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गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव को लेकर सक्रिय हुई योगी सरकार, UP पंचायत की जारी हुई अधिसूचना

यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण अधिसूचना जारी, रोटेशन सिस्टम रहेगा लागू जिन पदों पर पहले कभी नहीं हुआ आरक्षण, उन्हें मिलेगी वरीयता

पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को इस बार NO Dues भी देना पड़ेगा...

पंचायत चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों को सहकारी समितियों को पूरा बकाये का भुगतान करना होगा अन्यथा चुनाव लड़ने से वंचित रह जाएंगे यह जानकारी सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता प्रमोद वीर आर्य ने दी है यह नियम नए उम्मीदवारों के लिए लागू होंगे

     आरक्षण व्यवस्था पर होगा खास ध्यान-अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार,पंचायती राज विभाग

इस बार पंचायत चुनावों में आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। 1995 से अब तक पिछले 5 चुनावों का रिकॉर्ड देखा जा रहा है। सबसे पहले वहां आरक्षण लगेगा, जहां पहले आरक्षण नहीं था। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 826 ब्लॉक के जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा और पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी। दो मार्च से 8 मार्च तक लिखित आपत्ति दर्ज करानी होगी। उन्होंने बताया कि 2015 में जो आरक्षण की स्थिति है, वह 2021 में नहीं होगी।


आरक्षण प्रक्रिया में अपनाया जाएगा चक्रानुक्रम का फार्मूला...

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में आरक्षण नीति का नोटिफिकेशन जारी कर त्रिस्तरीय सामान्य निर्वाचन-2021 की दिशा में चुनाव कराने हेतु आगे कदम बढ़ा दिया है योगी सरकार पहले उहापोह में थी और पंचायत चुनाव समय से कराने में टाल मटोल के मद्देनजर हाईकोर्ट में समय से चुनाव कराने के लिए याचिका दाखिल हुई तो योगी सरकार की हीलाहवाली से हाईकोर्ट नराजगी जताई और एक निर्धारित समय सीमा के अंदर आरक्षण की प्रक्रिया सम्पन्न कर चुनाव कराने का निर्देश दिया तो सरकार भी उ प्र त्रिस्तरीय सामान्य निर्वाचन-2021 (UP Panchayat Election 20201) के लिए आरक्षण नीति (Reservation Policy) व शासनादेश को लेकर पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है

अपर मुख्य सचिव (ACS) मनोज कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस बार पंचायत चुनावों में रोटेशन लागू किया जाएगाउन्होंने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर क्षेत्र पंचायत के सदस्य ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है इस शासनादेश में उनके आरक्षण आवंटन की व्यवस्था घोषित की गई है पिछले पांच चुनावों का रिकॉर्ड देखा जाएगाउन्होंने बताया कि एससी, ओबीसी महिला के क्रम में आरक्षण होगा अपर मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो पद पहले आरक्षित नहीं था, उन्हें वरीयता दी जाएगी इसके लिए 20 फरवरी तक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा इसके अलावा जिसे आपत्ति देना होगा वो 2 से 8 मार्च तक आपत्ति दे सकेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जिला पंचायत का आरक्षण का आवंटन निर्गत किया गया है पंचायत प्रमुख का जनपद वार आरक्षण चार्ट भी जारी हो गया है अब निदेशालय द्वारा विकासखंड वार प्रधानों के पदों का आरक्षण चार्ट तैयार कर जनपदों को उपलब्ध कराया जाएगा

निदेशालय स्तर पर जिला पंचायत राज अधिकारी तथा प्रमुख अधिकारियों का प्रशिक्षण 16 फरवरी से 17 फरवरी तक होगाजनपद स्तर पर विकास खंड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 18 फरवरी से 19 फरवरी तक होगा जनपद स्तर पर आरक्षित ग्राम पंचायत, प्रधानों तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के आवंटन का जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्ताव 20 फरवरी से 1 मार्च तक तैयार होगा

 

एसटी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष में आरक्षण नहीं...

पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने बताया कि जिलों के सापेक्ष प्रदेश में कुल 75 जिला पंचायत अध्यक्ष के पद हैं अनुसूचति जनजाति (ST) के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष में कोई पद आरक्षित नहीं है ब्लॉक प्रमुख के 5 पद आरक्षित हैं 330 ग्राम पंचायत के पद एसटी के लिए आरक्षित हैंवहीं अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 जिला पंचायत के पद आरक्षित हैं इसी तरह पिछड़ी जातियों के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के 20 पद आरक्षित होंगे वहीं महिलाओं के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के 25 पद आरक्षित होंगे 27 जिला पंचायत अध्यक्ष के पद अनारक्षित होंगेइसी तरह से प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख के कुल पद 826 हैं इनमें एसटी के लिए 5 पद आरक्षित हैं, जबकि एससी के लिए 171 पद आरक्षित होंगे ओबीसी के लिए 223 पद आरक्षित होंगेबाकी पद अनारक्षित रहेंगेग्राम पंचायतों के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या 58194 है एसटी के लिए 330 पद आरक्षित हैं, जबकि एससी के लिए 12045 पद आरक्षित हैंइसी तरह ओबीसी के लिए 15712 पद आरक्षित हैं

