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शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार का अड्डा बनी योगी महराज की गौशाला योजना,गौशालाओं में जानवरों का चारा के बजट को खाने में भी नहीं कर रहे परहेज

प्रतापगढ़ जनपद में दर्जनों गौशालाएं संचालित हैं,परन्तु सभी गौशालाओं में उनके बजट के नाम पर मची हुई लूट...!!!


योगी राज में जनपद प्रतापगढ़ में संचालित गौशालाओं की दुर्दशा...

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश में जब भाजपा को प्रंचड बहुमत सूबे की जनता ने दिया तो उसे विश्वास था कि भाजपा अपने वायदे पर खरा उतरेगी और सूबे में बढ़िया शासन संचालित करने के लिए किसी ऐसे चेहरे को मुख्यमंत्री बनायेगी जो प्रदेश के चहुमुखी विकास को धरातल पर उतारकर सूबे की जनता का विश्वास कायम रखेगी। चूँकि भाजपा ने किसी मुख्यमंत्री के चेहरे को आगे करके चुनाव नहीं लड़ा था, सो चुनाव परिणाम बाद गोरखनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ जी को सूबे की कमान दी गई तो हिन्दू मानसिकता के लोग फूले नहीं समा रहे थे

     

सूबे की कमान संभालते ही योगी आदित्यनाथ की सरकार सबसे पहले गौ माता के लिए गौशालाओं के निर्माण और उनके भोजन की ब्यवस्था के लिए भारी भरकम बजट आवंटित किया। परन्तु उस बजट पर भी भ्रष्ट तंत्र ने बिना किसी संकोच के गायों को भोजन कराने के बजाय स्वयं खाने की ब्यवस्था कर डाली। गौशालाओं में गायें भूख और प्यास के लिए तड़प कर मर रही हैं और भ्रष्टाचार के आकंठ डूबे अफसर और नेता उस बजट को ही चट कर जा रहे हैं। भाजपा जब से सत्ता में आई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बने तो लगा कि जब मुख्यमंत्री स्वयं गौ सेवक हैं तो गायों के दिन अब बहुर आयेंगे।  


लक्ष्मणपुर ब्लॉक के जेठवारा थाना के बगल में बनी गौशाला की हकीकत...


उत्तर प्रदेश में गायों के संरक्षण के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाकर इनके संरक्षण तथा रख रखाव के लिए योगी सरकार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रत्येक क्षेत्र में गोशाला खोलने की भी योजना चल रही है। जहां पर गायों के रहने और खाने की उत्तम व्यवस्था के लिए फंड भी जारी होता है। सरकार की इस योजना को आईना दिखाने का काम लक्ष्मणपुर ब्लॉक के जेठवारा थाना के बगल में बनी गौशाला कर रही है। जहां पर सिर्फ दो टीन शेड और पांच या सात की संख्या में गायों को चारा खाने के लिए चरही बनी है। गर्मी और बारिश के इस मौसम में पूरे गौशाला परिसर में कीचड़ और गंदगी के अलावा कुछ और सुविधा दिखाई नहीं दे रही है। चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं। 


लगभग पचास गायों की इस गौशाला में पचास फीसदी से अधिक गाए अत्यंत दुर्बल हालत में पहुंच गई हैं। जबकि गायों के खाने के लिए हरे चारे के साथ साथ पशु आहार के प्रबन्ध के लिए भी सूबे के मुखिया का आदेश हाल ही में आया था। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक इस गौशाला की देखभाल के लिए जिनकी नियुक्ति हुई है वो कभी कभार ही दर्शन के लिए यहां पर आते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि इन बेजुबानों की सेवा के लिए मिलने वाला धन किसकी सेवा में खर्च हो रहा है। बड़ा सवाल ये है कि योगी सरकार कब इन भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही करेगी। तथा ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच करवाकर इन बेजुबानों का अधिकार सुरक्षित करती है। 


बिहार में मुख्यमंत्री रहते लालू प्रसाद यादव जानवरों का चारा खा गए थे, उस समय बिहार में वह घोटाला चारा घोटाला के नाम से ख्याति पाई थी। इस घोटाले ने लालू यादव का राजनीतिक जीवन ही खत्म कर दिया। लालू यादव चारा घोटाले में दोष सिद्ध पाए गए और जेल भेजे गए। अब लालू प्रसाद यादव कोई संवैधानिक पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। लालू यादव अब पछताते होंगे कि उन्होंने जानवरों का चारा खाकर बहुत बड़ी गलती की जिसकी सजा वो भुगत रहे हैं। ऐसे ही बेजुबान जानवरों का हक जो भी खायेगा वह सुखी नहीं रहेगा और उसे अपने जीवनकाल में उसे उसकी सजा मिलेगी और यहीं भुगत कर जाएगा।   


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