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रविवार, 2 अगस्त 2020

जिला प्रशासन प्रतापगढ़ का शहरी क्षेत्र वाला लॉकडाउन कल से नहीं रहेगा प्रभावी,सभी दुकाने सोमवार से शुक्रवार तक पूर्ववत खुली रहेगी

➤सिर्फ शहरी क्षेत्र में लॉक डाउन का आदेश जारी कर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ डॉ रूपेश कुमार ने बढ़ाई थी शहरी क्षेत्र वासियों के लिए मुश्किलें...
 ➤शहरी दुकानदार फोन कर एक दूसरे से कर रहे हैं,कन्फर्म कि क्या है जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने नगरीय क्षेत्र में सोमवार से शुक्रवार तक स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन का आदेश बढ़ाया है या नहीं...???
 शहरी क्षेत्र में खत्म हुआ सोमवार से शुक्रवार वाला जिला प्रशासन का लॉकडाउन...
जिला प्रशासन प्रतापगढ़ द्वारा कोई दिशा निर्देश न जारी करने से राखी के त्यौहार पर शहरी दुकानदारों में बनी रही असमंजस की स्थिति दिनांक 21जुलाई की शाम 8 बजे जिलाधिकारी प्रतापगढ़ डॉ रूपेश कुमार ने शहरी क्षेत्र में लॉक डाउन का आदेश जारी कर पूरी तरह लॉक डाउन किये जाने का आदेश जारी किया था। शनिवार और रविवार को उत्तर प्रदेश शासन स्तर से 55घंटे वाला लॉक डाउन का आदेश जारी है सिर्फ रक्षा बंधन त्यौहार के दृष्टिगत रविवार को मिठाई और रक्षाबंधन की दुकान खोलने के लिए शासन स्तर से छूट दी गई थीपरन्तु जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर नगरीय क्षेत्र में सोमवार से शुक्रवार तक लॉक डाउन किये जाने के क्रम में कोई निर्णय स्पष्ट नहीं किया, जिससे शहरी दुकानदार असमंजस में हैं। 

प्रतापगढ़ जिला प्रशासन को तनिक भी चिंता अपने जिले के नागरिकों के प्रति नहीं है। जिलाधिकारी डॉ रुपेश कुमार का सरकारी नम्बर CUG उठता नहीं ! अपर जिलाधिकारी प्रतापगढ़/नोडल अफसर आपदा प्रबंधन शत्रोहन वैश्य को कोरोना संक्रमण होने के बाद से उनका भी प्रभारी उप जिलाधिकारी सदर मोहन लाल गुप्ता के पास है और अपर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के CUG नम्बर पर भी बात नहीं हो सकती ! उप जिलाधिकारी सदर मोहन लाल गुप्ता का CUG नम्बर उठता तो है पर वो भी ओवरलोडेड रहते हैं। जिले की ब्यवस्था राम भरोसे है। यहाँ के सांसद/विधायक और मंत्री सबके सब कोरोना संक्रमण काल में थक चुके हैं और जिले के नागरिकों को उनके हाल पर छोड़ चुके हैं। अब उन्हें विधानसभा-2022 के चुनाव में याद करेंगे, इसके पहले उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। 

"22मार्च से जनता कर्फ्यू लागू कर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की समस्त जनता से सहयोग कर कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने की बात की गई, जिस पर देश के नागरिकों ने पूरी तन्मयता से जनता कर्फ्यू का समर्थन किया। जनता कर्फ्यू की अपार सफलता से गदगद पीएम मोदी बिना दूरगामी विचार मीम्र्ष किये देश भर में 25मार्च से 21दिनों के लिए लॉक डाउन की घोषणा कर पूरे देश को ब्रेक कर दिया। फिर लॉक डाउन प्रथम नाम देकर चतुर्थ लॉक डाउन तक देश को लॉक रखा गया और फिर अनलॉक-1 करके आत्म निर्भर बनने का गुरुमंत्र देकर देश की अर्थब्यवस्था सुधरने के नाम पर सबकुछ खोल दिया गया। देश में अनलॉक-3 लागुकर उसकी गाइडलाइन जारी कर दी गई, परन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और जिले में तैनात जिलाधिकारी को लॉकडाउन की शक्ति देकर देश की जनता के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है आज देश की स्थिति बद से बद्तर हो चुकी है। देश की जनता धोबी के उस कुत्ते के समान हो चुकी है। वो न घर की रही और न घाट की ! देश की जनता का कोरोना संक्रमण ने धन भी खा गया और धर्म भी खा रहा है..."
कोरोना संक्रमण काल में देश और प्रदेश सहित जिले में तैनात जिले की नौकरशाही कन्फ्यूज हो चुकी है। उसे कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए शासन और प्रशासन के पास सिर्फ और सिर्फ एक हथियार है, उस हथियार का नाम है,लॉक डाउन। उत्तर प्रदेश की सरकार के अफसर अपने ही आदेश में उलझते नजर आ रहे हैं।लॉकडाउन जैसे गंभीर प्रकरण के आदेश में जिस तरह से शासन और प्रशासन अपने मनमानी तरके से आदेश जारी करता है,उसे किसी भी दशा में ब्यवहारिक नहीं कहा जा सकता ! क्योंकि बहुत से दुकानदारों के पास कच्चा माल होता है जो दुकान बंद होने की दशा में दूसरे दिन वह खराब हो जाता है ऐसे में शाम आठ बजे जिला प्रशासन द्वारा तुगलकी फरमान सुना देना कि कल से एक सप्ताह का लॉक डाउन किया जाता है ! ऐसे निर्णय से उन दुकानदारों का लाखों का नुकसान होता है, जिसका शासन-प्रशासन से कोई लेना देना नहीं रहता

सवाल उठता है कि आखिर ऐसे निर्णय को तानाशाही निर्णय न कहा जाए तो क्या कहा जाए ? रक्षा बंधन का त्यौहार पहले से तय था फिर भी शासन व प्रशासन निर्णय लेने  में बहुत देर की और कल देर से निर्णय लेकर प्रदेश की जनता की हितैषी बनते हुए योगी सरकार की अकर्मण्यत नौकरशाही सिर्फ मिठाई और राखी की दुकान खोलने का निर्णय लेते हुए गाइडलाइन जारी की राखी की दुकान के खुलने में कोई समस्या नहीं परन्तु मिठाई की दुकानों को खोलने और मिठाई बनवाने में बहुत समस्याएं होती हैं कच्चे माल जैसे खोया, छेना  आदि आइटम जो दूध से बनते हैं और कारीगर बनाते हैं वो इतने कम समय में कैसे मिठाई तैयार करके ग्राहकों को दे सकेंगे ? इसकी भी चिंता शासन प्रशासन में बैठे हुक्मरानों को नहीं रही

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