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सोमवार, 17 मई 2021

कोरोना संक्रमण काल में जनपद प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री डॉ नीलकंठ त्रिपाठी जी हो गए हैं,लापता

जनपद प्रतापगढ़ में 7 विधायक, 3 एमएलसी और डेढ़ सांसद एवं तीन मंत्रियों के अतिरिक्त जिले में प्रभारी मंत्री डॉ नीलकंठ त्रिपाठी के कंधे पर जिले के चहुमुखी विकास की रहती है,जिम्मेवारी ! भूले भटके सिविर की तरह विधायक और सांसद तो दिख भी जाते हैं,परन्तु कोरोना संक्रमण काल में प्रभारी मंत्री कहीं नजर नहीं आ रहे हैं...

जनपद प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री डॉ नीलकंठ त्रिपाठी जी...

उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक प्रभारी मंत्री नियुक्त किया जाता है। उस मंत्री को उस जिले का प्रभार देकर शासन/सरकार समीक्षा करती है। परन्तु कोरोना संक्रमण काल में प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री जिले से लापता हैं। जिले की समस्या से उन्हें कोई लेना देना नहीं। विकास की समीक्षा बैठक करने पहले आते थे। कोरोना संक्रमण काल में विकास का पहिया थम गया है। ऊपर से पंचायत चुनाव था। सिर्फ कोरोना संक्रमण काल में सारी योजना स्वास्थ्य विभाग के हाथ में है। स्वास्थ्य विभाग का मुखिया सीएमओ प्रतापगढ़ शासन और सरकार से सीधे डील कर रहा है। जिले के विधायकों, मंत्रियों और सांसद सहित भाजपा जिलाध्यक्ष स्वास्थ्य महकमा के मुखिया डॉ अरविन्द कुमार श्रीवास्तव को सेट कर रखा है।

प्रभारी मंत्री डॉ नील कमल त्रिपाठी जी लगता है,अपना हिस्सा सीएमओ प्रतापगढ़ डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव से अपना प्रतिनिधि भेजकर सीधे मंगा लेते हैं। तभी तो जिले से लापता हैं। प्रतापगढ़ की जनता के सुख दुःख से प्रभारी मंत्री महोदय का कोई लेना देना नहीं है पूर्व प्रभारी मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह जी जब प्रयागराज से लखनऊ के रास्ते से जाती थी तो कुंडा में स्वास्थ्य विभाग का कोई प्रतिनिधि लिफाफे के साथ मिलता था। एक बार हमने भी लिफाफे में नोट भरते स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी को देखा था और मेरे द्वारा लिफाफे में धन रखने का कारण जानने का प्रयास किया गया तो उसने हाथ जोड़ लिया और कहा कि मेरी नौकरी चली जायेगी। माफ करियेगा यही सिस्टम है और इसी सिस्टम को फालो करके ही नौकरी करनी पड़ती है। सरकार चाहे जिसकी हो परन्तु लिफाफे का सिस्टम नहीं बदलता...!!!

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