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शनिवार, 22 मई 2021

योगी सरकार ने 31मई तक बढ़ाया लॉकडाउन की अवधि

कोरोना संक्रमंसे लड़ने के लिए यूपी में लॉक डाउन की समय सीमा योगी सरकार ने एक बार और बढ़ा दी है, अब 31मई तक रहेगा लॉकडाउन...!!!

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव परिणाम के बाद लॉक डाउन का समय थोड़ा-थोड़ा कर बढ़ाया जा रहा है। नौकरशाही की अकर्मण्यता साफ-साफ दिख रही है। योगी टीम-9निर्णय लेने में अक्षम रही। किसी काम के नहीं हैं,योगी के अफसर...!!!

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में अब लॉकडाउन ही बना सहारा...

शेर की दहाड़ सरीखे गर्जना करने वाले सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ जी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव परिणाम आते ही उन्हें सांप सूंघ गया उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शुरू में कर्फ्यू/लॉक डाउन का विरोध करने वाले योगी जी अब लॉक डाउन मामले में शांत पड़ गए। शांत ही नहीं पड़े, बल्कि साप्ताहिक 3 दिन के लॉक डाउन के साथ 2 दिन और लॉक डाउन बढ़ाने की घोषणा करके गुलाटी मार गए हैं। उसके बाद से फिर तो एक सप्ताह का लॉक डाउन बढ़ाया जाने लगा। पहले 17 मई किया गया, फिर 24 मई किया गया और अब 31 मई किया गया। पूरा मई लॉक डाउन की भेंट चढ़ गया लॉक डाउन की हकीकत देख लेने से योगी सरकार के निर्णय पर तरस आता है चूँकि 50फीसदी दुकानें खुलने लगी हैं और 70फीसदी ट्रैफिक सड़क पर रहता है। फिर ये कैसा लॉक डाउन...???

सूबे में लॉक डाउन लगाने के नाम पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी विदक जाते थे। कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट पाँच जिले में 5दिनों के लिये लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया तो योगी सरकार गुस्से से लाल पीली हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील तक की। अपील रातोंरात तैयार हुई और हाईकोर्ट को ही प्रतिवादी बना दियासुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गलती मानते हुए सरकारी वकील ने उसे सुधारा और स्वीकार किया कि रातोंरात रिट तैयार हुई। जल्दबाजी में गलती हुई जिसे क्षमा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट तब जाकर हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे ऑर्डर पास किया। साथ ही योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने हिदायत भी दी कि कोरोना संक्रमण के मामले में विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। तब जाकर योगी सरकार साप्ताहिक लॉकडाउन में एक दिन की बढ़ोतरी करते हुए शनिवार के साथ रविवार को भी वीकेंड लॉक डाउन करने का फैसला किया।

मध्यम वर्ग के लोगों के लिए लॉक डाउन अब करो या मरो जैसा...

पूरे प्रदेश में जिला पंचायत सदस्य सीट जीतकर जिला पंचायत के बोर्ड पर कब्जा जमाने की मंशा पर प्रदेश की जनता ने पानी फेर दिया है। सो वही योगी सरकार जो लॉक डाउन के नाम पर भड़क जाती थी, वही अब कोरोना संक्रमण के नाम पर सूबे में पहले 2दिन का लॉकडाउन बढ़ाया। फिर उत्तर प्रदेश में 10मई तक लागू कोरोना कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ाई गयी। लॉकडाउन/कर्फ्यू के नाम पर भड़क जाने वाली UP की शक्तिशाली, बलशाली टीम अब लगातार लॉक डाउन बढ़ा रही है। पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराकर सूबे में कोरोना संक्रमण को दावत देकर बुलाया गया। जब कोरोना वायरस समूचे प्रदेश में अपनी जड़ें जमा ली तो योगी सरकार उसे उखाड़ फेंकने के लिए उसके पास लॉक डाउन के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा। सरकार में बैठे जिम्मेदार समय रहते क्यों निर्णय लेने में फेल हो जाते हैं ? इन पर कब जिम्मेदारी तय की जायेगी ? इतने लोगों की जान चली गई और ये अभी भी सिर्फ खयाली पुलाव पका रहे हैं। फेंक आकड़े के बल पर जनता में सन्देश देना चाहते हैं कि आल इज बेल

जब उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन करने का निर्देश दिया था, तब हेकड़ी दिखाते हुये योगी सरकार ने लॉकडाउन करने से इंकार कर दिया था और सर्बोच्च न्यायालय जा कर स्टे ले लिया था आज वही सरकार लॉक डाउन कर रही है। लोग एक-एक सांस के लिए तड़प तड़प कर मर रहे हैंउच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय लगातार एक से बढ़कर एक कठोर टिप्पणी कर रही है,परन्तु न्यायालय की टिप्पणी का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है क्योंकि करना तो सबकुछ सरकार को है। कोर्ट सिर्फ अवमानना की बनरघुड़की ही दे सकती है कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यहाँ तक कह दिया कि आक्सीजन की सप्लाई न कर पाने से होने वाली मौतें सामूहिक नर संहार करने जैसा है। आज सरकारें फेल हो चुकी हैं लोग भगवान भरोसे जिन्दगी की भीख मांग रहे हैं। देश में आपातकाल की घोषणा कर राष्ट्रपति शासन लग जाना चाहिए और कुछ दिनो के लिए सारी व्यवस्था सेना के हाथो में दे देनी चाहिए।


उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ पंचायत चुनाव के लिए जब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई तो चुनाव कराने और उसकी तिथि तक हाईकोर्ट ने तय किया था। जबकि पंचायत के गठन की अवधि जून माह तक थी। 25दिसम्बर को कार्यकाल खत्म हुआ था। तब तो हाईकोर्ट अवमानना की चाबुक दिखा रही थी यही नहीं जब पंचायत चुनाव रोकने की रिट दाखिल हुए तो यही हाईकोर्ट उसे खारिज कर दिया। कहा कि चुनाव को नहीं रोका जा सकता है फिर जब सब सत्यनाश हो गया तो हाईकोर्ट ने योगी सरकार को आदेश जारी कर लॉक डाउन वो भी 5शहरों में 6दिनों के लिए लगाने को कहा। योगी सरकार भी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई और स्थगनादेश ले आई हाईकोर्ट तो अपना वजूद खुद खत्म किया। सरकार और न्यायपालिका में वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ जाए तो जान लीजिये कि उस देश और संविधान का सत्यानाश ही हैआज कलम की जगह जुबानी जुमला चल रहा है। बहुत हो गया। अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका है। पानी सर से ऊपर जा चुका। पता नहीं और क्या, क्या देखना और सहना होगा...???

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