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बुधवार, 29 सितंबर 2021

उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा में करीब 150 विधायकों का टिकट कटना तय, सूबे में हारी हुई 84 सीटों पर CM योगी को है, जिताऊ उम्मीदवार की तलाश

सीएम योगी आदित्यनाथ अध्यक्ष, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के स्तर से उम्मीदवारों के चयन के लिए बनेगी सूची, इस नए फार्मूले के मुताबिक 70साल से ज्यादा उम्र वाले और गंभीर रूप से बीमार विधयाकों या पूर्व प्रत्याशियों को भी टिकट नहीं दिया जाएगा 


विधानसभा के चुनाव में इस बार सूबे में भाजपा के 150विधायकों का टिकट कटना तय... 

बीजेपी आलाकमान ने यूपी के लिए 100 दिनों की रणनीति तैयार कर ली है और इसकी औपचारिक घोषणा के बाद से लगातार 100 दिनों तक रोजाना कार्यक्रम होंगे हालांकि बीजेपी विधायकों और बीते चुनावों में हारे उम्मीदवारों के लिए बुरी खबर ये भी है कई सीटिंग विधायकों समेत बीते चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार रहे करीब 150 लोगों का इस बार टिकट कटना तय माना जा रहा है। भाजपा विधायकों की छवि को लेकर अलग-अलग एजेंसिंयों से कई स्तर पर सर्वेक्षण करवा रही है। इसके अलावा पार्टी की आंतरिक समिति भी प्रदेश भर में पार्टी के विधायकों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटा रही है। संभावना जताई जा रही है कि पार्टी दिसंबर 2021 के मध्य तक उम्मीदवारों के नाम को तय कर लेगी। इसके अलावा संघ यानि आरएसएस भी अपने स्तर से उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभाओं में वर्तमान विधायकों सहित वर्ष-2017 में हारी हुई सीटों पर उम्मीदवारों के लिए चयन में अपनी राय और सहमति देगी, तभी भाजपा संसदीय बोर्ड उस पर अपनी मुहर लगायेगी 


खराब छवि वाले जनप्रतिनिधि और वे लोग जिनसे उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता नाराज है, उनका भी टिकट कटना तय है...


चुनावी मूड में आ चुकी है,योगी सरकार...

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक खराब छवि वाले जनप्रतिनिधि और वे लोग जिनसे उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता नाराज है, उनका टिकट कटना तय है। बीजेपी ने टिकट वितरण फार्मूला भी सेट कर लिया है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व प्रत्याशियों के चयन के लिए अभी से फार्मूला तय कर लिया है। जिलाध्यक्ष से जो सूची प्रदेश कार्यालय पहुँचेगी उसे सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा के रष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह की निगरानी भाजपा संसदीय बोर्ड के पास भेजा जायेगा, जहाँ संसदीय बोर्ड अपने स्तर से भाजपा उम्मीदवारों के लिए फैसले लेगी। इस नए फार्मूले के मुताबिक 70 साल से ज्यादा उम्र वाले और गंभीर रूप से बीमार विधायकों या पूर्व प्रत्याशियों को भी टिकट नहीं दिया जाएगा इसके अलावा अनर्गल बयानबाजी करने वाला और संगठन पर सवाल करने वाले नेताओं का टिकट भी काटा जाएगा। भाजपा शीर्ष नेतृत्व और संघ किसी भी दशा में उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।  


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