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मंगलवार, 28 सितंबर 2021

खाद्यान्नों के सुरक्षित भण्डारण हेतु प्रदेश सरकार के सहकारिता विभाग ने बड़ी संख्या में बनवाये भण्डारण गृह

किसानों से अनाज को क्रय करने के बाद उनके भंडारण के लिए योगी सरकार ने बड़े पैमाने पर गोदामों का निर्माण कराकर अनाज की बर्बादी को रोकने लिए उठाया है,बड़ा कदम 


योगी सरकार ने बनवाए बड़ी संख्या में अनाज को सुरक्षित रखने हेतु गोदाम...

प्रदेश के सहकारिता विभाग के कार्य बहुत विस्तृत है। आज उर्वरक वितरण, बीज वितरण, शीतगृह संचालन, खाद्यान्न भण्डारण, उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण, दीर्घकालीन ऋण वितरण, दुग्धविकास, गन्ना, आवास, हथकरघा विकास जैसे क्षेत्रों में सहकारिता विभाग अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है। सहकारिता समितियों के प्रबन्ध द्वारा जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कृषकों एवं ग्रामीण लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उत्तर प्रदेश खाद्यान्नों के उत्पादन में देश मे प्रथम स्थान पर है। उत्पादित खाद्यान्नों का प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से क्रय किया जाता है। 


इस तरह अनाज की होती है,बर्बादी...

खाद्यान्नों के सुरक्षित भण्डारण को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विगत 4 वर्षों में अनेक कार्य किए गए है। प्रदेश के उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम द्वारा वर्ष 2017-18, 2018-19 व 2019-20 में क्रमशः 45 लाख मीट्रिक टन गेंहू व धान, 57.78लाख मीट्रिक टन गेंहू व धान तथा 51.95 लाख मीट्रिक टन गेंहू व धान का भण्डारण किया गया है। वर्ष- 2017-18 से 2019-20 के तीन वर्षों के दौरान खाद्यान्न भण्डारण करते हुए निगम द्वारा कुल 257.83 करोड़ रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है।  उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम की गोदामों की दशा ठीक नहीं थी। गोदामों में क्षमता से अधिक अनाज रखने से उसकी सुरक्षा और बरसात में उसे भीगने से बचाने में गोदाम प्रभारी असफल हो जाते हैं।  


क्रय केन्द्रों पर अनाज को खरीद तो कर ली जाती है,परन्तु रखने का नहीं होती ब्यवस्था...

उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम की क्षमता में वृद्धि हेतु मण्डी समितियों से उपलब्ध करायी गयी भूमि पर 2 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। 100 मीट्रिक टन व 250 मीट्रिक टन क्षमता के लगभग 125 गोदाम सहकारी समितियों की भूमि पर बनाए जा रहें है। पी0ई0जी0 योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार निजी उद्यमियों को भी भण्डारण क्षमता निर्माण हेतु प्रोत्साहन दे रही है एवं निजी उद्यमियों द्वारा 6.85 लाख मीट्रिक टन की भण्डारण क्षमता सृजित की जा रही है। कुल 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण प्रगति पर है जिससे प्रदेश में खाद्यान्न भण्डारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर प्रदेश के किसानों की मेहनत से उत्पादित खाद्यान्न को सुरक्षित रखा जा सकेगा। 


संस्था में अच्छे व गुणवत्तापरक कार्यो के प्रोत्साहन हेतु भारत सरकार द्वारा गोल्ड मेडल एवं ओवर ऑल परफार्मेंस से सम्मानित किया गया है। एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के अन्तर्गत प्राथमिक सहकारी समितियों के स्तर पर 202 नए गोदामों का निर्माण प्रारम्भ कराते हुए 50 गोदामों का कार्य पूर्ण कराया गया है, तथा शेष निर्माणाधीन है। 584 गोदामों के मरम्मत/सुदृढ़ीकरण का कार्य भी प्रगति पर है, इनमें से 177 गोदामों का कार्य पूर्ण हो गया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भी 13 जनपदों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के 100 गोदामों का निर्माण प्रगति पर है। सभी गोदाम बनकर जब तैयार हो जायेगी तो अनाज को सुरक्षित रखा जा सकेगा। उससे अनाज की बर्बादी के साथ देश की अर्थब्यवस्था मजबूत होगी।   


उ0प्र0 राज्य सरकार द्वारा उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ एवं उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को निर्माण इकाईयाँ घोषित किया गया है। इन इकाईयों द्वारा 3 वर्षों में 5000 से अधिक निर्माण कार्यों को प्रारम्भ कराते हुए अबतक 1100 से अधिक कार्य पूर्ण किए जा चुके है। यह दोनों संस्थाएं शुद्ध लाभ पर कार्य कर रही है। दोनों संस्थाओं का 2018-19 एवं 2019-20 में कुल शुद्ध लाभ 59.80 करोड़ रूपये हुआ है। उ0प्र0 की वर्तमान सरकार के विजन "सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास" को सार्थक करते हुए सहकारिता विभाग द्वारा कृषकों के हित संवर्धन हेतु उल्लेखनीय कार्य किए जा रहें हैं। विगत 4 वर्षों में वर्तमान उ0प्र0 सरकार के कार्यकाल में सहकारिता विभाग ने अपने कार्यो में उत्तरोत्तर वृद्धि एवं प्रगति दर्ज की है। 


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