जिला पंचायत अध्यक्ष के कुल पद- 75, SC के लिए 16 पद आरक्षित (6 पद महिलाओं को आरक्षित) OBC के लिए 20 पद आरक्षित (7 पद महिलाओं को आरक्षित) महिलाओं को 25 पद आरक्षित, एसटी के लिए 0 आरक्षित, अनारक्षित- 27 पदब्लॉक प्रमुख – कुल 826 पद ST के लिए 5 पद आरक्षितSC के लिए 171 पद अरक्षितOBC के लिए 223 पद आरक्षितग्राम प्रधान- कुल 58194 पदST के लिए 330 पद आरक्षितSC के लिए 12045 पद आरक्षितOBC के लिए 15712 पद आरक्षित

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जिलाधिकारी ही ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर के आरक्षण प्रणाली तय करेंगे। जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वह अनारक्षित व ओबीसी हो सकते हैं। पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी थी जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए नहीं आरक्षित हुई एवं 7 ऐसी जिला पंचायत की जो महिलाओं के लिए नहीं हुई। पुरानी व्यवस्था के तहत चुनावों में शिक्षा आड़े नहीं आएगी। 826 ब्लॉक, 58194 ग्राम पंचायतों में वार्डों की संख्या का गठन हो चुका है। जो पद पहले कभी आरक्षित नही हुए उन्हें वरीयता दी जाएगी, एससी, ओबीसी, महिला के क्रम में पिछले निर्वाचन को देखते हुए आरक्षण लागू किया जाएगा।

इस बार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ पंचायतों के वार्डों के आरक्षण की नीति लागू होगी। वर्ष 1995 में पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था और उसमें आरक्षण के प्रावधान लागू किए गए थे, लेकिन तब से अब तक हुए पांच पंचायत चुनावों में जिले के कई ग्राम पंचायतें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत अध्यक्ष के पद आरक्षित होने से वंचित रह गए। ऐसे में इस बार जिला पंचायत परिषद के सभी 20 वार्डों, ग्राम प्रधान के 244, क्षेत्र पंचायत के 505 और वार्ड सदस्य के 3322 पदों के आरक्षण में चक्रानुक्रम फार्मूला अपनाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में सभी जिलाधिकारियों को कहा गया है कि नियमावली के अनुसार, पंचायतों में आरक्षण चक्रानुक्रम रीति से ही होगा लेकिन जहां तक हो सके, पूर्ववर्ती निर्वाचनों अर्थात सामान्य निर्वाचन वर्ष 1995, 2000, 2010 और वर्ष 2015 में अनुसूचित जनजातियों को आवंटित जिला पंचायतें अनुसूचित जनजातियों को आवंटित नहीं की जाएगी और अनुसूचित जातियों को आवंटित जिला पंचायतें अनुसूचित जातियों को आवंटित नहीं की जाएंगी। इसी तरह पिछड़े वर्गों को आवंटित जिला पंचायतें पिछड़े वर्गों को आवंटित नहीं की जाएंगी।

पंचायतों का आरक्षण के सम्बन्ध में पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एससी, ओबीसी, महिला क्रम में पिछले चुनावों को देखते हुए आरक्षण लागू किया जाएगा। जो पद पहले कभी आरक्षित नहीं हुए उनको वरीयता दी जाएगी। 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा। साथ ही जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी। 2 से 3 मार्च के बीच प्रधानों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायत के आरक्षित प्रदेशिक आरक्षण निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की प्रस्तावित सूची का जिलाधिकारी द्वारा प्रकाशन किया जाएगा। 4 मार्च से लेकर 8 मार्च तक, 4 दिन में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। जिसे भी आपत्ति करनी है, लिखित आपत्ति दर्ज करानी पड़ेगी। 10 से 12 मार्च के बीच आई हुई आपत्तियों का निस्तारण करते हुए अंतिम सूची तैयार की जाएगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर, क्षेत्र पंचायत के सदस्य, ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है। पंचायत चुनाव में 2015 में जो आरक्षण की स्थिति थी, वह इस चुनाव में नहीं होगी। जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वे इस बार अनारक्षित व ओबीसी के हो सकते हैं। कोई भी ऐसा पद जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित नहीं हुआ, वह शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित हो सकता है। ऐसे ही जिला पंचायत का कोई अध्यक्ष पद नहीं आरक्षित रहा है, तो वह आरक्षित हो सकता है। कोई ऐसा पद जो ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है, वह ओबीसी के लिए आरक्षित होगा इसी तरह कोई पद महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुआ तो इस बार हो सकता है।

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