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मंगलवार, 3 अगस्त 2021

जिला अस्पताल कैंपस से सीएमओ दफ्तर हटाने के लिये अब शासन को पत्र लिखेंगे मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के प्राचार्य, सीएमओ दफ्तर खाली करने को लेकर मची है सीएमओ और प्राचार्य में रार

प्रतापगढ़ में मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और सीएमओ के बीच सीएमओ दफ्तर के संचालन को लेकर बढ़ चुकी है,रार...!!!


भ्रष्टाचार के आकंठ डूबे सीएमओ डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव का शासन ने नहीं किया तवादला,लिहाजा मनबढ़ सीएमओ प्रतापगढ़ जबरन मेडिकल कालेज कैम्पस में गुंडई के बल पर संचालित करना चाहते हैं,अपना दफ्तर...!!!


मेडिकल कालेज परिसर में बने CMO दफ्तर को खाली कराने में प्राचार्य और CMOमें ठनी रार...

प्रतापगढ़। सीएमओ दफ्तर को जिला अस्पताल कैम्पस से अन्यत्र ले जाने के लिए मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल के पत्र पर सीएमओ प्रतापगढ़ के बीच रार ठन चुकी है। जिले के स्वास्थ्य महकमें का मुखिया सीएमओ डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव भ्रष्टाचारी के साथ-साथ झूठा भी निकला सीएमओ प्रतापगढ़ मेडिकल कालेज में खरीददारी करने में कमीशनखोरी की नियत बनाकर बैठे थे,परन्तु मेडिकल कालेज में प्राचार्य की नियुक्ति होने और पद भार ग्रहण करने के बाद से सीएमओ प्रतापगढ़ की मंशा पर पानी फिर गया मेडिकल कालेज के प्राचार्य देश दीपक आर्य सीएमओ प्रतापगढ़ को भ्रष्टाचार रुपी घास डालने से मना कर दिया और सीएमओ दफ्तर को खाली कराने की बात छेड़कर सीएमओ डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव की दुखती राग पर हाथ फेर दिया।     


मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ देश दीपक आर्य...

जिला अस्पताल कैंपस में सीएमओ दफ्तर संचालित है, परन्तु प्रतापगढ़ के झूठे सीएमओ ने आज यह कहकर बवाल खड़ा कर दिया कि सीएमओ दफ्तर जिला अस्पताल कैम्पस से बाहर है सीएमओ दफ्तर का स्टोर और कारपोरेशन स्टोर दोनों टीवी अस्पताल में संचालित है। जबकि जिला अस्पताल कैम्पस में सीएमओ दफ्तर संचालित है। फिर भी सीएमओ प्रतापगढ़ डॉ ए के श्रीवास्तव सफेद झूठ बोल रहे हैं सीएमओ प्रतापगढ़ की बातों से लग रहा है कि वह ऐसा क्यों बोल रहे हैं ? सीएमओ प्रतापगढ़ डॉ ए के श्रीवास्तव का दर्द आसानी से समझा जा सकता है। सीएमओ प्रतापगढ़ की मंशा थी कि मेडिकल कालेज में जो खरीददारी होती, उसमें उन्हें भी कमीशन में हिस्सा मिलता, परन्तु उनकी इच्छा पर जब पानी फिर गया तो दिल की बात जुबान पर आ गई।      


भ्रष्टाचार के महारथी और झूठ बोलने के माहिर CMO प्रतापगढ़ डॉ ए के श्रीवास्तव...

एक जिम्मेदार पद पर बैठा ब्यक्ति यदि झूठ बोलकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करें तो उसका क्या इलाज होना चाहिए ? चूँकि सर्व विदित है कि प्रतापगढ़ जिला अस्पताल कैंपस में ही प्रतापगढ़ का सीएमओ दफ्तर संचालित रहा और जब जिला अस्पताल महिला और पुरुष को मिलाकर उसे मेडिकल कालेज बना दिया गया और निष्प्रयोज्य सहित उपयोग में आने वाली बिल्डिंग्स को भी तोड़कर मेडिकल कालेज का निर्माण किया जा रहा है तो उसी कैम्पस में संचालित सीएमओ दफ्तर आज उस कैम्पस से बाहर हो गया ऐसा मैं नहीं बल्कि झूठ बोलने का माहिर खिलाड़ी सीएमओ प्रतापगढ़, डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव  कह रहे हैं वह तो यहाँ तक कह गए कि मेरे से 20 साल जूनियर प्राचार्य मेरे साथ राजनीति कर रहा है वह भूल गया है कि मैं ही जिले का नोडल अफसर हूँ और मेडिकल कालेज का लाइसेंस भी हम ही देंगे 


सीएमओ प्रतापगढ़ की इस बात में घमंड की बू आती है जब जिला अस्पताल में कोई समस्या होती थी तो यही सीएमओ कहते थे कि वहाँ का मालिक सीएमएस है मैं यानि सीएमओ जिला अस्पताल के मामले में कुछ नहीं करा सकता। आज वही सीएमओ को ईगो हठ आड़े आ गया है। आज अपने को वह स्वास्थ्य महकमें का सर्वोच्च मान रहे हैं और मेडिकल कालेज के प्राचार्य तो उनकी नजर में उनका मानो चपरासी है सीएमओ साहेब जब मेडिकल कालेज के प्राचार्य को 20 साल जूनियर बताकर स्वयं को स्वास्थ्य महकमा का सुपर हीरो सिद्ध कर रहे थे तो हँसी आ रही थी कि एक डीएम जो सीएमओ साहेब के बच्चे की उम्र का होता है और उन्हें किसी मामले में जमकर फटकार लगाता है तो उनकी घिघ्घी बंध जाती है और घिघ्घी बंधने के साथ-साथ भी बोलती बंद हो जाती है वहाँ डीएम से सीएमओ साहेब नहीं कह पाते कि मैं तो तुम्हारे बाप की उम्र का हूँ। जुबान संभाल कर बात करना तुम्हारे तरह मेरे बच्चे हैं। 


मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ के बोल बचन चुनिये और उसके निहितार्थ स्वयं निकालिए। सीएमओ प्रतापगढ़ का कहना है कि मेडिकल कालेज की हर रूपरेखा के मुद्दे में वह शामिल रहे हैं। मेडिकल कालेज में जो भी विघ्न बाधा आई, उसको हटाने का किया काम। मेडिकल कालेज के खिलाफ मुकदमा करने-कराने और मुहिम चलाने वाले कालेज प्रशासन के खास बनें हैं। मेडिकल कालेज में स्टाफ की नियुक्ति पर भी सीएमओ ने खड़े किये सवालसीएमओ ने सवाल खड़ा किया है कि मेडिकल कालेज में एक ही परिवार से संबंधित दर्जनो लोगों को नौकरी दे दी गयी है। वहीं मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ देश दीपक आर्य का कहना है कि सीएमओ दफ्तर जो जिला अस्पताल कैम्पस में संचालित है, उसे हटाने के लिए शासन को वह पत्र लिखेंगे क्योंकि जिला अस्पताल परिसर की जमीन में सीएमओ दफ्तर संचालित नहीं हो सकता। प्रतापगढ़ मेडिकल कालेज के नामकरण को लेकर सियासी विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और सीएमओ में रार ठन चुकी है। 

 

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