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शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

प्रतापगढ़ स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज का नाम स्व सोनेलाल पटेल के नाम करने पर प्रतापगढ़ वासियों को है घोर आपत्ति, उठ रहे हैं सवाल कि वोटबैंक की राजनीति के तहत नामकरण करना ठीक नहीं

योगी सरकार में जिसका डर था, वही बात हो गई...!!!


बेल्हा के लाल जाए किनारे, स्वर्गीय सोनेलाल जी हैं, पधारे ! आओ मिलकर सोनेलाल जी की आरती उतारे...!!!


प्रतापगढ़ वासियों को मोदी जी और योगी जी सम्मान न दें,परन्तु उनका अपमान भी न करें ! उन्हें प्रतापगढ़ियों का अपमान और तिरस्कार करने का हक नहीं है ! जब इंदिरा गांधी आवास और मनरेगा का नाम बदलकर पीएम आवास और नरेगा कर दिया गया तो किस फार्मूले के तहत प्रतापगढ़ मेडिकल कालेज का नाम वोटबैंक की राजनीति के तहत ब्यक्ति विशेष के नाम पर रखा गया ! प्रतापगढ़ियों के लिए शर्म से डूब मरने जैसे हुए हालात...!!! 


सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ मेडिकल कालेज का किया नामकरण...


प्रतापगढ़ के लोग आज बहुत पछता रहे होंगे ! क्योंकि वर्ष-2000 के चुनाव में प्रतापगढ़ सदर की सीट से सपा विधायक सी. एन. सिंह जब मछली शहर के सांसद बन तो प्रतापगढ़ सदर सीट खाली हो गई और सपा से सी. एन. सिंह अपनी पत्नी उषा सिंह को उम्मीदवार बनाया और चुनावी मैदान में उतार दिया। भाजपा और बसपा से जनता पहले ही नाराज चल रही थी। सपा ने जब उषा सिंह को उम्मीदवार बनाया तो जनता उन्हें नकार दिया। इसी समय प्रतापगढ़ में नजरे गड़ाए बैठे अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल जो कमेरा समाज के नेता थे और अतीक अहमद को मिलाकर मुस्लिम मतों में सेंधमारी कर वर्ष-2000 में प्रतापगढ़ सदर के उप चुनाव में अपना दल से मुस्लिम उम्मीदवार हाजी मुन्ना सलाम को उतार कर अपना दल का खाता खोला था। बहुत कम मतों से जीत हुई थी। वही जीत आज प्रतापगढ़ वासियों के लिए सबक बन चुकी है 


प्रतापगढ़ के लिए विकास स्व सोनेलाल पटेल द्वारा नहीं है एक भी उपलब्धि... 

इस चुनाव में कुर्मी और मुस्लिम मतदाता ही निर्णायक नहीं रहे, बल्कि समाज के सभी लोगों ने अपना दल के उम्मीदवार को मत देकर विधायक बना दिया और तब से अपना दल प्रतापगढ़ को अपने भाग्य से जोड़ लिया। आज नतीजा यह रहा कि प्रतापगढ़ के लिए एक धेला विकास कार्य न करने वाले सोनेलाल पटेल जो जनपद के नहीं हैं। फिर भी बाहरी होने के बावजूद प्रतापगढ़ के मेडिकल कालेज का नाम जो अभी तक स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय रहा, अब वह स्व. सोनेलाल पटेल के नाम से जाना जायेगा। इसकी घोषणा स्वय सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी ने की है। जानते हैं क्यों ? क्योंकि सूबे में विधानसभा चुनाव है और वर्ष-2022 में योगी जो को पुनः सत्ता में वापसी के लिए पटेल/कुर्मी मतदताओं का मत चाहिए। सो वोटबैंक की लालच में योगी महराज भी प्रतापगढ़ की जनता के भावनाओं के साथ भद्दा मजाक कर गए। 


BJP के नाम पर 2बार MLA होने वाले डॉ आरके वर्मा वर्तमान में अपना दल एस से निष्काषित हैं...


यदि प्रतापगढ़ की जनता यह मन बना ले कि पटेल/कुर्मी विरादरी के  वोटबैंक से जिले की 7 सीटों में से योगी जी चार सीट पुनः रिपीट करा लें तो कराये ! बाकी अन्य जातियां दूसरे दल को मतदान करके योगी और मोदी के सपने को चकनाचूर करने का संकल्प ले लिया तो सारा जातीय समीकरण धराशायी हो जायेगा। प्रतापगढ़ की जनता की इच्छा जाने बगैर अपने वोटबैंक के चक्कर में प्रतापगढ़ की महानविभूतियों को दरकिनार करके बाहरी ब्यक्ति को वोटबैंक की लालच में जिले के लिए बने मेडिकल कालेज का नाम स्व. सोनेलाल पटेल के नाम कर देना प्रतापगढ़ वासियों के लिए एक तरह से तिरस्कार और अपमान करने जैसा योगी सरकार का निर्णय रहा। 


अपने मन की बात करने वाले पीएम मोदी प्रतापगढ़ वासियों की मन की बात सुनेंगे...???

