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बुधवार, 7 अप्रैल 2021

देश में शातिरों की नहीं है,कोई कमी...!!!

माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दाखिल वाद संख्या-1205/2015 में दिनांक 8 दिसम्बर, 2016 को पारित आदेश की तिथि से तीन माह के अन्दर न्यायालय में आत्म समर्पण अपनी जमानत करा लेने के आदेश के बावजूद अभी तक आरोपी/अभियुक्तगणों द्वारा नहीं कराई गई जमानत l

अदालत का आदेश ठेंगे पे...
फूलपुर थाने के इंस्पेक्टर की कृपा पर माननीय न्यायालय के द्वारा जारी गैर जमानतीय वारंट (NBW) होने के बाद भी उपरोक्त आरोपियों/अभियुक्तों से धनादोहन करके जमानत न कराने में पहुंचायी जाती है,मदद ! प्रश्नोत्तरी लेने से खुला जालसाजों का रहस्य ! जो हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा सकता है, वह कितना बड़ा शातिर और जालसाज होगा...???

न्यायालय श्रीमान् प्रथम द्रुतगामी न्यायाधीश महोदय प्रतापगढ़ के यहाँ वाद संख्या-64/2014 अंतर्गत धारा- 498 (A), 323IPC व 3/4 DP Act का वाद प्रचलित है l जिसमें राज्य बनाम अजय कुमार पुत्र प्यारे लाल, प्यारे लाल पुत्र जोखू लाल, अनीता देवी पुत्री प्यारे लाल चंपा देवी पुत्री प्यारे लाल, कमला देवी पत्नी प्यारे लाल एवं संजय कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी- भुमई हुसानगंज, कोड़ापुर बाजार, थाना-फूलपुर, जनपद-प्रयागराज द्वारा नहीं कराया गई,जमानत l


पीड़िता साधना गुप्ता 
योगी राज में कानून का राज कायम रहने की दी जाती है,दुहाई ! असलियत देखकर खुली की खुली रह आँख ! योगी बाबा की पुलिस जिस पर हो मेहरबान उसका कोई नहीं बिगाड़ सकता काम ! फूलपुर की पुलिस की दरिन्दगी देखिये जिस पीड़ित महिला को उसकी ससुराल वाले घर में रहने न देते हों ! मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मार डालने का प्रयास किये हों और उसके आरोप में जेल गए हों ! गुजारा भत्ता देने के आदेश का भी अनुपालन न करते हों ! ऐसे गंदे और गिरी हुई मानसिकता के लोगों को फूलपुर पुलिस का संरक्षण प्राप्त है ! यही नहीं फूलपुर पुलिस को प्यारे लाल और उनका पूरा परिवार अपने घर बुलाकर उनकी मेहमाननवाजी करता है और बदले में पीड़ित साधना गुप्ता को महिला सिपाही द्वारा प्रताड़ित करवाया जाता है l यही है,योगी महाराज की महिला सशक्तिकरण की हकीकत ! ऐसे में पीड़िता किससे करे फरियाद जब स्थानीय पुलिस ही NBW के आरोपियों की मददगार हो...!!!

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