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सोमवार, 21 सितंबर 2020

रेप के आरोप के बाद चीख चीखकर स्पर्म तक दिखाने वाली पीड़िता भी बलात्कार के आरोपी डॉक्टर से कर लिया 10लाख में समझौता

पैसे के आगे बलात्कार जैसा घिनौना आरोप लगाने वाली युवती भी पैसे पर कर लिया समझौता...

फिजिशियन आर डी द्विवेदी के साथ हर वक्त रहने वाला चहेता एमआर डब्बू सिंह को भी पीड़िता ने बनाया था,आरोपी...

जनता भी गजब की है, जो जनता ये कह रही थी कि अब डॉ आर डी द्विवेदी के यहाँ दवा कराने कोई नहीं जाएगा,आज उसी डॉ आर डी द्विवेदी के यहाँ रोडबेज बस स्टॉप के आगे प्राईवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉ आर डी द्विवेदी के यहाँ लाइन लगाकर कराती हैं,अपना इलाज...

मीडिया के लोगों को समाज में घटित चर्चित घटनाओं के परिणाम को भी समाज के लोगों को समय-समय पर कराना चाहिये स्मरण...
 कोतवाली नगर में बलात्कार का आरोपी चिकित्सक आर डी द्विवेदी... 
आज आईये आप सबको दो वर्ष पहले घटित घटना का स्मरण कराता हूँ। प्रतापगढ़ जिला अस्पताल पुरुष में सीएमएस पद से अवकाश प्राप्त करने के बाद डॉ आर डी द्विवेदी संविदा पर जिला अस्पताल पुरुष में कार्य करने लगे। वजह उनको मिला सरकारी आवास न खाली करना पड़े। साथ ही बना बनाया प्राईवेट प्रैक्टिस पर कोई असर न आये। चूँकि डॉ आर डी द्विवेदी पैसे के बहुत बड़े लोभी हैं। वो पैसे के आगे सारे सम्बन्धों को लात मारकर पहले पैसा प्राप्त करना उनका उद्देश्य होता है। अर्थ को अधिक तवज्जों देने वाले ब्यक्तियों में से डॉ आर डी द्विवेदी का नाम लिया जा सकता है।

मूलतः पड़ोसी जनपद जौनपुर के रहने वाले डॉ आर डी द्विवेदी को प्रतापगढ़ रास आ गया। उनकी बहुत अच्छी प्रैक्टिस चलती है। वो अच्छे फिजिशियन हैं। परन्तु चरित्र के गिरे हुए इंसानों में से एक हैं। लगोंट के कच्चे होने की वजह से कुछ वर्ष पहले चिकित्सा जगत को बदनाम करने में डॉ आर डी द्विवेदी कोई कसर नहीं छोड़े। अपने आवास पर प्राईवेट प्रैक्टिस के दौरान एक पूर्व परिचित महिला मरीज को ईलाज के दौरान जबरन बलात्कार करने का आरोप उन पर लगा था। हुआ यूँ कि डॉ आर डी द्विवेदी अपने दिनचर्या के हिसाब से अपने आवास पर प्राईवेट प्रैक्टिस के रूप में मरीज देख रहे थे।

डॉक्टर आर डी द्विवेदी जहाँ पहले किराए पर रहते थे, उसी के बगल एक महिला के यहाँ से डॉ साहेब के घरेलू तालुकात थे। वह महिला मुस्लिम थी और कुछ ही वर्ष पहले उसका निकाह हुआ था। परन्तु शौहर से न जमने के कारण उस महिला का तलाक हो गया। फिर वह महिला अपनी ससुराल मुंबई से चलकर प्रतापगढ़ आकर अपने मायके रहने लगी। उस महिला के डॉ साहेब फेमिली डॉ रहे सो वह महिला डॉ साहेब से पूर्व परिचित थी। लिहाजा उस दिन जब वह महिला स्वयं को दिखाने डॉ आर डी द्विवेदी के आवास पहुँची तो बिना रोक टोक के वह डॉ साहेब के कमरे में दाखिल हो गई और अपनी समस्या बताई। डॉ साहेब भी उसे देखने के लिए अंदर वाले कमरे में ले गए। वहाँ उसे मरीज वाले बेड पर लिटाकर उसका चेकप किया।

महिला मरीज के चेकप के बाद उसके साथ आये उसके भाई को डॉ आर डी द्विवेदी ने कुछ दवा लेने के लिए एक कागज के टुकड़े पर लिखकर दिया और कहा कि ये दवा/इंजेक्शन बाहर से ले आओ। डॉ आर डी द्विवेदी ने ये सोचा भी न था कि महिला मरीज के साथ आया उसका भाई इतनी जल्दी दवा लेकर वापस आ जायेगा। महिला मरीज का भाई जब डॉक्टर साहेब के चैंबर में पहुँचा तो वहाँ उसकी बहन नहीं दिखी तो वह बगल वाले कमरे में पहुँच गया, जहाँ मरीजों को लिटाकर डॉक्टर साहब चेकप करते थे। महिला मरीज का भाई जब अंदर वाले कमरे में दाखिल हुआ तो वहाँ की सीन देखकर वह स्तब्ध रह गया और वह कुछ बोल पाता इससे पहले वह महिला रोते हुए डॉ साहेब से अपने को अलग करते हुए अपने भाई से बताने लगी कि डॉ साहेब और उनका सहयोगी डब्बू सिंह उसके साथ बलात्कार किये l उसकी इज्जत लूट लिए l

