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रविवार, 27 जून 2021

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी की उम्मीदवार माधुरी पटेल के नामांकन में राजा भईया और प्रमोद कुमार के समर्थक भारी संख्या में रहे,मौजूद

प्रतापगढ़ में राजा भईया और प्रमोद कुमार के मिलन से सत्ताधारी दल भाजपा की बोलती हुई बंद, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा और सपा को शिकस्त देने के लिए दोनों दिग्गजों ने मिलाया हाथ...!!!

जि.पं. अध्यक्ष पद का नामांकन करती जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की उम्मीदवार माधुरी पटेल...

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश की सियासत में प्रतापगढ़ की अपनी अलग भूमिका होती है। सरकार चाहे जिस दल की हो और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चाहे जो आसीन हो,परन्तु प्रतापगढ़ पर उसकी विशेष नजर होती है। प्रतापगढ़ में दो धड़ा हमेशा से सक्रिय रहा है। एक धड़ा कुंडा और बाबागंज विधानसभा में अपनी पकड़ के दम पर राजनीति करता आया है तो दूसरा धड़ा रामपुरखास विधानसभा की राजनीति से सूबे में अपना नाम पैदा किया। भले ही रामपुरखास विधान सभा की सीट बचाने के लिए समूचे उत्तर प्रदेश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया

चूँकि प्रमोद कुमार एक ही दल से एक ही निशान से एक ही विधानसभा से लगातार आठवीं बार विधानसभा का चुनाव जीतकर वार्ड की गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया और अपना इतिहास बनाकर अपनी विधासभान का अपना उत्तराधिकारी समय से निर्वाचित कराकर स्वयं सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से आशिर्वाद लेकर सपा कोटे से कांग्रेस में रहते हुए राज्यसभा तक चक्कर लगा आये कांग्रेस उन्हें भले ही राज्यसभा न भेज सकी हो, परन्तु अपनी सेटिंग गेटिंग के बलपर केंद्र की राजनीति की शुरुवात प्रमोद कुमार जी कर लिए

इसी तरह वर्ष-1993 में सबसे कम उम्र के रूप में कुंडा से निर्दलीय विधायक बनने वाले रघुराज प्रताप सिंह "राजा भईया" ने राजनीतिक जीवन की शुरुवात की राजा भईया कुंडा के अतिरिक्त विहार (बाबागंज) विधानसभा की सीट पर भी अपना आधिपत्य बनाये रखने में सफलता अर्जित की कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के सहारे क्षेत्र पंचायत के प्रमुख पद पर कब्जा करना, जिला पंचायत सदस्य के बल पर जिला पंचायत अध्यक्ष पर पर वर्ष-1995 से लेकर वर्ष-2010 कब्जा कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह "राजा भईया" का ही रहा है भले ही वह निर्दलीय विधायक रहते थे

अपने बाहुबल के बल पर वह कुंडा और विहार वर्तमान बाबागंज विधान सभा में आने वाली सभी क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख पद पर उनके ही आदमियों का कब्जा रहा है। कुंडा और मानिकपुर में नगर पंचायत में भी राजा भईया का अधिपत्य हुआ करता था,परन्तु इधर वीच गुलशन यादव और सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव के बागी रुख अपनाने के बाद से कुंडा नगर पंचायत के चेयरपर्सन पर राजा भईया की इच्छा के विपरीत गुलशन यादव कुंडा टाउन एरिया का चेयरपर्सन बने और एक दूसरे से आपसी कलह बिगड़ता गया। वजह राजा भईया का समाजवादी पार्टी से बिगाड़ होना इसकी प्रमुख वजह रही

प्रतापगढ़ जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश निकल कर सामने आया है। जिले के दो बड़े राजनीतिक दिग्गज रघुराज प्रताप सिंह "राजा भईया" और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद कुमार ने हाथ मिला लिया है। प्रतापगढ़ जिले के इन दो राजनीतिक दिग्गजों के मिलन की शुरुवात लोकसभा/विधानसभा उप चुनाव -2014 से शुरू हुई। दोनों दिग्गजों के मिलन के पीछे प्रमोद कुमार का स्वार्थ था कि रामपुरखास विधानसभा के उप चुनाव में उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी उनकी बड़ी लड़की अराधना मिश्रा मोना के राजनीतिक जीवन की शुरुवात में राजा भईया की तरफ से राजनैतिक विरोध को समाप्त कर उसकी जीत की राह आसान करना रहा

