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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

कारसेवकों का हत्यारा कौन...???

भगवान श्रीराम को तो मन्दिर मिल गया,क्या उनके नाम पर मर मिटने वाले कारसेवकों की आत्मा को शांति मिल पायेगी या नहीं...

हमारे प्रभु श्रीराम जी के मंदिर पर न्यायिक जीत के साथ विश्व के अद्वितीय मंदिर के रूप में निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया, परन्तु निहत्थे कारसेवकों के हत्यारों को कब मिलेगी, सजा ! उनकी आत्माओं की शान्ति हेतु और उनके परिजनों को न्याय दिलाने हेतु भारत सरकार और प्रदेश की योगी सरकार क्या जनभावनाओं की इच्छाओं का सम्मान करते हुए ये कठोर निर्णय ले पायेगी...??? 

अयोध्या में कारसेवकों के नरसंहार का जिम्मेदार कौन...

कहते हैं कि समय के साथ लोगों के दिलों के घाव भर जाते हैं, परन्तु सच यह है कि कुछ घाव ऐसे होते हैं जो जीवनपर्यन्त कभी नहीं भरते l ऐसा ही दर्द लिए बैठे हैं आरएसएस के लल्लू राम गुप्ता l अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आन्दोलन के साक्षी रहे लल्लू राम गुप्ता आज भी वर्ष-1990 के नरसंहार में मारे गए कारसेवकों की गाथा बताते हुए अपनी आँखों से निकलने वाले आसुओं को रोक नहीं पाते l आईये अयोध्या में कारसेवकों के साथ शामिल रहे लल्लू राम गुप्ता की जुबानी अयोध्या में पुलिस द्वारा निहत्थे कारसेवकों के नरसंहार की कहानी l

ये सवाल आज भी जिन्दा है कि किसके आदेश से कारसेवकों को गोलियों से भूना गया...

यह कि मैं लल्लू राम गुप्ता पुत्र स्व. बैजनाथ गुप्ता निवासी ग्राम– लाखीपुर, पोस्ट- बांसूपुर, थाना- कोंहडौर, जनपद-प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश का हूँ l मेरी संघ आयु 40 वर्ष है l

स्वयं सेवक लल्लू राम गुप्ता...

यह कि मैं लल्लू राम गुप्ता भारत सरकार के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र भाई जी मोदी व भारत सरकार के गृहमंत्री माननीय श्री अमित शाह जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी से माँग करता हूँ कि 31अक्टूबर व 2 नवम्बर,1990 इन दो तारीखों में कई हजार कारसेवकों को गोलियां चलवाकर कारसेवकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी l श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में कारसेवा करने के उद्देश्य से 2नवम्बर,1990 को मैं भी कारसेवकों के समूह कतार में अयोध्या कोतवाली वाले रोड़ पर था l वहाँ के हालात और स्थिति बहुत भयावह थी l पुलिस द्वारा बिना किसी चेतावनी दिए ही पहले आँसू गैस के गोले कारसेवकों के ऊपर छोड़े गए l फिर निहत्थे कारसेवकों को गोलियों से भून दिया गया l


यह कि मैं लल्लू राम गुप्ता पूरी घटना का चश्मदीद रहा और भगवान श्रीराम जी की अनन्य कृपा से मैं वहाँ रहते हुए बचा l जब किसी पब्लिक प्लेस पर पुलिस आँसू गैस के गोले छोड़ती है तो पहले आगाह करती है, फिर आँसू गैस के गोले दागती है, परन्तु अयोध्या में कारसेवकों के ऊपर छोड़े गए आँसू गैस गोले से पहले किसी तरह की कोई चेतवानी पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं दी गई l अभी कारसेवक आँसू गैस के गोले से संभल भी नहीं पाए थे कि अचानक पुलिस कारसेवकों पर गोलियां दागनी शुरू कर दी, जिससे कई हजार कारसेवक बिना कुसूर के मारे गए l भगवान श्रीराम जी की कृपा से किसी तरह बचकर लगभग शाम 4बजे कारसेवकपुरम अयोध्या पहुँचा और वहीं पर रात्रि विश्राम किया l 3 नवम्बर,1990 को लगभग 3बजे अपने घर बस से आया l भगवान श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आन्दोलन सही दिशा में चल रहा था l चूँकि पहले उ.प्र. के उच्च न्यायालय में निर्णीत हुए वाद में जो निर्णय आया वह भी कारसेवकों के पक्ष में रहा और अपील के बाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय में भी जो निर्णय हुआ उसमें तो एकदम स्पष्ट कर दिया कि श्रीराम जन्मभूमि सिर्फ और सिर्फ श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट की है l वहाँ मस्जिद का कोई स्थान नहीं l


यहीं नहीं बाबरी विध्वंस मामले में सभी आरोपियों को जब कई वर्ष ट्रायल के बाद निर्दोष साबित कर उन्हें बाइज्जत छोड़ दिया गया तो इससे यह साबित हो गया कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आन्दोलन सही दिशा में चल रहा था l उन पर जो गोलियां पुलिस वालों ने चलाई वह गलत थी l गोली चलवाने का आदेश देने वाले तत्कालीन अधिकारियों सहित शासन व प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित कर उन पर मुकदमा सरकार को चलाना चाहिए l तभी कारसेवकों की आत्मा को शांति मिलेगी और उनके परिजनों को न्याय मिल सकेगा l इसके लिए सरकार यदि मेरी सुरक्षा की जिम्मेवारी लेने के लिए कटिबद्ध होती है तो मैं घटना का चश्मदीद होने के कारण घटना की तहरीर देने के लिए तैयार हूँ l चूँकि मेरे मन को सुकून तभी मिलेगा जब बेकुसूर कारसेवकों के हत्यारों को फांसी की सजा मिलेगी l नहीं तो मन में यह टीस बनी रहेगी कि कई हजार निहत्थे कारसेवकों की गोली मारकर हत्या करवाने वाले आज भी बचे हुए हैं और राजनीति कर रहे हैं l

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