अक्सर ऐसा पाया गया है कि जो मामले रजामंदी के होते हैं उन मामलों में यदि किसी ने देख लिया तो महिला पक्ष का आरोप होता है कि उसके साथ जोर जबर्दस्ती करके उसकी इज्जत लूट ली गई l डॉ आर डी द्विवेदी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ l फिलहाल भाई की जानकारी होने पर सर्वप्रथम भाई ने अपनी बहन को लेकर जिला अस्पताल आया और वार्ड में भर्ती कर दिया और पुलिस को सूचना दी तो पुलिस आकर डॉ आर डी द्विवेदी को हिरासत में लेकर कोतवाली नगर चली गई l ये खबर पूरे शहर में जंगल की आग की भाँति फैल गई l डॉ साहेब से जुड़े कुछ लोग कोतवाली नगर पहुँचे तो डॉ साहेब ने अपने बचाव में उपाय पूछा तो एक साथी ने उपाय सुझाया कि अब तो सिर्फ और सिर्फ एक रास्ता है इस कोतवाली से बाहर निकलने का l डॉ साहेब ने बड़ी उत्सुकता से पूछा कि वो रास्ता क्या है ? जिस पर उस साथी ने सुझाया कि सिर्फ बेहोश होने का नाटक करें और ऐसे में अन्य साथी लोग ये कहने लगेंगे कि ये दिल किए मरीज हैं और इन्हें दिल दौरा भी पड़ सकता है l ऐसे में इन्हें पहले स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहिए l डॉ साहेब को वो सुझाव रास आया और वो देखते ही देखते कोतवाली नगर के अन्दर बेहोश होकर नाटकीय अंदाज में गिर गए l

कोतवाली नगर में मीडियाकर्मियों की टीम पहले से मौजूद थी जो बिग ब्रेकिंग डाली तो जिला अस्पताल से चिकित्सकों की एक टीम कोतवाली नगर मय एम्बुलेंस पहुँच गई और पुलिस पर दबाव बनाकर बलात्कार के आरोपी डॉ को जिला अस्पताल उठा लाये और उन्हें ग्लूकोज लगाकर एक बेड पर लिटा दिया गया l जब मामला ठंडा पड़ा तो धीरे से डॉ आर डी द्विवेदी पीजीआई लखनऊ के लिए बिना पुलिस को सूचना दिए निकल लिए l इधर डॉ साहेब के सम्पर्क वाले उस महिला के घर का चक्कर लगाने लगे l पीड़िता के भाई और माँ-बाप से सुलह समझौते की पहल होने लगी l शुरुवात में बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला का भाव बहुत अधिक रहा l महिला के पक्ष से सुलह समझौता करने वाले पहले तो डॉ साहेब से लखनऊ में एक फ्लैट देने के बात किये l बात नहीं बनी 15 लाख रुपये की माँग की गई l काफी मान मनौव्वल के बाद पीड़ित महिला के पक्ष से भाव डाउन हुआ और पैसे के आगे पीड़िता और उसके परिजन झुक गए, जिसके बाद लगभग 10 लाख रूपये लेकर सबकुछ मैनेज हो गया l ऐसी चर्चा पूरे प्रकरण को लेकर समाज में होती रही l परन्तु इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी l

कथित बलात्कार पीड़िता के मैनेज होने की पुष्टि सिर्फ इस बात से हो सकी कि जो पीड़िता अस्पताल में चीख चीखकर अपने सलवार और समीज पर स्पर्म तक गिरा हुआ दिखा रही थी वह महिला डॉ आर डी द्विवेदी से पैसे लेकर समझौता कर लिया l इस घटना में एक बात और उभर कर आई थी कि डॉ आर डी द्विवेदी के और उस महिला के आपसी तालुकात पहले से थे l वो तो भाई ने देख लिया, इसलिए मामला बिगड़ गया और डॉ साहेब को सौदा महंगा पड़ा l क्योंकि डॉ साहेब को कई रात नींद नहीं आई होगी जो उनका 10लाख रुपये एक झटके में निकल गए l कईयों का तो ये भी तर्क था कि पीड़ित महिला के पूरे परिवार वाले जानबूझकर ऐसा नाटक किये और डॉ आर डी द्विवेदी से धनादोहन किये l एक कहावत है कि सूम की कमाई चमरघेट में लगाई l इस घटना का आज उल्लेख करने का सिर्फ एक ही मकसद रहा कि समाज के लोग इस बात को जाने कि बड़ी से बड़ी घटनाओं के घटित होने के बाद उसका अंतिम परिणाम ऐसा भी होगा जिसे बहुत कम लोग जान पाते हैं l

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