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रविवार, 26 सितंबर 2021

युवतियों द्वारा युवकों पर शादी का झांसा देकर कई सालों से दुराचार का आरोप लगाकर युवकों को समाज में दोषी बताकर ब्लैकमेल करने का बनता जा रहा है,युवतियों में ट्रेंड

शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध,अब शादी करने के लिए युवक द्वारा युवती के परिजनों से दहेज में तीन लाख रुपए मांगने का युवती की माँ ने लगाया आरोप,युवती की माँ ने पुलिस को दी है,तहरीर 


शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध...

जनपद प्रतापगढ़ में पट्टी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को शादी का झांसा देकर पिछले 3 वर्षों से शारीरिक संबंध स्थापित कर रहा था। आरोप है कि युवक द्वारा अब शादी करने के लिए दहेज के रूप में तीन लाख रूपये की मांग की जा रही है। पीड़ित किशोरी की मां किशोरी को लेकर पट्टी कोतवाली पहुंची और संबंधित घटना में नामजद तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। किशोरी की मां गरीब परिवार से होने के कारण दहेज देने में असमर्थता जाहिर की है। पीड़िता की मां ने युवक को शादी करने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह सहमत नहीं हुआ और शादी करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उक्त प्रकरण पट्टी पुलिस के सामने आया है नामजद तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


नब्बे फीसदी युवतियों का आरोप होता है कि उसे फला युवक द्वारा शादी का झांसा देकर इतने महीने अथवा इतने साल से उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। यदि युवती की यह बात अथवा उसके द्वारा लगाये आरोप को एकबार मान भी लिया जाए तो क्या पूरे मामले में सिर्फ कथित युवक ही दोषी है ? जब युवक और युवती रजामंदी से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किये तो उसमें दुराचार शब्द कहां से घुस गया ? हाँ, झांसा देने का आरोप सही हो सकता है परन्तु रजामंदी से किया गया शारीरिक सम्बन्ध दुराचार की श्रेणी में नहीं आता। चूँकि उस कार्य के लिए युवक और युवती दोनों बराबर के सहयोगी रहे और दोनों का दोष भी बराबर का रहा। यदि युवती की शादी नहीं हुई तो सिर्फ शादी करने की बात पर अपना शरीर किसी युवक के सुपर्द कर देना, उस युवती की जवाबदेही को तय करता है। वह अपनी जवाब देही से बच नहीं सकती। इसलिए समाज में ऐसी घटनाएं बहुतायत घट रही है। 


जबकि सच्चाई कुछ और होती है। युवक और युवती की रजामंदी उस समय दुराचार में बदल जाती है, जब युवक उससे शादी से इंकार करे अथवा उसके साथ पहले जैसा बर्ताव न करे। उस युवती से स्वयं को अलग करने का कार्य करे एक स्थिति में और भी युवकों पर दुराचार का आरोप लगते हैं। वह स्थिति युवक और युवती के कुकृत्य को जब कोई ब्यक्ति देख लेता है तो युवती उस दशा में भी अपनी इज्जत को बचाने के लिए उस युवक का गिरेबान पकड़ कर लटक जाती है और आरोपित करने लगती है कि उस युवक ने उसके साथ ब्लात्कार किया है। ऐसा न करे तो युवती की समाज में बहुत बदनामी होगी। समाज में अपनी बदनामी को बचाने के लिए महिलाओं द्वारा यह हथकंडा अपनाया जाता है उदाहरण के लिए एक घटना का जिक्र कर खबर में लिखी बैटन की पुष्टि की जा रही है प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय के पूर्व सीएमएस डॉ आर डी द्विवेदी के साथ एक युवती ने ऐसे आरोप लगाये और बाद में ब्लैकमेल के जरिये 10 लाख रुपये लेकर दुराचार के आरोप में समझौता किया था जबकि सच्चाई यह रही कि उस युवती और डॉ आर डी द्विवेदी के साथ जो भी सम्बन्ध रहे वह रजामंदी वाले रहे 
 

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