तु भ्रष्ट और निरंकुश नौकरशाही आज भी दमनकारी नीति के सहारे आरटीआई एक्ट-2005को चाहती है,रौदना 


सदन में MP और MLA जिस तरह सवाल करते हैं,उसी तरह जनता भी RTIसे सवाल कर सकती है...


उ.प्र. द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 12 अक्टूबर, 2021 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का स्थापना दिवस मनाया गया। इसी क्रम में यह कार्यक्रम उ.प्र. के अतिरिक्त छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित पूरे देश में सभी जिला शाखा, मण्डल शाखा, प्रदेश शाखा एवं अन्य सभी शाखाओं द्वारा मनाया गया। इसी क्रम में उ.प्र. की राजधानी लखनऊ के ए- ब्लाक कामन हाल, दारूलशफा, हजरतगंज, लखनऊ में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक मनाया गया, जिसमें एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने देश के सूचना आयोगों में सूचना आयुक्तों के खाली पदों को भरे जाने के बारे में हो रहे विलम्ब पर चिन्ता प्रकट की और सम्बन्धित सरकारों से मांग की कि रिक्त पदों को तत्काल भरा जाये एवं एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव तनवीर अहमद सिद्दीकी ने सूचना का अधिकार अधिनियम का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया और सभी लोगों से अपील की कि वह लोग अधिक से अधिक आर.टी.आई. आवेदन विभागों में लगायें। 


इसी क्रम में एसोसिएशन के उ.प्र. के अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी ने सूचना मांगने वाले आवेदकों पर हो रहे हमले और उनकी हत्याओं पर गहरी चिन्ता प्रकट की। उपरोक्त कार्यक्रम में सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005 की जानकारी सभी लोगों को दी गयी एवं सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005 का नि:शुल्क वितरण किया गया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से अधिक से अधिक सूचना मांगने एवं अधिनियम को मजबूत बनाने की अपील की गयी। आरटीआई एक्ट-2005 से पीड़ितों को बल तो मिला, परन्तु भ्रष्ट और निरंकुश नौकरशाही आज भी दमनकारी नीति के सहारे आरटीआई एक्ट-2005 को रौदना चाहती है। पंद्रह वर्षों में कई बार आरटीआई एक्ट-2005 की धार को भोथरा करने का प्रयास किया गया कई बार तो जनसूचना अधिकारियों द्वारा सूचना माँगने वाले को सूचना माँगने के उद्देश्य को बताने के लिए बाध्य किया गया। आरटीआई एक्ट-2005 में बहुत सारी कमियां हैं जिन्हें दुरुस्त किए जाने की आवश्यकता है उपरोक्त कार्यक्रम में राजकमल प्रजापति, राजवीर सिंह, सालिकराम, शानू भारती, रामसरन, मोहम्मद नौ शाद, शिव सिंह, गोपाल कृष्ण अग्निहोत्री, संजय आजाद केदारनाथ सैनी, रामस्वरूप यादव अनेकों आर. टी. आई. कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।


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