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मंगलवार, 24 अगस्त 2021

काफी अर्से से जमे अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी प्रतापगढ़ सुरेन्द्र द्विवेदी हटाए गए

ASP प्रतापगढ़ सुरेन्द्र द्विवेदी (Surendra Dwivedi)को शासन ने एक तरह से किया डिमोशन, 24वीं वाहिनी PACमुरादाबाद में उप सेनानायक बनाकर भेजा गया...!!!

प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक "पूर्वी" सुरेन्द्र द्विवेदी (Surendra Dwivedi)

प्रतापगढ़। यूपी के प्रतापगढ़ में पुलिस अधीक्षक भले ही ठहर पाने में असमर्थ रहे हों, परन्तु प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक "पूर्वी" सुरेन्द्र द्विवेदी (Surendra Dwivedi) काफी दिनों से जमे हुए थे। जब प्रतापगढ़ में शराब माफियाओं का तार पुलिस विभाग से जुड़े होने का खुलासा हुआ तो अपर पुलिस अधीक्षक "पश्चिमी" दिनेश द्विवेदी, कुंडा सीओ, कुंडा कोतवाल सहित कई पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी थी। उस समय सवाल उठे थे कि सुरेन्द्र द्विवेदी अपर पुलिस अधीक्षक "पूर्वी" के ऊपर भी गाज गिर सकती है। परन्तु मामला बाद में सुलटा लिया गया


योगी सरकार में प्रतापगढ़ से अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कई तेज तर्रार पुलिस अधीक्षकों की तैनाती की, परन्तु सारे कप्तान फेल रहे। कुछ अपनी कार्य करने की पद्धति से प्रतापगढ़ की जनता में कुछ ही दिनों में अपनी छाप छोड़ी थी,परन्तु प्रतापगढ़ के नकारे जनप्रतिनधियों के आँखों की किरकिरी बनने की वजह से वह स्वयं अपना तवादला कराकर प्रतापगढ़ से चले जाने में अपना भविष्य बेहतर समझे। प्रतापगढ़ के लिए यह अजीबोगरीब सवाल है कि जहाँ पुलिस अधीक्षक टिकते नहीं, वहीं अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ और कई सारे इंस्पेक्टर प्रतापगढ़ में जमें रहे और प्रतापगढ़ से जाने का नाम नहीं ले रहे हैं


जनपद प्रतापगढ़ से कई इंस्पेक्टर के तवादले पंचायत चुनाव के पहले हुए थे,परन्तु वह आज भी प्रतापगढ़ में अंगद की तरह पाँव जमाकर मजबूती के साथ खड़े हैं। उदाहरण के तौर पर आसपुर देवसरा के इंस्पेक्टर नरेन्द्र सिंह और अंतू इंस्पेक्टर प्रवीण कुशवाहा का नाम लिया जा सकता है इसलिए यह सवाल मुँह फाड़कर खड़ा रह जाता है कि जिले में सिर्फ पुलिस अधीक्षक ही क्यों नहीं टिक पाते हैं ? पुलिस की नाक में दम करने वाला भुलियापुर का शार्प शूटर तौकीर के एन-काउन्टर करने वाले STF के एसपी अभिषेक सिंह को कुछ ही दिनों बाद प्रतापगढ़ का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था और उनके कार्यकाल में अपर पुलिस अधीक्षक "पश्चिमी" दिनेश द्विवेदी एवं सुरेन्द्र द्विवेदी अपर पुलिस अधीक्षक "पूर्वी" का जिले में सिक्का चलने लगा था


विवेचनाओं को बदलने और मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाने के बड़े-बड़े खेल हुए थे। लाखों रुपये का वारा न्यारा हुआ था। बाद में एसपी अभिषेक सिंह के हटने के बाद पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने अपने अधीनस्थों के हाथ ही काट दिए थे। जिसके चर्चा बहुत दिनों तक होती रहीपिछले कुछ समय से प्रतापगढ़ के पूर्वी क्षेत्र में ताबड़तोड़ कई अपराधिक घटनाएं हुई। आसपुर देवसरा से लेकर कंधई और रानीगंज एवं मानधाता इलाके में ताबड़तोड़ घटनाओं ने पुलिस की साख पर सवाल खड़ा कर दिया था इन घटनाओं में शामिल अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा पाने में पुलिस विफल रही। एक घटना का खुलासा नहीं हो पाता था कि दूसरी बड़ी वारदात हो जाया करती थी। जब अपराध पर नियंत्रण न हो पा रहा हो तो यह मान लेना चाहिए कि पुलिस अफसरों में पर्यवेक्षणीय शिथिलता मानी जाती है। इसीलिये उसे जिम्मेदार मानकर ऐसे पुलिस अफसरों को हटाने का कार्य शासन द्वारा किया जाता है


सूत्रों की बात पर यकीन करें तो इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी की शिथिलता को जिम्मेदार माना गया। विभाग की गोपनीय रिपोर्ट में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेन्द्र द्विवेदी की परफार्मेंस ठीक नहीं मिली। इसे दृष्टिगत रखते हुए शासन ने उन्हें प्रतापगढ़ से हटाने का फैसला लिया। 24 अगस्त, 2021 को जारी तबादला सूची में उनका नाम शामिल है। उन्हें प्रतापगढ़ से हटाकर 24वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद में उप सेनानायक पद पर भेज दिया गया है। पुलिस महकमें में अफसर को पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, पीएसी और रेलवे में भेजना दंड स्वरुप माना जाता है। ऐसा समझा जाता है कि सिविल पुलिसिंग में ऐसे अफसर की परफार्मेंस अच्छी नहीं है। हलांकि सुरेन्द्र द्विवेदी को प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी पद से हटाए जाने के बाद एक वर्ग जहां खुश हैं, वहीं उनके समर्थकों में मायूसी देखने को मिल रही है।

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