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सोमवार, 6 सितंबर 2021

शराब माफियाओं ने प्रतापगढ़ जिले का नाम बदनाम कर दिया

तत्कालीन अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय भूसरेड्डी ने माना था कि शराब के अवैध कार्य में जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन सहित आबकारी विभाग संलिप्त रहता है और बदले में अपना-अपना हिस्सा लेकर शराब के कारोबारियों को मदद पहुँचाते हैं 

नकली व जहरीले शराब का गोरखधंधा...

शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में अवैध शराब की रोकथाम, उनके अनियमित निर्माण व व्यापार के विरुद्ध चलाये जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आबकारी आयुक्त महोदय, उत्तर प्रदेश के निर्देशन तथा जिलाधिकारी, प्रतापगढ़ व उप आबकारी आयुक्त, प्रयागराज प्रभार के कुशल मार्गदर्शन और जिला आबकारी अधिकारी, प्रतापगढ़ के नेतृत्व में आज दिनाँक- 05.09.2021 को जनपद के लालगंज तहसील के थाना लालगंज के संदिग्ध ग्राम केशवपुर, रामपुर, आझारा में आकस्मिक दबिश दी गयी। दबिश के दौरान उक्त स्थलों से कुल 35 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई जिसको जब्त किया गया। कार्यवाही में लगभग 200 किलो लहन जब्त करके नष्ट भी किया गया। 


 केशवपुर, रामपुर, आझारा में आबकारी इंस्पेक्टर द्वारा नष्ट की गई लहन...

उक्त कार्यवाहियों में कुल दो अभियोग पंजीकृत कर आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में अमित श्रीवास्तव, आबकारी निरीक्षक, सदर व प्रवीण यादव, आबकारी निरीक्षक, लालगंज मय हमराह मौजूद रहे। इसके साथ ही क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब व संदिग्ध स्थलों से बिकने वाली अवैध शराब से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जनता में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ उन्हें अवैध शराब के खतरे के सम्बन्ध में चेताया भी गया। गांव वालों को बताया गया कि यदि कोई भी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। क्षेत्र में इस सम्बंध में पैम्फलेट भी वितरित किये गए। 


ऐसे बनती है नकली शराब की शीशी...

नकली और जहरीली शराब ने प्रतापगढ़ जनपद का नाम ही खराब कर दिया। शराब माफियाओं ने तो जिले की नाक ही कटवा दी है। अवैध शराब ही नहीं अवैध कार्य बिना सिस्टम के सहयोग से संचालित ही नहीं हो सकता। इसलिए अवैध कार्य को पूर्णतः रोकना है तो सिस्टम में बैठे भ्रष्ट लोग जो धन की लालच में आकर अपने कर्तब्यों से विमुख हो जाते हैं और अवैध कार्यों के संचालित होने में मदद करते हैं। बदले में मनचाहा धन अर्जन करते हैं। जब सिस्टम के लोग ही किसी अवैध कार्य में संलिप्त रहेंगे तो उस कार्य को रोका नहीं जा सकता। यह बात स्वयं अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय भूसरेड्डी ने माना था कि शराब के अवैध कार्य में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित आबकारी विभाग संलिप्त रहता है और बदले में अपना-अपना हिस्सा लेकर शराब के कारोबारियों को मदद पहुँचाते हैं। यही हकीकत है। 


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