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गुरुवार, 19 अगस्त 2021

रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर पट्टी तहसील में तैनात लेखपाल को एसडीएम ने किया निलंबित

राजस्व विभाग में खुलेआम लिया जाता है,रिश्वत !चपरासी से लेकर हाकिम तक लेते हैं,हिस्सा...!!!


दिव्यांग से वरासत दर्ज करने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर पट्टी एसडीएम ने हल्का लेखपाल विनोद कुमार को निलंबित कर दिया, साथ ही रिश्वत लेने के मामले में बैठाई जांच...!!!


रिश्वतखोरी में मशगूल राजस्वकर्मी...

प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार चरम पर है। भ्रष्टाचार के साथ-साथ रिश्वतखोरी के मामले में राजस्व विभाग पुलिस विभाग का भी कान काट दिया है सबसे अधिक राजस्व विभाग में लेखपालों द्वारा रिश्वतखोरी का मामला देखने व सुनने को मिलता है। यदि कोई दमदार आसामी मिल जाए तो प्रतापगढ़ में ऐसे भी लेखपाल है जो अपने खानदान की परवाह किये बगैर अपनी जमीर तक को बेंच देने की माद्दा रखते हैं। जिससे धन लेने की वह इच्छा रखते हैं वह दिब्यांग है कि विधवा महिला अथवा निराश्रित है, इस बात से लेखपाल महोदय का लेना देना नहीं होता। उन्हें तो अपने लिए मांगी गई रिश्वत की धनराशि से मतलब रहता है। 


राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का यह आलम है कि इसी रिश्वत के दम पर कुछ लेखपाल तो दो से तीन मुंशी तक नियुक्त कर रखे हैं। यही मुंशी उनके दाहिने और बाएं हाथ की तरह काम करते हैं। प्रतापगढ़ के लेखपाल सिर्फ लेखपाली करके करोड़पति बनकर आलीशान कोठी, बंगला और लग्जरी गाड़ियों की शौक पूरी कर रहे हैं। एक लेखपाल अपनी तनख्वाह से ये सारी शौक कभी भी पूरी नहीं कर सकता। प्रतापगढ़ की पाँचों तहसीलों में लेखपालों की बल्ले-बल्ले रहती है। कुछ लेखपाल तो भूमाफियाओं से सांठ-गांठ करके उनके लिए अपनी नौकरी भी दाँव पर लगाकर उनके लिए रिपोर्ट तैयार करने में संकोच नहीं करते। सदर तहसील में तो ऐसे कई लेखपाल हैं जो भूमाफियाओं को पाल रखे हैं और उनके इशारे पर कार्य करते रहते हैं। उनके लिए फेंक वरासत करना और फेंक उत्तराधिकार का प्रमाण पत्र बनाना इनकी फितरत में समाया हुआ है   


पट्टी तहसील में तैनात एक लेखपाल द्वारा घूंसखोरी का एक मामला आज प्रकाश में आया पट्टी तहसील के ग्रामसभा-दूलापुर मजरे गाँव मौलानी निवासी दिव्यांग बृजेश कुमार ओझा का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल ने पांच माह पूर्व उससे वरासत दर्ज करने के नाम पर रूपये लेने के बाद भी बृजेश कुमार की जगह विजय कुमार के नाम पर वरासत दर्ज कर दिया। दो माह पूर्व दिव्यांग को जानकारी होने के बाद वह लेखपाल से फोन पर बात करके उसे ठीक करने के लिए कहा। इस दौरान लेखपाल सही नाम से वरासत दर्ज करने के लिए दिव्यांग से हीलाहवाली करता रहा तहसीलों में ऐसे ढीठ और निडर एवं निरंकुश लेखपाल हैं जो मुर्दे से भी पैसा निकलवाने में सक्षम हैं क्योंकि जिन्दा को मुर्दा और मुर्दा को जिन्दा करने का खेल भी लेखपालों को बहुत बढ़िया ढंग से खेलने आता है कुछ लेखपाल तो ऐसे हैं जो अपनी ही आख्या को बदलने में देर नहीं करते वह कन्फ्यूज रहते हैं कि उनके द्वारा पहली बार जो रिपोर्ट लगाई गई है, वह सही है अथवा दूसरी बार की रिपोर्ट सही है   


इस दौरान आरोपित हल्का लेखपाल आज गुरुवार दोपहर लगभग दो बजे दिव्यांग को बिबियाकरपुर मोड़ पर मिल गया। वरासत में नाम सही दर्ज करने के लिए आरोप है कि हल्का लेखपाल फिर से पैसे की मांग करने लगा। इस दौरान किसी युवक ने लेखपाल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसकी जानकारी जब एसडीएम पट्टी को हुई तो एसडीएम ने लेखपाल को सस्पेंड कर दिया। एसडीएम पट्टी डीपी सिंह ने बताया कि दिव्यांग के वरासत में हीला हवाली करने पर लेखपाल विनोद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। यह मामला प्रकाश में आया तो एसडीएम पट्टी को मजबूरी में हल्का लेखपाल को निलंबित करने का निर्णय लेना पड़ा। ऐसे मामले तो प्रतिदिन प्रतापगढ़ की पाँचों तहसीलों में देखने व सुनने को मिल जाएगा। खुलेआम रिश्वत लेना इन लेखपालों की नियति बन चुकी है   


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