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गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

शराब के नशे में धुत होकर प्रतापगढ़ पुलिस करती है,ड्यूटी का निर्वहन

रात में किसी को नहीं रहा खाकी का भय शराबी सिपाहियों की जमकर हुई खातिरदारी... 

महिला से घर में घुसकर छेड़खानी करने वाले सिपाहियों को भीड़ ने पीटना शुरू किया तो दूसरा साथी जान बचाकर भाग निकला... 

कोहड़ौर थाने में तैनात सिपाही को छेड़खानी के आरोप में मदाफरपुर बाजार में भीड़ ने पीटा...

प्रतापगढ़। शराब के नशे में धुत होकर प्रतापगढ़ पुलिस अपनी ड्यूटी का निर्वहन करती है। शराब पीने की बात खाकी पहने वर्दीधारी खुद कबूल कर रहा है। शराबी सिपाही का वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रतापगढ़ पुलिस की नाक कट गई। शराबी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए उतरे आलाधिकारियो को मुंह चिढ़ाता हुआ शराबी सिपाही का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में सिपाही सीना ठोंक कर कह रहा है कि किसी के बाप के नहीं, बल्कि अपने पैसे की शराब पीकर ड्यूटी करता हूँ। 

          अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अपने बयान में शराबी सिपाहियों के बचाव मुद्रा में नजर आए...

कोहड़ौर थाने में तैनात सिपाहियों द्वारा मदाफरपुर बाजार में बुधवार शाम को महिला के घर में घुसकर महिला के साथ छेड़खानी करने की बात सुनकर मौके पर पहुँचे लोगों ने शराबी सिपाहियों के दुर्ब्यवहर से आवेशित हो गए और उनकी पिटाई कर दी। पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा अपने सिपाहियों के बचाव में अब एकतरफा कार्यवाही करने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। जबकि पीड़ित महिला द्वारा सिपाहियों की शिकायत की गई है कि दोनों सिपाही शराब के नशे में धुत होकर उसके घर में जबरन घुसकर उसके साथ छेड़खानी कर रहे थे, उसके बावजूद पुलिस एकतरफा कार्यवाही कर रही है

 
                         पुलिस के सिपाही का कबूलनामा कि हाँ,मैं पीता हूँ...अपने पैसे की पीता हूँ...

"हाँ, मैं पीता हूं... अपने पैसे की पीता हूं...!" ये दावा है कोहड़ौर थाना क्षेत्र के मदाफरपुर बाजार में भीड़ के बीच पकड़े गए सिपाही का ! जिसे अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अपने बयान में बचाते नजर आए। शराब के नशे में धुत होकर प्रतापगढ़ पुलिस अपनी ड्यूटी का निर्वाहन करती है और शराब के नशे में धुत होकर उपद्रव और छेड़खानी जैसी घटना करने के बाद आक्रोशित भीड़ के हाथ पिटने की भी शौक रखती है खाकी पहने वर्दीधारी शराब पीने की बात खुद कबूल कर रहा है। सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हुआ तो शराबी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए उतरे आलाधिकारियो को मुंह चिढ़ाता हुआ शराबी सिपाही के वायरल वीडियो के आगे आलाधिकारियों को भी जवाब देना भारी पड़ रहा था। क्योंकि ये किसी का आरोप नहीं था कि सिपाही शराब के नशे में धुत था !  

                                       भीड़ के सामने शराबी सिपाही की बंद हो गई बोलती... 

चूँकि जब स्वयं सिपाही सीना ठोंक कर कह रहा है कि वह किसी के बाप की नहीं, बल्कि अपने पैसे की शराब पीकर ड्यूटी करता है। फिर तो पुलिस के आलाधिकारियों को सवाल का जवाब देना भी भारी पड़ेगा और सच के सामने मुँह भी चुराना पड़ेगा। पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा अपने शराबी सिपाहियों पर अंकुश लगाने को कौन कहे ? उल्टा पुलिस अपनी खाकी के दम पर आम जनता को कानून के उस डंडे से समझाना चाहती है, जिसे वह कानून की रखवाली के लिए देश के संविधान द्वारा प्राप्त किया है। 


                       मदाफरपुर बाजार जहाँ पुलिस और ब्यापारी रमेश के यहाँ घटना घटित हुई...

अब कानून के रखवाले ही यदि कानून तोड़कर किसी महिला की इज्जत का जनाजा निकालने का कार्य करेंगे और पकड़े जाने पर आक्रोशित लोगों द्वारा उनकी पिटाई हो जाती है तो पुलिस के आलाधिकारियों को उनका बचाव न करके उन पर कार्यवाही करनी चाहिए न कि उनका बचाव करते हुए पीड़ित के साथ मदद करने पहुँचे लोगों पर पुलिसिया कार्यवाही करनी चाहिए चूँकि भीड़ में यदि कोई बाहुबली भी किसी महिला का चरित्र हनन करने का प्रयास करता है तो भीड़ आज भी उसके बाहुबल से नहीं डरती और उसकी भी पिटाई मौके पर हो ही जाती है। इसलिए कानून के रखवालों को विशेष रूप से बचना चाहिए कि वो नशे में कोई ऐसी गलती न करें जिससे वो भीड़ के हाथों पिटे। चूँकि भीड़ में अराजकता वाले अधिकांश लोग शामिल रहते हैं और वो अपने हाथों की सफाई बेहतर ढंग से करना जानते हैं

 महिला का आरोप कि शराब के नशे धुत सिपाहियों ने पति को मारा व उसके साथ छेड़खानी की...


यहाँ तो किसी महिला के साथ छेड़खानी की घटना एक कानून का रखवाला करता है तो उसके साथ भी एकत्र भीड़ ने वही कार्य किया जो बाहुबली के साथ किया जाता है। फिर पुलिस अपने शराबी सिपाहियों के बचाव में क्यों कार्य कर रही है ? पुलिस की नाक कटवाने का कार्य करने वाले उन सिपाहियों के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ? जब कानून के रखवाले ही रक्षक से भक्षक बनकर उसे निगल जाने का प्रयास करेंगे तो उत्तर प्रदेश में जंगल राज होने से कौन रोक सकेगा ? पुलिस के शराबी सिपाहियों से अधिक कष्ट लोगों को पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा एकतरफा कार्यवही किये जाने से है। भीड़ में जो भी पुलिस के सिपाहियों को पीटते नजर आ रहे हैं, उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए और शराबी सिपाहियों को सेवा नियमावली एवं आचरण के प्रति घोर लापरवाही के विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए। समाज के लिए एक अच्छा सन्देश तभी होगा जब सभी दोषियों के प्रति एक समान कार्यवाही होगी

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