भाजपा सीना ठोंक कर कहती है कि वह सबका साथ, सबका विकास के मुद्दे पर कार्य करके समाज के सभी लोगों का मन जीतने का प्रेस किया है। कहने के लिए समाज में अंतिम पायदान पर खड़े ब्यक्ति तक भाजपा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाना मोदी और योगी सरकार की प्राथमिकता रही है। प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में से एक जनपद है और दुर्भाग्य से प्रतापगढ़ आज भी श्रेणी सी यानि थर्ड क्लास के जनपदों में शामिल है। जनपद के विकास के लिए कोई आगे नहीं आता और नाम की शिलापट्ट और किसी संस्थान का नाम पाने के लिए बहुत सारे लोग पैदा हो जाते हैं।   


किसी तरह से प्रतापगढ़ के खाते में सौभाग्य से एक मेडिकल कालेज प्राप्त हुआ। प्रतापगढ़ जनपद में वह मेडिकल कालेज जमीन के आभाव में कुछ दिन लटका रहा। बहुत दिनों तक इस उधेड़ बन में मामला फंसा रहा कि जमीन एक जगह मिल जाये। जब एक जगह जमीन की ब्यवस्था नहीं हो सकी तो मेडिकल कालेज में शिक्षण कार्य और रहने की ब्यवस्था एक स्थान पर की गई और जिला अस्पताल पुरुष और महिला अस्पताल को मिलकर ईलाज के लिए मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू किया गया। अभी जिला अस्पताल में निर्माण कार्य शुरू ही हुआ था कि उसके नामकरण और उद्घाटन को लेकर विवाद शुरू हो गया है।   


आज प्रतापगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज जो अभी तक स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नाम से जाना जा रहा था, उसका नामकरण योगी सरकार ने करके प्रतापगढ़ में ऐसा गतिरोध पैदा किया जो विधान सभा चुनाव-2022 तक थमने वाला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही लाखों रुपये खर्च कर स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नाम का बोर्ड तैयार और डॉक्युमेंट तैयार किये गए। लोकार्पण से ठीक पहले प्रतापगढ़ का मेडिकल कालेज राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घिर गया है प्रतापगढ़ के 1 फीसदी लोग नहीं चाहते कि प्रतापगढ़ के लिए बने मेडिकल कालेज का नाम स्व. सोनेलाल पटेल के नाम से रखा जाए। प्रतापगढ़ में बहुत सी विभूतियाँ पैदा हुई हैं, उनके नाम से परहेज क्यों ? प्रतापगढ़ की 99 फीसदी जनता योगी जी यह सवाल करती है।   


उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव-2022 में पटेल विरादरी का वोट हासिल करने की खातिर अपना दल के संस्थापक रहे डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम प्रतापगढ़ के मेडिकल को आज योगी सरकार ने समर्पित कर दिया। अपना दल एस के विधायक राजकुमार उर्फ करेजा पाल ने सरकार को धन्यवाद ज्ञापित का किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार भी जताया। प्रतापगढ़ सदर के विधायक करेजा पाल ने योगी सरकार के इस पहल से भाजपा और अपना दल एस को विधान सभा चुनाव में बड़ा लाभ मिलेगा।  वहीं प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज का नाम प्रतापगढ़ सोनेलाल पटेल के नाम से किये जाने पर प्रतापगढ़ की बहुसंख्यक जनता योगी जी के इस निर्णय से खफा हो गई है। 


प्रतापगढ़ के लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया पोस्ट कर रहे हैं प्रतापगढ़ के लोगों का मानना है कि प्रतापगढ़ मेडिकल कालेज का नाम यदि रखना है तो प्रतापगढ़ की धरती उस महापुरुष के नाम पर होना चाहिए जिनके कारण प्रतापगढ़ का नाम विश्व स्तर पर प्रकाशित हुआ और जनपद का मान सम्मान बढ़ाने में उनका बहुमूल्य सहयोग रहा है स्व. स्वामी करपात्री जी महाराज, जगद्गुरु स्व. कृपालु जी महाराज, स्व. पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय, स्व. राजा बजरंग बहादुर सिंह, स्व. राजा दिनेश सिंह जी "पूर्व विदेश मंत्री", स्व. हरिवंश राय बच्चन जी आदि अनेक बेल्हा के रत्नों के समक्ष सोनेलाल जी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण बेल्हा निवासियों के लिए लज्जास्पद है। 


सत्ता में जो भी दल आता है वह क्षेत्र के 1-2 नेता को छोड़कर शीर्ष से लेकर दुम छल्ला नेता जी लोग उसी दल में जगह बना लेते हैं ऐसे में जिले के मेडिकल कालेज का नाम सोनेलाल हो या ATL में बनने वाले तथाकथित इंड्रस्ट्रीयल पार्क का नाम फलाने गुप्ता स्मारक इंडस्ट्रियल पार्क किसी को क्या फर्क पड़ता है ? प्रतापगढ़ को मोदी और योगी भी नेताओं का चारागाह बना दिए हैं। जिसका मन कहे प्रतापगढ़ की धरती पर आकर चर ले और अपना राजनीतिक जीवन संवारे। वोट की राजनीति के लिए कितना स्तर गिरा दिया जायेगा यह सोच पाना और कह पाना बहुत ही मुश्किल हो चुका है। सरकारें चाहे जिस दल की रहे, वह सिर्फ अपना आदेश जनता पर थोप देना जानती हैं।  


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