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बुधवार, 5 मई 2021

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सोमवार 10मई की सुबह 7:00 बजे तक बढ़ाया लॉकडाउन की अवधि

यूपी में लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाई गई, अब सोमवार 10मई की सुबह 7:00 बजे तक रहेगा लॉकडाउन...!!!

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव परिणाम के बाद लॉक डाउन का समय 2-2 दिन बढ़ाया जा रहा है। नौकरशाही की अकर्मण्यता साफ-साफ दिख रही है। निर्णय लेने में अक्षम। किसी काम के नहीं हैं,योगी के अफसर...!!!

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में अब लॉकडाउन ही बना सहारा...

शेर की दहाड़ सरीखे गर्जना करने वाले सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ जी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव परिणाम आते ही उत्तर प्रदेश में बढ़ा कोरोना कर्फ्यू/लॉक डाउन के मामले शांत पड़ गए। शांत ही नहीं पड़े बल्कि साप्ताहिक 3दिन के लॉकडाउन के साथ 2 दिन और लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा करके गुलाटी मार गए हैं

सूबे में लॉकडाउन के नाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी विदक जाते थे। कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट पाँच जिले में 5दिनों के लिये लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया तो योगी सरकार गुस्से से लाल पीली हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील की। अपील रातोंरात तैयार हुई और हाईकोर्ट को ही प्रतिवादी बना दिया

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गलती मानते हुए सरकारी वकील ने उसे सुधारा और स्वीकार किया कि रातोंरात रिट तैयार हुई। जल्दबाजी में गलती हुई जिसे क्षमा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट तब जाकर हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे ऑर्डर पास किया। साथ ही योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने हिदायत भी दी कि कोरोना संक्रमण के मामले में विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। तब जाकर योगी सरकार साप्ताहिक लॉकडाउन में एक दिन की बढ़ोतरी करते हुए शनिवार के साथ रविवार को भी कर दिया। अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का परिणाम आ गया

पूरे प्रदेश में जिला पंचायत सदस्य सीट जीतकर जिला पंचायत के बोर्ड पर कब्जा जमाने की मंशा पर प्रदेश की जनता ने पानी फेर दिया है। सो वही योगी सरकार जो लॉकडाउन के नाम पर भड़क जाती थी वही अब कोरोना संक्रमण के नाम पर सूबे में पहले 2दिन का लॉकडाउन बढ़ाया। अब उत्तर प्रदेश में 10मई सुबह 7 बजे तक लागू रहेगा कोरोना कर्फ्यू। लॉकडाउन/कर्फ्यू के नाम पर भड़क जाने वाली UP की शक्तिशाली, बलशाली टीम अब कर्फ्यू बढ़ा रही है। पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराकर सूबे में कोरोना संक्रमण को दावत देकर बुलाया गया। जब कोरोना वायरस समूचे प्रदेश में अपनी जड़ें जमा ली तो योगी सरकार उसे उखाड़ फेंकने की किये वेताब हो रही है

जब उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन करने का निर्देश दिया था, तब हेकड़ी दिखाते हुये योगी सरकार ने लॉकडाउन करने से इंकार कर दिया था और सर्बोच्च न्यायालय जा कर स्टे ले लिया था आज वही सरकार लॉकडाउन कर रही है। लोग एक-एक सांस के लिए तड़प तड़प कर मर रहे हैंउच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय लगातार एक से बढ़कर एक कठोर से बढ़कर कठोर टिप्पणी कर रही है,परन्तु न्यायालय की टिप्पणी का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है क्योंकि करना तो सबकुछ सरकार को है। कोर्ट सिर्फ अवमानना की बनरघुड़की ही दे सकती है कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यहाँ तक कह दिया कि आक्सीजन की सप्लाई न कर पाने से होने वाली मौतें सामूहिक नर संघार करने जैसा है। आज सरकारें फेल हो चुकी हैं लोग भगवान भरोसे जिन्दगी की भीख मांग रहे हैं। देश में आपातकाल की घोषणा कर राष्ट्रपति शासन लग जाना चाहिए और कुछ दिनो के लिए सारी व्यवस्था सेना के हाथो में दे देनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ पंचायत चुनाव के लिए जब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई तो चुनाव कराने और उसकी तिथि तक हाईकोर्ट ने तय किया था। जबकि पंचायत के गठन की अवधि जून माह तक की थी। 25दिसम्बर को कार्यकाल खत्म हुआ था। तब तो हाईकोर्ट अवमानना की चाबुक दिखा रही थी यही नहीं जब पंचायत चुनाव रोकने की रिट दाखिल हुए तो यही हाईकोर्ट उसे खारिज कर दिया। कहा कि चुनाव को नहीं रोका जा सकता है फिर जब सब सत्यनाश हो गया तो हाईकोर्ट ने योगी सरकार को आदेश जारी कर लॉकडाउन वो भी 5शहरों में 6दिनों के लिए कहा। योगी सरकार भी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई और स्थगनादेश ले आई हाईकोर्ट तो अपना वजूद खुद खत्म किया। सरकार और न्यायपालिका में वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ जाए तो जान लीजिये कि उस देश और संविधान का सत्यानाश ही हैआज कलम की जगह जुबानी जुमला चल रहा है। बहुत हो गया। अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका है। पानी सर से ऊपर जा चुका। पता नहीं और क्या क्या...???

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