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मंगलवार, 30 मार्च 2021

भाजपा के कथित जिला ब्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सुनील गोयल को गौमाता से होती है,परेशानी

एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कोतवाली नगर में नहीं दर्ज हुआ मुकदमा, भदरी हाउस में बढ़ रही है टशन पुलिस समय रहते नहीं लिया निर्णय तो किसी दिन घट सकती बड़ी घटना...!!!

फर्नीचर एवं होटल ब्यवसायी सुनील गोयल और हीरो/टीवीएस मोटरसाइकिल एवं होटल ब्यवसायी शिव शंकर उर्फ भोले सिंह में है,गहरा याराना। दोनों एक जिस्म दो जान की कहावत को करते हैं,चरितार्थ...!!!

BJP जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र की कृपा से भाजपा में घटिया से घटिया लोगों की कर ली गई है,भर्ती। कुछ दिनों तक सांसद संगम लाल गुप्ता का पीआरओ बनकर सुनील गोयल अधिकारियों पर झाड़ता था,रौब...!!!

भदरी हाउस मुहल्ले के दो यारों की ऐसी जोड़ी जिन्हें गाय से होती है,परेशानी...

दिग्गज भाजपाईयों से विनोद दुबे जी का सवाल कि क्या भारत जैसे देश में गौ माता को भोजन देना पाप है ? यदि पाप है तो वह आजीवन यह पाप करने के लिए तैयार हैं। परन्तु आरएसएस और दिग्गज भाजपाई क्या यह बतायेंगे कि जिस गौ सेवा और हिंदुत्व की दुहाई देकर भाजपा सत्ता में आई थी वह अब उनके एजेंडे में है या नहीं ! सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जब प्रतापगढ़ आये थे और कंधई मधुपुर में रात्रि प्रवास किये थे तो सुबह गायों को चारा खिलाया था और गौसेवा का संकल्प मौजूद लोंगो को दिलाया था, परन्तु यहाँ तो कथित भाजपाई ही गौसेवा के लिए बाधक बने हुए हैं ! कथित भाजपाई रोज योगी और मोदी की देते हैं,जी भरकर गाली...!!!

 

गौसेवक विनोद कुमार द्विवेदी और गौभक्त सुधीर रंजन द्विवेदी...

प्रतापगढ़ कोतवाली नगर में कल देर शाम कचेहरी रोड़ पर भदरी हाउस में दो पक्षों में गाय को चारा देने को लेकर कहासुनी होने लगी। एक पक्ष से अवकाश प्राप्त ग्रामीण बैंक मैनेजर विनोद दुबे जी एवं गौ सेवक सुधीर रंजन द्विवेदी रहे तो दूसरे पक्ष से शिव शंकर उर्फ भोले सिंह एवं उनके अति करीबी ब्यवसायी साथी सुनील गोयल रहे। इन दोनों पक्षों के बीच गाय को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। कल शाम को भी गाय को चारा देने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि आपात कालीन सेवा UP112 को सूचना देकर बुलाना पड़ा

 फिल्म शोले में बीरू और जय एक दूसरे के लिए मरने-मिटने के लिए तैयार रहते थे,
परन्तु यहाँ ऐसा नहीं है !यहाँ स्वार्थ की मित्रता है...

दोनों पक्षों में हो रहे तकरार की सूचना पर पहुँची पुलिस को देखते ही भाजपा के कथित नेता सुनील गोयल मौके से फरार हो गए। क्योंकि उनपर धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में 5मार्च को कोतवाली नगर में अनिल कुमार विश्वकर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है। सो चालाक किस्म का पैंतरेबाज सुनील गोयल पुलिस के आते ही भाग लिया। मौके पर मिले दोनों पक्षों को पुलिस कोतवाली लेकर गई। दोनों तरफ से पड़ी एक दूसरे के खिलाफ तहरीर। एक पक्ष से सुधीर रंजन द्विवेदी ने दी तहरीर दी तो दूसरे पक्ष से होटल एवं हीरो एवं टीवीएस मोटरसाइकिल के डीलर शिव शंकर उर्फ भोले सिंह ने तहरीर दी

ऐसे साथी कम दिखते हैं जो फोटो खिंचवाते समय भी विरोधी दिशा में देखते हों...

