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शनिवार, 2 अक्तूबर 2021

गोरखपुर पुलिस पर हत्या के आरोप के बाद लगा एक अंगूठी और एक लाख रूपये चुरा लेने का आरोप

गोरखपुर कांडः मीनाक्षी बोली-पति के एक लाख रुपये भी गायब,पुलिस अफसरों के बयान तोड़ रहे मनोबल 


मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी बोली पति के 1लाख रूपए भी पुलिस ने किये हजम...
 
गोरखपुर के पुलिस अधिकारी ऐसे बयान देकर मेरा मनोबल तोड़ रहे हैं, मीनाक्षी ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति काफी रुपया लेकर वहां घूमने गए थे, बैग में एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम उनके पास थी, लेकिन मनीष की बैग में वो रुपया नहीं मिले, उनकी अंगूठी भी कहां गायब हो गई, पता नहीं ! मीनाक्षी ने सीएम योगी से मांग करते हुए कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए...!!!


गोरखपुर कांड में 6 पुलिसवालों के हाथों से मारे गए ब्यवसायी भाजपा नेता मनीष गुप्ता के घर कानपुर में अभी भी राजनीतिक दलों के नेताओं का आना जाना लगा हुआ है इस मामले में गोरखपुर पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है वजह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी गोरखपुर से आते हैं और वह 20 सालों से गोरखपुर से सांसद रहे। सांसद रहते योगी जो गोरखनाथ मंदिर के महंत भी रहे। गोरखपुर पर उनकी विशेष नजर होती है।फिर भी गोरखपुर पुलिस योगी जी की पार्टी के युवा नेता मनीष गुप्ता को होटल से उठाकर ले जाती है और इतना मारती है कि उसकी मौत हो जाती है। ये हत्या नहीं तो और क्या है ? गोरखपुर पुलिस का दामन दागदार हो चुका है। मनीष गुप्ता के खून से गोरखपुर पुलिस के हाथ सने हुए है। इसके बावजूद मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में जो मुकदमा गोरखपुर पुलिस ने लिखा उसमें सभी आरोपियों के नाम तक नहीं हैं। 


देश में कानून कहने के लिए सबके लिए समान है,परन्तु हकीकत में देश का कानून किताबों में पढ़ने और पढ़ाने के लिए समान है। देश के संविधान में मौलिक अधिकार में समानता का अधिकार की बात की गई है, परन्तु ब्यवहारिकता में ऐसा नहीं है। रसूखदार लोगों विशेषकर राजनीतिक लोगों और ब्यवस्था से जुड़े अफसरों के साथ देश का कानून उस समय अपाहिज हो जाता है, जब उनकी बारी आती है। उस समय कानून के हाथ ढीले हो जाते हैं जब पुलिस के अफसरों को गिरफ्तार करने की बारी आती है। जनसामान्य लोगों को तो आशंका के तौर पर बिना मुकदमा दर्ज किये ही पुलिस गिरफ्तार कर हवालात में डाल देती है और जब अपनी बारी आती है तो सारे साक्ष्य और सबूत को दर किनार करके सिर्फ जाँच का बहाना बनाकर कार्रवाई के नाम पर साक्ष्य एकत्र करने की कौन कहे,  साक्ष्य और सबूत ही पुलिस मिटाने लगती है। 


प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या में आरोपित गोरखपुर पुलिस के दामन खून से रंगे हैं, मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी चीख चीखकर गोरखपुर पुलिस को अपने पति का कातिल बता रही है और गोरखपुर पुलिस पर संदेह और अविश्वास प्रकट कर रही है, फिर भी शासन और गोरखपुर प्रशासन अपनी निघर्घटई दिखाने से बाज नहीं आ रही है। मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी की सूबे के मुखिया योगी  आदित्यनाथ जी से मांग है कि सभी आरोपी पुलिस वालों की तुरन्त गिरफ्तारी होनी चाहिए साथ ही मनीष गुप्ता की हत्या में शामिल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जितने लोग हैं,उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए और किसी निष्पक्ष जाँच एजेंसी से मुकदमें की विवेचना कराकर न्यायालय में आरोप पर दाखिल कर सभी आरोपियों को फांसी के फंदे पर पहुँचाने के लिए अभियोजन पक्ष से कड़ी पैरबी करानी चाहिए। यही मनीष गुप्ता की सच्ची श्रधांजलि होगी। तभी मृतक की आत्मा को शांति मिल सकेगी और उसे न्याय मिल सकेगा।  


गोरखपुर का जिला प्रशासन और पुलिस महकमें को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। मीनाक्षी का कहना है कि जब सीएम साहब ने खुद उन्हें न्याय दिलाने को कहा है तो गोरखपुर जिला प्रशासन और हत्यारी पुलिस के मुखिया गोरखपुर के एसएसपी उससे वार्गेनिंग की बात करके उसके चोट में नमक रगड़ने का कार्य कर रहे हैं। मृतक मनीष गुप्ता मीनाक्षी ने सीएम योगी आदित्यानाथ से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी से मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि आप मेरे बड़े भाई की तरह हैं इन पुलिस अधिकारियों को बयान देने से रोकिए, क्योंकि ये ऐसे बयान देकर मेरा मनोबल तोड़ रहे हैं मीनाक्षी ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति काफी रुपया लेकर वहां घूमने गए थे उनकी बैग में 1 लाख रुपये से ज्यादा की रकम थी, लेकिन उनकी बैग से एक भी रुपया नहीं मिलाउनकी अंगूठी भी कहां गायब हो गई, पता नहीं मीनाक्षी ने सीएम योगी आदित्यानाथ से मांग करते हुए कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।  


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