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बुधवार, 21 जुलाई 2021

योगी मंत्रिमंडल विस्तार में अंततः पिछड़ी जाति और अगड़ी जाति में नाराज ब्राह्मण को साधने की होगी कोशिश

योगी मंत्रिमंडल का दूसरी बार होगा विस्तार...!!!


मोदी के दो मोहरे अरविंद कुमार शर्मा और जितिन प्रसाद को मिल सकती है,योगी मंत्रिमंडल में जगह...!!!


भाजपा संगठन के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान कई मंत्रियों की वजह से सरकार असहज रही है तो कइयों ने सरकार की साख को बढ़ाया है। इसी आधार पर मंथन करके करीब एक दर्जन मंत्रियों के नाम तय किये गये हैं, जिनके विभागों में बदलाव, बढ़ोत्तरी या काट-छांट की जा सकती है...!!!


मंत्रिमंडल विस्तार पर मन्त्रणा करते पीएम मोदी और सूबे के सीएम योगी...

प्रदेश सरकार के 19 मार्च, 2017 को गठन के बाद योगी सरकार ने 22 अगस्त, 2019 को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान उनके मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे। कोरोना के चलते तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। हाल ही में राज्यमंत्री विजय कुमार कश्यप की मौत हो गई थी, जबकि कोरोना की पहली लहर में मंत्री चेतन चौहान और मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हो गया था। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट की शपथ दिलाई गई थी। इसमें तीन नए चेहरे भी थे। तीसरी बार के मंत्रिमंडल में एक दर्जन मंत्री शामिल हो सकते हैं। छः का पद रिक्त है तो छः मंत्रियों को हटाये जाने की अटकले तेज हो गई हैं...!!!

 

पीएम मोदी से हाथ जोड़कर सीएम योगी ने किया अभिवादन...


बड़ी कवायद के बाद सूबे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव एवं शपथ के बाद पंचायतों में सरकार बन गयी। योगी सरकार की अब बारी है, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव- 2022 में पास होने की है। उसके लिए चुनाव में उतरने से पहले योगी सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही कर सकती है। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज हो गई है। सरकार और भाजपा संगठन ने मंत्रिमंडल में शामिल करने और मंत्रियों की छटनी का फार्मूला तय कर लिया है। केंद्रीय नेतृत्व से भी हरी झंडी मिल गई। शीर्ष नेतृत्व अपनी हरी झंडी देने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल दिल्ली तलब किये गए थे। इसी के साथ केंद्रीय नेतृत्व से विधान परिषद के लिए नामित किए जाने वाले एमएलसी के नामों पर भी मंथन हो गया है।


वाराणसी दौर पर भी सीएम योगी से मंत्रिमंडल विस्तार पर पीएम मोदी ने की थी बात...

प्रत्येक चुनाव से पहले सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर पार्टियां और सत्ताधारी दल के नेता माथापच्ची करते हैं उत्तर प्रदेश में कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र संघ और केंद्रीय नेतृत्व से कई दौर की बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति बन सकी है। उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं यानि मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। नियमों के मुताबिक अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। 


सूबे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पीएम मोदी और सीएम योगी में कई राउंड हो चुकी बात...

माना जा रहा है कि पार्टी विस्तार के जरिये कुछ मंत्रियों को हटा भी सकती है। ये वे मंत्री हैं जो उम्र दराज हो चुके हैं और उनके कामकाज ठीक भी नहीं है। सूत्रों का दावा है कि योगी सरकार विधानसभा के मानसून सत्र से पहले अपना मंत्रिमंडल विस्तार करके ही सत्र की शुरुवात करेगी। इसमें पिछड़ी जाति और अगड़ी जाति में विशेष रूप से नाराज ब्राह्मण के साथ ही अन्य नाराज जातियों को साधने की कोशिश हो सकती है। योगी मंत्रिमंडल विस्तार को मोदी सरकार, संघ और भाजपा शीर्ष नेतृत्व द्वारा हरी झंडी मिल चुकी है सूत्र बताते हैं कि नए मंत्रियों के नाम पर अभी भी कोई आखिरी सहमति नहीं बनी है, पर मंत्रिमंडल में पहले से ही शामिल कई मंत्रियों के विभागों और नए चेहरों को शामिल किए जाने के मानकों पर लगभग आखिरी मुहर लग चुकी है।  


UP विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर चिंतित हैं,पीएम मोदी...


योगी मंत्रिमंडल विस्तार में जो सबसे अहम पेंच है, वह मंत्रियों को हटाने को लेकर है इस मुद्दे पर भी चर्चा हुयी पर संगठन के शीर्ष नेताओं और संगठन के विचारकों की राय है कि चुनाव के ठीक पहले ज्यादा मंत्रियों को हटाने से जनता में गलत संदेश जा सकता है विपक्ष को सरकार के नाकाम मंत्रियों को लेकर एक बड़ा मुद्दा हाथ लग सकता है, लिहाजा जितना हो सके मंत्रियों को हटाने के कदम से बचा जाना चाहिए एक बड़ी वजह ये भी है कि सभी मंत्री किसी जिले के प्रभारी मंत्री भी है और अपने क्षेत्रों में भी उनका प्रभाव है करीब पांच साल से मंत्री रहने के दौरान क्षेत्र के लोगों पर प्रभाव का फायदा चुनाव में मिल सकता है ऐसे में अगर चुनावों से पहले किसी मंत्री को हटाया जायेगा तो उससे चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है 


सीएम योगी का हठयोग अंततः मान गए पीएम मोदी...


लिहाजा हर लिहाज से संगठन ने संकेत दिये हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में किसी मंत्री को न हटाया जाये तो ही बेहतर होगा हालांकि सूत्र ये भी बताते हैं कि आखिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर किसी मंत्री के कद में इजाफा, बदलाव, काट-छांट या हटाने का फैसला लेते हैं तो तस्वीर बदल सकती है। जानकारी के मुताबिक मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने वाले नामों की एक लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गयी है जिसके बारे में फैसला होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिस्ट भेजी जायेगी और उसी के आधार पर आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकेगा। यूपी के बीजेपी संगठन के नेताओं की दिल्ली में हुई मुलाकातों के दौरान यूपी में एमएलसी के लिये नामों पर भी चर्चा हुई इस बारे में संगठन ने यह तय किया है कि बाहरी व्यक्तियों की जगह संगठन और पार्टी के लिये काम कर रहे लोगों को ही इसमें तरजीह दी जायेगी, ताकि वो और गम्भीरता से आने वाले चुनावों में काम कर सकें


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