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बुधवार, 18 अगस्त 2021

प्रतापगढ़ के जिंदा युवक को प्रयागराज के पार्वती हॉस्पिटल में बता दिया गया मृत, अंतिम संस्कार के दौरान खुली पोल

पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज की लापरवाही के चलते नहीं बचाई जा सकी पंद्रह वर्षीय किशोर कशिश मौर्य की जान...!!!


राजनीतिक संरक्षण प्राप्त पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज के ऊपर नहीं होती कोई कार्यवाही, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से पार्वती हॉस्पिटल के संचालकों से है,बेहतर सम्बन्ध...!!!


पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज जहाँ जिन्दा को मुर्दा घोषित करने का होता है,खेल...

प्रयागराज के पार्वती हॉस्पिटल में प्रतापगढ़ के जिंदा युवक को मृत घोषित कर दिया गया। इसकी पोल तब खुली जब अंतिम संस्कार के दौरान युवक की सांस चलने लगी। इसके बाद युवक का उपचार कराया गया, परन्तु छः  घंटे के बाद उसकी मौत हो गयी। इलाज कर रहे चिकित्सकों के मुताबिक अगर इलाज में नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने लापरवाही न की होती तो युवक की जान बच सकती थी। युवक कशिश मौर्य प्रतापगढ़ जिले के मानधाता विकास खंड के डिहवा गांव का रहने वाला था। इस घटना के बाद से लोगों में पार्वती हॉस्पिटल की लापरवाही को लेकर गुस्सा है। स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित करने वाले लोंगो में मानवीय संवेदनाओं का विलुप्त होना आज आम बात हो चुकी है। धन की लालसा ने धरती के भगवान को दानव बना दिया है, जो स्वस्थ समाज के लिए अनिष्टकारी है स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में चिकित्सक के रूप में डॉक्टर के स्थान पर कसाई जैसा ब्यवहार करने वालों की बाढ़ सी आ चुकी है। पार्वती हॉस्पिटल जैसे स्वास्थ्य सेवा केंद्र के खिलाफ लोगों ने प्रशासन से मामले को संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज जिसका उद्घाटन पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने किया था...

मानधाता क्षेत्र के डिहवा गांव निवासी कमलेश मौर्य के बेटे कशिश के पेट में अक्सर दर्द रहता था। कशिश मौर्य की उम्र करीब 15 वर्ष थी। परिवार के लोगों ने इलाज के लिए उसे प्रयागराज स्थित पार्वती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सोमवार 16 अगस्त, 2021 की रात पार्वती हॉस्पिटल में कशिश को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद कशिश के शव को लेकर परिजन घर लौट आये। मंगलवार 17 अगस्त, 2021 की सुबह शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इस दौरान लोगों ने देखा तो कशिश की सांसे चल रही थी। उसे आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मानधाता लाया गया। कशिश मौर्य का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ सुरेश यादव ने बताया कि कशिश मौर्य की सांसे रुक रुक कर चल रही थी, उसे आक्सीजन की सख्त आवश्यकता थी जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता पर उपलब्ध नहीं थी। गाँव की भाषा में उसे घटका जैसा लगा हुआ था। उसकी सांसे थम नहीं पा रही थी, परन्तु कशिश जिन्दा था न कि मृत   


सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ डॉ अजय यादव चेयरमैन पार्वती हॉस्पिटल...

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता में तैनात मेडिकल अफसर डॉ सुरेश यादव ने बताया कि कशिश मौर्य की स्थिति नाजुक थी, उसकी सांसे चल रही थी और उसे ऑक्सीजन की जरुरत थी, परन्तु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने की दशा में उन्होंने मरीज को मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के लिए रेफर कर दिया था।जब कशिश मौर्य को उनके परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता लेकर आये तो बताये कि पार्वती हॉस्पिटल प्रयागराज में कशिश को भर्ती क्र इलाज चल रहा था। आज पार्वती हॉस्पिटल में उन चिकित्सकों ने कशिश मौर्य को मृत घोषित कर दिया जो कल तक उसका इलाज कर रहे थे। परन्तु अंतिम संस्कार करने की तैयारी के दौरान कशिश की सांसे चलने का आभास हुआ तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता लेकर पहुँचे थे। 


डॉ अजय विजय बहादुर यादव, चेयरमैन-पार्वती हॉस्पिटल, प्रयागराज...

परिजनों का शक बिलकुल सही निकला। जिस कशिश मौर्य को पार्वती हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था, उसी कशिश मौर्य का दूसरे दिन डॉ सुरेश यादव ने इलाज किया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक डॉ. सुरेश कुमार ने देखा तो कशिश की सांस चल रही थी। स्वास्थ्य केन्द्र में आक्सीजन न होने के कारण डॉ. सुरेश उसका इलाज नहीं कर सके। यहां से परिजन कशिश को लेकर मांधाता बाजार के एक नर्सिंग होम में पहुंचे। वहां आक्सीजन लगाया गया तो थोड़ी देरे में कशिश ने आंखे खोल दी। अंतत: कशिश मौर्य की जान नहीं बच सकी। कशिश जब अपनी आंखे खोला तो लोग खुश हो गये। उसका इलाज शुरू हुआ, किन्तु अपरान्ह करीब 3 बजे के आसपास कशिश की मौत हो गयी। परिजनों का कहना है कि अगर बेटे के इलाज के प्रति पावर्ती नर्सिंग होम में लापरवाही न बरती गयी होती तो कशिश आज जिंदा होता। पार्वती हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ अजय विजय बहादुर यादव से सम्पर्क करने का बहुत प्रयास किया गया,परन्तु बात न हो सकी। जिससे उनका पक्ष नहीं लिखा जा सका। पक्ष मिलने पर उनका भी पक्ष लिख दिया जाएगा।    


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