गौसेवा का विरोध करने वाला भाजपा का कथित नेता सुनील गोयल तहरीर देने कोतवाली नगर जाने की हिम्मत तक न जुटा सका। इसलिये अपने अति करीबी साथी शिव शंकर उर्फ भोले सिंह से तहरीर दिलवाई। परन्तु थोड़ी ही देर में शिव शंकर उर्फ भोले सिंह ने वापस ले ली अपनी तहरीर। इस संबंध में जब भोले सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने तहरीर देने की बात से ही मुकर गए। सफाई में इतना जरूर बोले कि वह भी गौभक्त हैं। गौ सेवा से उन्हें कोई तकलीफ नहीं होती। तकलीफ है तो सिर्फ गाय द्वारा गोबर के रूप में मोहल्ले में घरों के सामने गोबर कर देने से है। साथ ही कुछ गाय जो महिलाओं को देखती ही दौड़ा कर मार देती हैं। इससे उन्हें दिक्कत होती है। उनका कहना है कि मोहल्ले में लड़ाई खगड़ा करना अच्छा नहीं होता

सुधीर रंजन द्विवेदी की तहरीर पर नहीं दर्ज हुआ कोतवाली नगर में मुकदमा...

जबकि असल सच्चाई यह है कि दोनों पक्षों में गाय को लेकर जब तकरार बढ़ी और पुलिस आई तो दोनों पक्षों से लोग कोतवाली गए। सिर्फ सुनील गोयल डर वश नहीं गए। जब कोतवाली नगर में सुधीर रंजन द्विवेदी की तरफ से तहरीर पड़ गई तो दूसरे पक्ष से अपने बचाव में भोले सिंह ने भी तहरीर दे डाली। साथ ही मुहल्ले वालों में कुछ महिलाओं के हस्ताक्षर तो कुछ पुरुषों के हस्ताक्षर करवा कर तहरीर के साथ सपोर्ट के लिए लगाया गया। ताकि लगे कि गायों से मुहल्ले के लोग वास्तव में हैरान व परेशान हैं। ये सपोर्ट में लगे हस्ताक्षर देखने मात्र से लग रहा था कि एक ही कलम से एक ही ब्यक्ति द्वारा घटना के बचाव में हस्ताक्षर बनाकर मामले में बचाव किया गया है

शिव शंकर सिंह "भोले" द्वारा दी गई तहरीर जो कुछ ही देर में वापस ले ली गई...

फिलहाल भोले सिंह को जब इस बात का इतिमिनान हो गया कि सुधीर रंजन द्विवेदी की तहरीर में उनका नाम नहीं है तो भोले सिंह ने अपनी आदत के मुताविक बड़ी ही चालाकी के साथ कोतवाली नगर में दी तहरीर वापस ले ली। यानि कुछ ही देर में यह तय हो गया कि सुनील गोयल से भोले सिंह का कोई मतलब नहीं है। यदि सुधीर रंजन द्विवेदी की तहरीर में सुनील गोयल का नाम है और भोले सिंह का नहीं है तो सुनील गोयल अपना समझे। भोले सिंह द्वारा विनोद द्विवेदी से बातचीत करके अपने और उनके संबंधों की दुहाई देते हुए अपनी दी हुई तहरीर वापस ले ली। क्योंकि भोले सिंह के खिलाफ सुधीर रंजन दुबे की तरफ से दी गई तहरीर में कोई जिक्र ही नहीं था। इसे देखकर भोले सिंह की मित्रता पर संदेह उत्पन्न होने लगा और फिल्म याराना में एक यार ने दूसरे यार पर अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया था। यहाँ तो एक मित्र अपना नाम तहरीर में न देखकर अपनी शिकायत ही वापस ले ली

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