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शनिवार, 4 सितंबर 2021

डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार, कोविड-19 लक्षणयुक्त व्यक्तियों के चिन्हीकरण हेतु 07 से 16 सितम्बर तक चलेगा विशेष अभियान

डेंगू रोग के प्रभावी नियंत्रण हेतु किये जाये व्यापक इंतजाम- नोडल अधिकारी संजय गोयल, मंडलायुक्त प्रयागराज मंडल 

धरातल पर काम करें अधिकारी आंकड़े बाजी न करें-नोडल अधिकारी संजय गोयल...

प्रतापगढ़। नोडल अधिकारी/मण्डलायुक्त प्रयागराज संजय गोयल की अध्यक्षता में कल सायंकाल जिला पंचायत सभाकक्ष में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गयी। नोडल अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार, कोविड संवेदीकरण, ज्वर पीड़ित व्यक्तियों तथा क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कोविड टीकाकरण की पहली खुराक न प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के चिन्हीकरण के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि जागरूकता हेतु 07 से 16 सितम्बर 2021 तक संचालित होने वाले विशेष अभियान में माइक्रो प्लान 02 दिन में बना करके उसके आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करायें। 


नोडल अधिकारी ने जनपद के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि धरातल पर काम करें आंकड़े बाजी न करें, धरातल पर काम दिखना चाहिये। सभी अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य को किया जाये ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। नोडल अधिकारी ने कहा कि डेंगू रोग के प्रभावी निंयत्रण हेतु धनात्मक पाये गये रोगियों के क्षेत्र में त्वरित एवं तीव्र गति से निरोधात्मक, उपचारात्मक एवं ज्वर रोगियों का सर्वेक्षण एवं विभिन्न विभागों का सहयोग लेते हुये मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देशित किया कि सोर्स रिडक्शन गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाये जिन क्षेत्रों में एक या एक से अधिक डेंगू रोगी पाये जाते हैं तो डेंगू से प्रभावित पूरे ग्राम क्षेत्र एवं मोहल्ले में टीम भेजकर जल संग्रहित सभी पात्रों को खाली कराते हुये प्रजनन स्रोतों को समाप्त कराया जाये। 


उन्होने कहा कि जनपद मथुरा एवं फिरोजाबाद में डेंगू के मरीज मिले है जो चिन्ता का विषय है। जिल में यह बीमारी किसी भी दशा में फैलने न पावे, इसका पहले से ही व्यापक इंतजाम किये जाये ताकि जनपदवासी स्वस्थ्य रहें, सुरक्षित रहें। उन्होने कहा कि वर्षा ऋतु में वैसे भी तमाम संक्रामक बीमारियां फैलने की सम्भावना बनी रहती है इसलिये लोगों को स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करने तथा विशेष साफ-सफाई बरतने के लिये लोगों को जागरूक किया जाये। डेंगू से बचाव की जानकारी जन सामान्य को विभिन्न संचार माध्यमों से प्रदान की जाये। महाविद्यालय एवं विद्यालयों की छतों पर जमीन जल को नियमित रूप से साफ कराया जाये। घरों में मच्छर से बचने हेतु मच्छरदानी, जाली लगाने की सलाह दी जाये, अस्पतालों में बेड की व्यवस्था कराते हुये मरीजों को यथाशीघ्र भर्ती कराया जाये।


जल निगम के अधिकारी को निर्देशित किया कि खराब गुणवत्ता के पेयजल स्रोतों को चिन्हित कर दुरूस्त किया जाये। हैण्डपम्प का प्रयोग पेयजल के लिये ना किया जाये। जनपद के सभी विकास खण्डों में से किस विकास खण्ड में सबसे ज्यादा पानी खराब है चिन्हित किया जाये। रिबोर कराते समय पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, शौचालय का प्रयोग करने हेतु जागरूक किया जाये। खुले में शौच न जायें, होने वाली बीमारी के प्रति जागरूक रहे, कितने गांव में पानी पीने लायक नहीं है सूची उपलब्ध कराया जाये। उन्होने कहा कि कन्ट्रोल रूम बनाया जाये जिससे प्रतिदिन ग्रामीण कन्ट्रोल रूम के नम्बर पर वार्ता कर गांव में हो रही बीमारी से अवगत करा सके। डीपीआरओ एवं सीएमओ को निर्देशित किया कि व्हाट्सएप गु्रप बनाकर जागरूकता फैलाया जाये। सभी ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मामीटर की उपलब्धता एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित कराया जाये। 


नोडल अधिकारी ने राजस्व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सम्बन्ध में जानकारी ली। जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल द्वारा बताया गया कि समस्त तहसीलों में लाइफ जैकेट नागरिकों की सूची बनाकर तैयार कर ली गई है। गंगा के किनारे के 18 गांव में बाढ़ का कोई भी खतरा नहीं है। बैठक में संयुक्त आयुक्त मनोज वर्मा, जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रभाष कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, समस्त उपजिलाधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


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