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रविवार, 30 मई 2021

पेड़ लगाकर पर्यावरण को शुद्ध बनाये और प्राकृतिक आक्सीजन से जीवन को बचाएं

आओ मिलकर मिशन ग्रीन इंडिया के सपने को साकार करें...

पर्यावरण से ही जीवन सुखमय बन सकता है...


मूलतः उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ जनपद अवध क्षेत्र में आता है और प्रभु श्रीराम जी की विशेष कृपा इस जनपद के ऊपर रहती है
विगत 14 माह से कोरोना महामारी के भयावह स्थिति के बाद भी अन्य जिलों की अपेक्षा प्रतापगढ़ में संक्रमण और उस संक्रमण से जनहानि कम हुई। हालाँकि इसमें स्वास्थ्य ब्यवस्था का विशेष रोल नहीं रहा स्वास्थ्य ब्यवस्था तो पूरी तरह ध्वस्त रही। कोरोना संक्रमण के दूसरे वेब में कोरोना महामारी पूरे मानव समाज को हिलाकर रख दिया सबसे अधिक दिक्कत आक्सीजन की हुई उस समय जो जागरूक मनुष्य रहा वह आक्सीजन की महत्ता को समझा परन्तु जैसे ही आक्सीजन की स्थिति सामान्य हुई, फिर आदतन मनुष्य अपनी बीती समस्या को भूल जाता है। 


पीपल को सबसे अधिक आक्सीजन देने वाला बृक्ष माना गया है...


फिलहाल हमे अपने लिए न सही परन्तु अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए प्राकृतिक आक्सीजन के लिए विचार करना चाहिए कि प्रकृति में आक्सीजन की उपलब्धता कैसे बढ़ें ? राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष भ्रष्ट नौकरशाही के कन्धों पर पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित करने के नाम पर अरबों रूपये का बजट पेड़ लगाने और उसके रख रखाव के लिए बनाती है और बजट आवंटित होते ही बेईमान और भ्रष्ट अफसरों द्वारा उसे हजम करने की पूरी ब्यवस्था बनाकर उसे खत्म कर दिया जाता है सारे कार्य कागज पर कर लिए जाते हैं। कोई बोलने वाला नहीं है पर बिना बोले अब चलने वाला भी नहीं है। अब नहीं बोलेंगे तो आने वाली पीढ़ी हमें गालियाँ देंगी। उठिए और अपनी निद्रा को भगाइए मानव जीवन मिला है तो कुछ करके अपने जीवन धन्य बनाइए। 


अब ऐसे पेड़ लगाने पर हो तो नहीं सकते,परन्तु अभी जो हैं,उसे देखकर संतोष कर सकते हैं...


बरसात का महीना आने वाला है बरसात में ही पेड़ जो हमें आक्सीजन देते हैं, उन्हें लगाने का समय उपर्युक्त माना गया है जो सम्पन्न लोग हैं वो पेड़ लगाने के लिए आगे आये और पेड़ लगाने के लिए एक टीम बनाकर पर्यावरण बचाने का कार्य करें। तभी आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ हवा में जी सकेंगी और प्राकृतिक आक्सीजन ग्रहण कर सकेंगी पेड़ तो बहुत लोग लगाना चाहते हैं,परन्तु उनके पास जगह का आभाव रहता है इसलिए बहुत इच्छा के बाद भी वह पेड़ नहीं लगा सकते। इसके लिए उस ब्यक्ति को आगे आना होगा, जिसके पास जगह तो है, परन्तु वह संसाधन से संपन्न नहीं है।  इसलिए वह पेड़ नहीं लगा सकता इसके लिए उस ब्यक्ति को अपनी उस जमीन पर पेड़ लगाने के लिए खुलेमन से समाज के उन लोगों से सहयोग लेना चाहिए जो स्वेच्छा से सहयोग करने को तैयार हो ! उन्हीं के सहयोग से उस जमीन पर पेड़ लगाने के लिए आग्रह करना चाहिए और उसे संरक्षित और सुरक्षित रखते हुए उसके विकास में भी सहयोग लेना चाहिए ऐसा करके हम और स्वस्थ वातावरण तैयार कर सकते हैं। 

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