चूँकि उप चुनाव विधानसभा-2014 के साथ लोकसभा-2014 का सामान्य चुनाव भी हो रहा था और कांग्रेस की उम्मीदवार राजकुमारी रत्ना सिंह निवर्तमान सांसद रही और उन्हें मुख्य विपक्षी दल भाजपा और अपना दल संयुक्त उम्मीदवार कुँवर हरिवंश सिंह चुनावी मैदान में थे। प्रतापगढ़ के दोनों राजनीतिक दिग्गज प्रमोद कुमार और राजा भईया में एक टेबल पर गोपनीय समझौता हो गया और इस तरह अराधना मिश्रा मोना कांग्रेस से रामपुरखास विधान सभा का उप चुनाव जीत कर विधायक बन गई और वहीं कांग्रेस की उम्मीदवार राजकुमारी रत्ना सिंह लोकसभा चुनाव में अपनी जमानत भी न बचा सकी

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु शनिवार 26 जून को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवार माधुरी पटेल ने नामांकन किया जिसमें जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के नेताओं के साथ कांग्रेस पार्टी और प्रमोद कुमार के समर्थक भारी तादात में खुलकर सामने आए। यहां तक कि नामांकन दाखिल कराने के लिए प्रमोद कुमार के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी खुद मौजूद रहे। राजा भईया की पार्टी के वरिष्ठ नेता बब्लू सिंह ने मीडिया के सामने साफ कहा कि राजा भईया और प्रमोद कुमार की कृपा से माधुरी पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भारी बहुमत से विजयी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका किसी भी दल से कोई मुकाबला नहीं है। उनके पास 45 से लेकर करीब 50 की संख्या में जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन हासिल है।

3 जुलाई को यह स्पष्ट हो जाएगा कि बहुमत किसके साथ है। सबसे मजेदार बात यह है कि भाजपा जो सत्ताधारी दल है उसके पास महज 7 जिला पंचायत सदस्य ही हैं और मुख्य विपक्षी दल सपा के पास सबसे अधिक 17 जिला पंचायत सदस्य हैं। लोकसभा चुनाव -2019 से पहले स्थापित हुई जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास 12 जिला पंचायत सदस्य हैं। इस तरह 57सदस्यों वाली जिला पंचायत में पूर्ण बहुमत किसी के पास नहीं है। सभी को जिला पंचायत सदस्य को मैनेज करना होगा वो चाहे धन से करें अथवा बहुबल से करें। तभी जाकर किसी भी दल को बहुमत मिल सकेगा। सबसे कमजोर समाजवादी पार्टी दिख रही है। उसी में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और भाजपा दोनों सेंधमारी के लिए प्रयासरत हैं

जनपद प्रतापगढ़ में पिछले दो दशक की राजनीति में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया हो। इससे पहले समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने अपने-अपने उम्मीदवारों का नामांकन कराया है। नामांकन से पहले राजनीति के जानकारों का आंकलन था कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में राजा भईया और प्रमोद कुमार एक साथ होंगे। अब तक केवल संभावनाएं नजर आ रही थी,परन्तु नामांकन होते ही परिस्थितियां बदल गई

शनिवार को यह पद से साफ हो गया और लोगों के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि राजा भईया और प्रमोद कुमार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक दूसरे से हाथ मिला चुके हैं। दोनों दिग्गजों का मुकाबला जिले के अन्य पार्टी के नेताओं के बीच होना है। देखना है कि 3 जुलाई को परिणाम किसके पक्ष में आता है। शनिवार को नामांकन दाखिल कराने के लिए राजा भईया समर्थित प्रत्याशी माधुरी पटेल के साथ जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ कैलाश नाथ ओझा, राजा भईया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, कुंडा के पूर्व ब्लाक प्रमुख बब्लू सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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