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गुरुवार, 12 अगस्त 2021

अपना दल एस के निष्कासित विश्वनाथगंज विधानसभा के विधायक डॉक्टर आर के वर्मा अपना नया ठिकाना ढूढ़ते-ढूढ़ते पिछड़ों और दलितों को लामबंद करने में हो गए मशगूल

पिछड़ों और दलितों को गोलबंद करने की कोशिश कहीं विधायक डॉ आर के वर्मा के राजनीतिक जीवन की ताबूत की अंतिम कील न साबित हो जाये...!!!


विधायक डॉ आर के वर्मा के चेहरे से झलकती है,मक्कारी...

"मंडल दिवस" के बहाने विधायक डॉक्टर आर के वर्मा पिछड़ों और दलितों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा कहने से पिछड़े और दलितों में ऊंची जातियों के प्रति नफरत पैदा होगी और वह गोलबंद होकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मिशन-2022 में उनका बेड़ा पार करेंगे। ये सारा खेल शीर्ष नेतृत्व में बैठे बड़े आकाओं की जानकारी में जानबूझकर किया जाता है 


 विधायक डॉ आर के वर्मा को यहाँ नहीं याद आती ऊँची जातियों के अत्याचार...

समाज में नफरत फैलाकर ही सत्ता पर काबिज होने का खेल खेला जाता रहा है। कहने के लिए अच्छा लगता है कि सबका साथ, सबका विकास ! बाकी तो टिकट देने से लेकर मंत्रिमंडल में स्थान देने तक जाति पर ही गुणा गणित करके ही सरकार का गठन होता है। पार्टी में संगठन विस्तार में भी जातीय समीकरण देखकर ही उसका विस्तार किया जाता है। सिर्फ नौटंकी करने के लिए जाति पांति के भेदभाव को भुलाने की बात की जाती है। उसके लिए हिन्दू-मुस्लिम का ट्रंप कार्ड खेला जाता है। हिन्दुओं को एकजुट करने के लिए हिन्दुत्व वाला टॉनिक पिलाया जाता है     


अगड़ी जातियों के कन्धों पर बैठकर राजनीति की बैतरणी पार करने वाले RKवर्मा...

वर्ष-2014 में लोकसभा आम चुनाव के साथ विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजाराम पाण्डेय के दिवंगत होने के बाद विश्वनाथगंज विधानसभा में उप चुनाव हुआ और भाजपा ने लोकसभा के लिए अपना दल से दो सीट पर समझौता किया, जिसमें प्रतापगढ़ संसदीय सीट भी शामिल रही। प्रतापगढ़ से अपना दल ने जौनपुर जनपद के मूल निवासी और देश की आर्थिक नगरी मुंबई के उद्योगपति कुंवर हरिवंश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। 


अगड़ी जातियों के बीच में रहने वाले  RKवर्मा को अगड़ी जातियों से होती है,जलन...

भाजपा की वजह से क्षेत्र की जनता ने अपना दल की दोनों सीटें में से सांसद के तौर पर गठबंधन के उम्मीदवार कुंवर हरिवंश सिंह को सांसद चुन लिया और विधायक के रूप में अपना दल के उम्मीदवार डॉ आर के वर्मा को चुनकर भाजपा उम्मीदवार बृजेश सौरभ को नकार दिया आज विश्वनाथगंज की जनता अपने निर्णय पर प्रायश्चित कर रही है। सच कहा गया है कि जो बोओगे, वही तो काटोगे...!!! 


तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर,बोलो कई तीतर...???

विश्वनाथगंज विधानसभा के उप चुनाव में भाजपा और अपना दल ने फ्रेंडली फाईट किया तो भाजपा से बृजेश सौरभ उम्मीदवार रहे विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की जनता ने दोनों मत एक ही चुनाव निशान पर दे दिया और अपना दल के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह निर्वाचित हुए तो विश्वनाथगंज विधानसभा से विधायक के पद पर अपना दल उम्मीदवार डॉ आर के वर्मा निर्वाचित हुए और मोदी लहर में भी भाजपा उम्मीदवार बृजेश सौरभ पांचवें नम्बर पर पहुँच गए। 


जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जिसकी दासता स्वीकार किये वह भी अगड़ी जाति से हैं...

विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की अगड़ी जाति के लोग आज डॉ आर के वर्मा के जातिवादी बयान से बहुत दुःखी हुए हैं विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक क्षत्रिय जाति के लोग हैं और आज भी विधायक डॉ आर के वर्मा के साथ क्षत्रिय समाज के लोग उनसे जुड़े हैं और चुनाव से ठीक पहले विधायक डॉ आर के वर्मा का जातिवादी बयान कहीं उनके राजनीतिक जीवन का अंत न कर दे 


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