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गुरुवार, 22 जुलाई 2021

पंजाब में सिद्धू पाजी ने दिखाया मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को बाबाजी का ठुल्लू

बच के रहना रे बाबा, बच के रहना रे...जहाँ तेरी ये नजर है, मेरी जाँ मुझे खबर है...!!!


सिद्धू बने पंजाब कांग्रेस के कैप्टन, पंजाब कांग्रेस में मच गई कलह, सिद्धू के अध्यक्ष बनने से कैप्टन अमरेन्द्र को ऐतराज...!!! 

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के दो प्यादे एक अमरेन्द्र तो दूसरा है सिद्धू...

कभी-कभी सामान्य सी बात हमारी समझ में नहीं आती क्योंकि हमारे समझने और सोचने का तरीका भिन्न होता है। जिस तरह बिना किसी सुर ताल के ही कोई ब्यक्ति गाना गाने लगे और उस गाने के साथ थिरकने भी लगे तो अजीब सी फिलिंग होने लगती है। वैसा ही नजारा पंजाब में देखने को मिल रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू "पाजी" को कांग्रेस ने पंजाब प्रदेश का प्रदेशध्यक्ष बना दिया तो पाजी के स्वागत में ढोल ताशे बज रहे हैं। समर्थक पटाखे फोड़ रहे हैं। 

पार्टी के आका ही पार्टी के दो लीडरों को लड़ाकर लेते हैं,मजे...

समझ में नहीं आता कि आखिर सिद्धू पाजी ऐसा कौन सा तीर मार दिया है कि उनके स्वागत इस तरह हो रहा हो मानों वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए और सोनिया गाँधी की राजनीति से विदाई कर दी हो। ऐसा तो हुआ नहीं तो
 फिर इतनी धमा चौकड़ी क्यूँ ? मैं तो अब समझने लगा हूँ कि यदि भूले से वो पूरे देश के कांग्रेस अध्यक्ष बन गये तो शायद उस दिन वो पूरा देश ही पलट कर रख देंगे।


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह और कांग्रेस के नव निर्वाचित प्रदेशध्यक्ष सिद्धू पाजी...

विश्व में अपने को सबसे बड़ी पार्टी बताने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रहते जे पी नड्डा जी भाजपा ने पहले अपना कार्यकारी अध्यक्ष बनाया और नड्डा के कार्य से संतुष्ट होकर उन्हें कुछ ही दिनों में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया जे पी नड्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खुशी में उनका भी इतना स्वागत नहीं हुआ था जबकि वह सत्ताधारी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गए थे फिर मंदबुद्धि के कांग्रेसियों द्वारा पंजाब प्रान्त के प्रदेशध्यक्ष बनाने पर सिद्धू पाजी जी का इस कदर स्वागत होना समझ के परे है। जबकि देश में कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है। फिर कांग्रेस ये गलत फहमी क्यूँ पाले बैठी है ? कांग्रेस कहीं सिद्धू पाजी के कंधे पर बन्दूक रखकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जी को टारगेट तो नहीं किया जा रहा है सिद्धू पाजी के समर्थक कहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जी को चिढ़ा तो नहीं रहे हैं !


पंजाब में सिद्धू के प्रदेशध्यक्ष बनने पर कांग्रेसियों में सिद्धू समर्थकों ने जमकर मनाया जश्न...

यकीनन ये जलाने, तपाने का ही जश्न मनाया जा रहा है। वरना इतना जश्न न मनाते और चौके की जगह सिद्धू जी ने जो छक्का मार दिया है, उसके लिए माफी भी माँग लेते। माफी याद आया कुछ या फिर इस पर भी कुछ बोलूँ ? खैर सिद्धू जी के आक्रामक रवैये से ऐसा लगता है कि वो इमरान खान की तरह सपने देखने लगे हैं सोच रहे हैं कि कांग्रेस में नेतृत्व का लोचा तो है ही, पद खाली पड़ा है तो क्यूँ न उसी तरफ चौके-छक्के मारे जाएँ ! जिधर मैदान खाली है ये सारी ताकत सिर्फ अमरिंदर जी को ही नहीं दिखाई जा रही है, बल्कि ये ताकत तो सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका जी को भी दिखाई जा रही है। बात कुछ समझ में आई कि नहीं ? राजनीतिक दलों में एक ब्यक्ति से दूसरे ब्यक्ति को काटने की परम्परा रही है। ये हाल सभी राजनीतिक दलों में है। किसी में कम तो किसी में अधिक है। सियासत में सबकुछ जायज है, ऐसा कहकर मामले को टाला जाता है। हकीकत तो यह है कि ऐसी चाल से दोनों को नुकसान होने का खतरा बना रहता है।    

 

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