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शनिवार, 11 सितंबर 2021

तीन साल से एक ही जिले में जमे पुलिस अफसरों पर अब योगी सरकार गिरायेगी गाज

योगी सरकार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव-2022की सफलता के लिए हर हथकंडा अपनाने को है,तैयार 

सेटिंगबाज पुलिस अफसरों की कारस्तानी सुन सर पकड़ कर बैठ गए योगी महराज...

लखनऊविधानसभा चुनाव को लेकर योगी सरकार ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है सूत्रों की मानें तो यूपी में तीन साल से एक ही जिले में जमे एएसपी, डिप्टी एसपी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर (31 मार्च 2022 तक का कार्यकाल) पर योगी सरकार गिरायेगी गाज डीजी अभिसूचना की अध्यक्षता में गृह विभाग द्वारा बनाई गई दो स्क्रीनिंग कमेटियों ने तैयारी शुरू कर दी है इसमें एक ASP व DSP और दूसरी इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर का ब्यौरा तैयार करेगी, जिसके आधार पर पुलिस अफसरों का तबादला किया जाएगा स्क्रीनिंग कमेटी को एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। अब चुनाव से पहले अधिसूचना लागू होने तक यही सब खेल चलता रहेगा और रोज नई-नई रणनीति के तहत गोटी बिछाई जाती रहेगी। चुनाव की सफलता के लिए वर्तमान सरकार हर हथकंडा अपनाने से बाज नहीं आती। चुनाव में सफलता मिले या न मिले यह अलग विषय है

सीएम योगी के खास नौकरशाह अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव "गृह"

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी की सरकार के नाक, कान और गला के नाम से ख्याति प्राप्त अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बीते गुरुवार को यूपी पुलिस की निगरानी के लिए डीजी अभिसूचना डीएस चौहान के नेतृत्व में दो स्क्रीनिंग कमेटी बनाई हैस्क्रीनिंग कमेटी में ADG लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार, ADG स्थापना संजय सिंघल और एक गृह सचिव रखे गए हैंएक समिति एएसपी व डिप्टी एसपी का ब्यौरा तैयार करेगी तथा दूसरी समिति इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर पर नजर रखेगी जिसके आधार पर तीन साल से एक ही जिले में तैनात पुलिस कर्मियों का तबादला किया जाएगादूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय ने भी इसके चलते तीन साल से एक ही जनपद, कार्यालय में जमे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को चिन्हित कर सूची तलब कर ली है इसके लिए सभी जिलों की पुलिस इकाई के मुखिया को पत्र लिखा गया है


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर आईपीएस, पीपीएस और पीसीएस के तबादले पर भी मंथन शुरू कर दिया गया है प्रदेश के 75 जिलों में 25 से अधिक आईएएस और 50 पीसीएस अफसर ऐसे हैं, जो विभिन्न पदों पर एक ही जिले में लंबे समय से एक ही जिले में डेरा जमाए हुए हैं गृह विभाग उनकी भी लिस्ट तैयार करने की तैयारी कर रहा है इन्हें भी अक्तूबर तक हटाने की चर्चा है आरोप है कि विधानसभा के चुनाव के पूर्व योगी सरकार महत्वपूर्ण पदों पर अपने चहेतों को बैठाने की रणनीति तैयार कर ली है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है। ऐसा कदम हर सरकार आम चुनाव के पहले उठाती है। ताकि चुनाव में उन अफसरों से लाभ लिया जा सके। कहने के लिए चुनाव के समय आदर्श आचार संहिता लागू रहती है,परन्तु सच्चाई कुछ और होती है। जिसकी सूबे में सरकार होती है उसके लिए तैनाती पाने वाला अफसर मुरीद रहता है। इसके पीछे के तर्क यह है कि यदि सरकार की वापसी हुई तो उसे उससे बेहतर स्थान पर मलाई काटने के लिए तैनात किया जा सकता है


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